गुमला के पालकोट में दुर्गापूजा महोत्सव की तैयारियां तेज बघिमा में नई पूजा समिति का गठन आशीष प्रसाद बने अध्यक्ष
पालकोट के बघिमा में पूजा समिति की बैठक में नई कार्यकारिणी का हुआ गठन।

गुमला के पालकोट प्रखंड अंतर्गत बघिमा में दुर्गापूजा को लेकर पूजा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन करते हुए आशीष प्रसाद को अध्यक्ष चुना गया। बैठक में शांतिपूर्ण व भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा, सफाई और विद्युत व्यवस्था पर विशेष रणनीति बनाई गई।
- गुमला के पालकोट प्रखंड अंतर्गत बघिमा में दुर्गापूजा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
- सर्वसम्मति से आशीष प्रसाद को पूजा समिति का नया अध्यक्ष चुना गया है।
- दुर्गा सिंह को सचिव और रोहित नायक को कोषाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
- बैठक में सुरक्षा, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था और प्रसाद वितरण की तैयारियों पर चर्चा की गई।
- पूर्व पदाधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने नई समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
झारखंड के गुमला जिले के पालकोट प्रखंड अंतर्गत बघिमा में आगामी शारदीय नवरात्रि और दुर्गापूजा महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में बघिमा में पूजा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य दुर्गापूजा महोत्सव को अत्यंत भव्य, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना था। इस बैठक के दौरान न केवल महोत्सव की रूपरेखा तैयार की गई, बल्कि आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए नई कार्यकारिणी समिति का भी गठन किया गया, जिसमें युवाओं और अनुभवी लोगों को जगह दी गई है।
नई कार्यकारिणी का गठन: आशीष प्रसाद को कमान
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से नई पूजा समिति का गठन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। इस नई समिति में आशीष प्रसाद को अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही, दुर्गा सिंह को सचिव और रोहित नायक को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। समिति के सभी उपस्थित सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि नई समिति के नेतृत्व में इस वर्ष भी दुर्गापूजा का आयोजन ऐतिहासिक और भव्य रूप से संपन्न होगा।
बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर मंथन
बैठक में केवल समिति का गठन ही नहीं किया गया, बल्कि आगामी त्योहार को देखते हुए विभिन्न बुनियादी आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। पूजा पंडाल के निर्माण, विद्युत सज्जा, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और महाप्रसाद वितरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि इस वर्ष पंडाल के आसपास और मुख्य मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और वालंटियर्स की तैनाती पर भी सहमति बनी, जो स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश
दुर्गापूजा महोत्सव को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न मानकर इसे सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया गया। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह पर्व समाज को एकजुट करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का एक बेहतरीन माध्यम है। इसलिए सभी वर्गों और समुदाय के लोगों के सहयोग से इस पावन पर्व को अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा: "हम लोगों को जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरे निष्ठा के साथ निभाएंगे। इस बार हम सभी क्षेत्र के लोग मिलकर भव्य रूप से दुर्गापूजा महोत्सव को सफल बनाएंगे।"
बैठक में उपस्थित गणमान्य नागरिकों की सूची
इस महत्वपूर्ण बैठक में बघिमा और आसपास के क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। बैठक में मुख्य रूप से शामिल होने वालों में:
- पूर्व अध्यक्ष उत्तम साहू
- येन्द्र साहू
- रुपनारायण साहू
- अशोक साहू
- सूरज साहू
- सत्यनारायण साहू
- अमन विकास
- रुपेश साहू
- समीर साहू
- चतुर साहू
- अर्जुन साहू
- घूरन साहू
- जितेंद्र साहू
- उमेश साहू
- राहुल सोनी
- मनोज साहू
- सावन लोहरा
- राजेश नायक
- मनीष साहू
- राजू साहू
- भेलु साहू
- विक्रम बजरंगी साहू
- संजू साहू
- अनिल साहू
- मुकेश साहू
- धर्मजीत सिंह
- सुधीर खड़िया
- धर्मराज साहू
- गुडू सोनी
- उज्जवल सोनी
- मकुन्द साहू
- मनीष नायक
- घूरन सिंह
- विष्णु सोनी
- ऋषिकांत साहू
- अजय ठाकुर
- बुधराम साहू
- आदित्य साहू
- अरुण सोनी
- अरुण साहू
उपरोक्त सभी सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी इस बैठक के साक्षी बने और सभी ने आगामी त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
सत्य संदेश समाचार: [धार्मिक आयोजनों में सामाजिक समरसता और प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता]
बघिमा में दुर्गापूजा समिति का गठन और तैयारियों को लेकर की गई बैठक यह दर्शाती है कि ग्रामीण स्तर पर हमारे त्योहार आज भी आपसी एकता और सामूहिक जिम्मेदारी के प्रतीक हैं। नए पदाधिकारियों का चयन और बुनियादी व्यवस्थाओं पर चर्चा सराहनीय कदम है। हालांकि, केवल समिति के गठन से काम पूरा नहीं होता; स्थानीय प्रशासन को भी सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति जैसे मुद्दों पर सक्रिय सहयोग देना होगा। पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
त्योहार हमारे समाज का दर्पण होते हैं, जो हमें आपसी मतभेद भुलाकर एक सूत्र में पिरोते हैं। बघिमा की तरह ही हर क्षेत्र में शांतिपूर्ण और स्वच्छ वातावरण में पर्व मनाना हम सभी नागरिकों का सामूहिक कर्तव्य है। आइए, इस पावन अवसर पर हम न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लें, बल्कि अपने आस-पास की सफाई, सुरक्षा और भाईचारे को बनाए रखने में भी अपना अमूल्य योगदान दें।
दुर्गापूजा के इस पावन पर्व को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए आपके क्षेत्र में क्या तैयारियां चल रही हैं? अपने विचार और सुझाव नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें। इस महत्वपूर्ण खबर को अपने मित्रों और परिजनों के साथ साझा कर जागरूकता बढ़ाएं, ताकि हम सब मिलकर एक आदर्श और सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकें।
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