लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी का देश को ऐतिहासिक संबोधन महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से मांगा सहयोग और युवाओं के लिए खोला संभावनाओं का नया द्वार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश के विकास और महिला सशक्तिकरण का नया खाका खींचा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण कानून को जमीन पर उतारने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की। इसके साथ ही पीएम ने युवाओं के लिए नए अवसरों और देश के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप पेश किया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर लगातार 11वीं बार देश को संबोधित किया।
- पीएम ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को जल्द लागू करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील की।
- देश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप क्षेत्र में क्रांतिकारी योजनाओं की घोषणा की गई।
- संबोधन में विकसित भारत 2047 के संकल्प को दोहराते हुए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बनाने पर जोर दिया गया।
- कृषि, रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता को देश की प्रगति का मुख्य आधार बताया गया।
78वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। इस गौरवमयी समारोह में देश की प्रगति, एकता और अखंडता का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। अपने लगभग डेढ़ घंटे के लंबे संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान का एक स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इस वर्ष के भाषण का मुख्य केंद्र बिंदु महिला सशक्तिकरण और युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाना रहा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की विकास यात्रा में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और इसके बिना 'विकसित भारत' का सपना अधूरा है।
महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण कानून) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को नीति-निर्धारण में समान भागीदारी देना समय की मांग है। पीएम ने देश के सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस कानून को सुचारू रूप से लागू करने में सहयोग करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा: "नारी शक्ति का सामर्थ्य भारत की सबसे बड़ी ताकत है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जो कानून हम लाए हैं, उसे धरातल पर उतारने के लिए मैं सभी राजनीतिक दलों से खुले मन से सहयोग की अपील करता हूँ। यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि भारत के भाग्य को बदलने का एक सशक्त माध्यम है।"
पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो समाज और राष्ट्र का विकास दोगुनी गति से होता है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व की सराहना की, चाहे वह सेना हो, विज्ञान हो या फिर ग्रामीण स्तर पर स्वयं सहायता समूह।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास की नई राहें
भाषण का एक बड़ा हिस्सा देश के युवाओं और उनके भविष्य को समर्पित था। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, और इस जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का सही उपयोग करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने सरकार द्वारा शुरू की गई नई इंटर्नशिप योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों का विवरण दिया।
पीएम ने घोषणा की कि देश के शीर्ष उद्यमों में युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए बड़े पैमाने पर इंटर्नशिप कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्टार्टअप इंडिया के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत के युवा न केवल रोजगार पाने वाले बनेंगे, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदाता भी बनेंगे।
आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक नेतृत्व का संकल्प
प्रधानमंत्री ने 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' अभियानों की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब केवल एक बाजार नहीं रहा, बल्कि विनिर्माण (Manufacturing) का एक बड़ा केंद्र बन रहा है। उन्होंने रक्षा उत्पादन, मोबाइल विनिर्माण और सेमीकंडक्टर मिशन में देश की उपलब्धियों को गर्व से साझा किया।
कृषि क्षेत्र में सुधारों की चर्चा करते हुए पीएम ने जैविक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे किसानों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इसके अतिरिक्त, हरित ऊर्जा (Green Energy) और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारत के प्रयासों की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है।
समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथि और अभूतपूर्व उत्साह
इस ऐतिहासिक समारोह में देश के कोने-कोने से आए विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित मंत्रिमंडल के तमाम सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी लोग, जैसे प्रगतिशील किसान, ओलंपिक एथलीट, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सीमावर्ती गांवों के सरपंच भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। लाल किले के प्रांगण में उपस्थित जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था, जो नए भारत के निर्माण के संकल्प के साथ एकजुट थे।
सत्य संदेश समाचार: नीति और नीयत का ऐतिहासिक समन्वय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन केवल एक औपचारिक भाषण नहीं, बल्कि भविष्य के भारत का एक दूरदर्शी दस्तावेज है। महिला आरक्षण और युवा सशक्तिकरण जैसे विषयों को प्राथमिकता देना यह दर्शाता है कि सरकार की नीतियां समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, इन योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन्हें जमीनी स्तर पर कितनी पारदर्शिता और गति के साथ लागू किया जाता है। राजनीतिक दलों को भी संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित के इन मुद्दों पर रचनात्मक सहयोग देना चाहिए।
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