गुमला में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया रक्षाबंधन का पावन पर्व बहनों ने भाई की कलाई पर बांधी राखी बाजारों में दिखी भारी रौनक
भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पूरे गुमला जिले में धूमधाम से मनाया गया।

गुमला जिले और बसिया प्रखंड में रक्षाबंधन का त्योहार अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। बहनों ने शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। इस दौरान बाजारों में भारी रौनक रही और लोगों ने आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
- गुमला जिले सहित बसिया प्रखंड में भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
- सुबह से ही बहनों ने पूजा की थाली सजाकर भाइयों को तिलक लगाया और उनकी कलाई पर रेशमी राखी बांधी।
- भाइयों ने भी अपनी बहनों को सुरक्षा का वचन देते हुए उन्हें मनपसंद उपहार और स्नेह भेंट किया।
- बसिया के मुख्य बाजारों और बस स्टैंड के पास मिठाइयों और राखियों की दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी।
- यात्रियों की भारी आवाजाही के कारण बसों और अन्य वाहनों में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों ने नई पीढ़ी को रक्षाबंधन के पौराणिक महत्व और सामाजिक सौहार्द की सीख दी।
गुमला जिले में इस वर्ष भी रक्षाबंधन का पावन त्योहार बेहद खास और गरिमामयी ढंग से संपन्न हुआ। जिले के शहरी क्षेत्रों से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक में इस पर्व को लेकर सुबह से ही अद्भुत उत्साह देखा गया। भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते को मजबूत करने वाले इस त्योहार में हर घर खुशियों से सराबोर नजर आया। बसिया प्रखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने इस पारंपरिक उत्सव को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण अत्यंत सकारात्मक और आनंदमयी हो गया। हमारे गुमला प्रतिनिधि नीरज कुमार साहू की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवसर पर प्रशासनिक सतर्कता भी देखने को मिली।
पारंपरिक रीति-रिवाजों से महका हर घर-आंगन
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर गुमला जिले के प्रत्येक घर में सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो गई थी। बहनों ने सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान किया और भगवान की पूजा-अर्थना करने के बाद पूजा की थाली को बेहद खूबसूरती से सजाया। इस थाली में रेशमी व रंग-बिरंगी राखियां, रोली, अक्षत, चंदन, दीपक और पारंपरिक मिठाइयां सजी हुई थीं।
शुभ मुहूर्त के शुरू होते ही बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी और उनकी कलाई पर रक्षा का पवित्र धागा बांधा। बहनों ने इस दौरान अपने भाइयों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, भाइयों ने भी अपनी बहनों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, उन्हें जीवन भर हर परिस्थिति में रक्षा करने का वचन दिया और अपनी सामर्थ्य के अनुसार सुंदर उपहार व नकद राशि भेंट की। जिन भाइयों की बहनें दूर थीं, उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से इस त्योहार को मनाया, जिससे तकनीक के इस युग में भी रिश्तों की गर्माहट महसूस की गई।
बसिया के बाजारों में उमड़ी भारी भीड़ और रौनक
त्योहार को लेकर बसिया प्रखंड के मुख्य बाजारों में पिछले कई दिनों से चल रही तैयारियां अपने चरम पर पहुंच गईं। रक्षाबंधन के दिन सुबह से ही मुख्य बाजार, बस स्टैंड मार्ग और स्थानीय चौक-चौराहों पर स्थित दुकानों में खरीदारों का तांता लगा रहा। विशेष रूप से मिठाइयों और राखियों की दुकानों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी।
बाजार में बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां, जैसे छोटा भीम, डोरेमोन, और स्पाइडरमैन की भारी मांग रही, जबकि बड़ों के लिए सुंदर रेशमी धागे, चंदन की राखियां और डिजाइनर राखियां खूब बिकीं। मिठाइयों की दुकानों पर भी सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं, जहां लोगों ने काजू कतली, रसगुल्ला, पेड़ा और सोनपापड़ी जैसी पारंपरिक मिठाइयों की जमकर खरीदारी की। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि इस वर्ष त्योहार पर व्यापार काफी अच्छा रहा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी काफी बल मिला है।
परिवहन व्यवस्था पर दिखा त्योहार का व्यापक असर
इस विशेष अवसर पर अपने भाइयों के घर जाने वाली बहनों और अपनी बहनों से मिलने जाने वाले भाइयों के कारण सड़कों पर भारी चहल-पहल देखी गई। बसिया और गुमला के मुख्य बस स्टैंडों पर सुबह से ही यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी। बसों, ऑटो और अन्य निजी वाहनों में पैर रखने की जगह नहीं थी।
दूर-दराज के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों के कारण बसों का परिचालन सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहा। यात्रियों की इस भारी संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और यातायात पुलिस भी मुस्तैद रही ताकि कहीं भी जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और लोग सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। वाहनों में सफर कर रहे यात्रियों के चेहरों पर त्योहार की खुशी साफ झलक रही थी, जिससे पूरा यात्रा मार्ग भी उत्सवमय प्रतीत हो रहा था।
सामाजिक सौहार्द और पौराणिक परंपराओं का संदेश
गुमला जिले के विभिन्न गांवों में सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी रक्षाबंधन का पर्व बेहद शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर गांवों में विशेष बैठकें और मिलन समारोह भी आयोजित किए गए, जहां बुजुर्गों ने बच्चों और युवाओं को रक्षाबंधन के पौराणिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह त्योहार केवल सगे भाई-बहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करता है। बुजुर्गों ने युवाओं को समाज में महिलाओं का सम्मान करने, आपसी प्रेम बनाए रखने और किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने की सीख दी। इस दौरान विभिन्न समुदायों के लोगों ने भी एक-दूसरे को त्योहार की बधाई दी, जो हमारी बहुसांस्कृतिक विरासत की एक सुंदर तस्वीर पेश करता है।
> गुमला के स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है: "रक्षाबंधन केवल एक धागा बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में सुरक्षा, विश्वास और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमें इस परंपरा को हमेशा जीवंत रखना चाहिए।"
सत्य संदेश समाचार: त्योहारों में सामाजिक समरसता और सुरक्षा का संकल्प
गुमला में रक्षाबंधन का यह शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण आयोजन दर्शाता है कि हमारी सांस्कृतिक जड़ें आज भी कितनी मजबूत हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ और परिवहन की व्यस्तता को देखते हुए प्रशासन को सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि आम जनता को असुविधा न हो। ऐसे पावन अवसर समाज में बिखराव को रोककर एकता का सूत्र पिरोने का काम करते हैं, जिसे सहेज कर रखना हम सभी का दायित्व है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
त्योहार केवल उत्सव मनाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये हमें समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का अहसास भी कराते हैं। आइए, इस रक्षाबंधन पर हम न केवल अपने परिवार बल्कि अपने समाज और देश की हर बहन-बेटी की सुरक्षा और सम्मान का संकल्प लें। एक जागरूक नागरिक के रूप में अपने आसपास शांति, स्वच्छता और आपसी सौहार्द बनाए रखने में अपना योगदान दें।
सजक रहें, सक्रिय बनें। इस पावन पर्व पर समाज में प्रेम और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का संकल्प लें। इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में साझा करें, इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें और समाज में सकारात्मकता फैलाने में हमारी मदद करें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन









