बसिया के किन्दीरकेला में धार्मिक सौहार्द के साथ शान से निकाला गया जुलूस-ए-मोहम्मदी पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच देश में अमन-चैन की मांगी गई दुआएं
किन्दीरकेला गांव में अकीदत के साथ निकाला गया जुलूस-ए-मोहम्मदी और देश में अमन-चैन की मांगी दुआ।

गुमला जिले के बसिया प्रखंड अंतर्गत किन्दीरकेला गांव में ईद-मिलादुन्नबी का त्योहार अत्यंत अकीदत और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। गौसिया कमेटी के नेतृत्व में भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए मस्जिद पहुंचा। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहा और देश की तरक्की की दुआ मांगी गई।
- बसिया के किन्दीरकेला गांव में ईद-मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन किया गया।
- गौसिया कमेटी के तत्वावधान में भारी संख्या में अकीदतमंदों ने जुलूस में शामिल होकर धार्मिक एकता का परिचय दिया।
- सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए बसिया थाना प्रभारी कृष्णा कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मुस्तैद रहा।
- अंजुमन सदर शेख अजलम, सेक्रेटरी नूरुल खान और खजांची शेख आफताब सहित कई गणमान्य लोग जुलूस में उपस्थित रहे।
- गांव के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करने के बाद जुलूस स्थानीय मस्जिद पहुंचा, जहां देश की तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई।
गुमला जिले के बसिया प्रखंड के अंतर्गत आने वाले किन्दीरकेला गांव में इस वर्ष भी ईद-मिलादुन्नबी का पावन त्योहार बेहद अकीदत, उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर स्थानीय मुस्लिम समुदाय द्वारा भव्य 'जुलूस-ए-मोहम्मदी' का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। गौसिया कमेटी के बैनर तले आयोजित इस धार्मिक जुलूस में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक का उत्साह देखते ही बनता था। पूरे आयोजन के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां सभी ने मिलकर शांति का संदेश दिया।
गौसिया कमेटी के नेतृत्व में सजा जुलूस-ए-मोहम्मदी का कारवां
किन्दीरकेला गांव में ईद-मिलादुन्नबी यानी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) के मौके पर सुबह से ही उत्सव का माहौल था। गौसिया कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस जुलूस की तैयारियां कई दिनों पहले से ही शुरू कर दी गई थीं। गांव के घरों और गलियों को खूबसूरत हरे झंडों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था।
जुलूस की शुरुआत निर्धारित समय पर हुई, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और बुजुर्ग नए पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे शामिल हुए। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों के हाथों में इस्लामी परचम थे और वे पैगंबर साहब की शान में नात-ओ-मनकबत पढ़ते हुए आगे बढ़ रहे थे। जुलूस का नेतृत्व कर रहे युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। अनुशासन बनाए रखने के लिए कमेटी के वालंटियर्स लगातार सक्रिय रहे, जिससे आम राहगीरों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गांव के विभिन्न मार्गों का भ्रमण और सौहार्द का संदेश
यह भव्य जुलूस किन्दीरकेला गांव के विभिन्न मुख्य मार्गों और मोहल्लों से होकर गुजरा। रास्ते में जगह-जगह अन्य समुदायों के लोगों ने भी जुलूस का स्वागत किया, जो इस क्षेत्र की गहरी गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। जुलूस के दौरान आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने समाज में शांति और एकता के संदेश को और मजबूत किया।
ग्रामीणों ने बताया कि किन्दीरकेला हमेशा से ही शांतिप्रिय और आपसी प्रेम का प्रतीक रहा है। यहाँ सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान भी यही भाईचारा एक बार फिर धरातल पर नजर आया, जहां हर वर्ग के लोग इस खुशी के माहौल में शामिल दिखे।
पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इस चुनौती को बसिया पुलिस ने बेहद संजीदगी से संभाला। बसिया थाना प्रभारी कृष्णा कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम पूरे जुलूस मार्ग पर तैनात रही। पुलिस कर्मियों ने संवेदनशील मोड़ों और चौराहों पर विशेष नजर रखी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस-पब्लिक समन्वय पर बात करते हुए बसिया थाना प्रभारी ने स्थानीय लोगों की भूमिका की भी सराहना की।
थाना प्रभारी कृष्णा कुमार ने कहा: "शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में त्योहार संपन्न कराना पुलिस का मुख्य कर्तव्य है। किन्दीरकेला के ग्रामीणों और आयोजन समिति ने जिस तरह से अनुशासन का परिचय दिया और पुलिस का सहयोग किया, वह अत्यंत सराहनीय है। इसी आपसी समन्वय के बल पर पूरा आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।"
अंजुमन के पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी
इस पावन अवसर पर अंजुमन और स्थानीय समाज के कई वरिष्ठ व गणमान्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जुलूस को व्यवस्थित रूप से संचालित करने और युवाओं का मार्गदर्शन करने में अंजुमन सदर शेख अजलम, सेक्रेटरी नूरुल खान और खजांची शेख आफताब ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इनके अलावा समाज के प्रबुद्ध नागरिक और युवा नेता जैसे अफान खान और रुक्मान खान भी जुलूस में कंधे से कंधा मिलाकर चलते नजर आए। इन सभी पदाधिकारियों ने शांति बनाए रखने और जुलूस को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने में प्रशासन का पूरा सहयोग किया।
स्थानीय मस्जिद में देश की खुशहाली और अमन-चैन के लिए उठीं हाथ
गांव के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण करने के बाद, जुलूस-ए-मोहम्मदी स्थानीय जामा मस्जिद परिसर में पहुंचकर संपन्न हुआ। मस्जिद परिसर में सभी अकीदतमंदों ने एक सुर में देश की उन्नति, अखंडता और समाज में अमन-चैन बनाए रखने के लिए विशेष प्रार्थना की।
इस अवसर पर उलेमाओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब ने हमेशा दया, करुणा, भाईचारे और मानवता की सेवा का संदेश दिया है। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में वास्तविक शांति स्थापित की जा सकती है। दुआ के बाद सभी उपस्थित लोगों के बीच तबर्रुक (प्रसाद) का वितरण किया गया।
सत्य संदेश समाचार: सौहार्दपूर्ण समाज और प्रशासनिक सतर्कता की सुंदर मिसाल
बसिया के किन्दीरकेला गांव में जिस शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन किया गया, वह आज के समय में पूरे समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है। जब स्थानीय नागरिक और पुलिस प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो किसी भी प्रकार की असामाजिक ताकतें समाज का ताना-बाना नहीं बिगाड़ सकतीं। थाना प्रभारी कृष्णा कुमार और अंजुमन के पदाधिकारियों के बीच का यह समन्वय सराहनीय है। सत्य संदेश समाचार ऐसे प्रयासों की सराहना करता है जो समाज में नफरत को हराने और आपसी विश्वास को मजबूत करने का काम करते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एक आदर्श समाज का निर्माण केवल नारों से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाए जाने वाले आपसी प्रेम और जिम्मेदारी से होता है। किन्दीरकेला के नागरिकों ने यह साबित कर दिया है कि यदि हमारे इरादे नेक हों और हम नियमों का सम्मान करें, तो हर त्योहार खुशियों की नई सौगात लेकर आता है। हमें अपने दैनिक जीवन में भी इसी भाईचारे को बनाए रखना होगा और किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं या अफवाहों पर ध्यान न देकर अपने क्षेत्र में शांति स्थापित रखनी होगी। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहां हर धर्म और हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे।
सजग रहें, सक्रिय बनें। अपने क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की इस अलख को जगाए रखने के लिए अपना योगदान दें। आपको यह विशेष रिपोर्ट कैसी लगी? नीचे कमेंट बॉक्स में अपने विचार साझा करें, इस सकारात्मक खबर को अपने मित्रों के साथ शेयर करें और समाज में एकता का संदेश फैलाने में हमारी मदद करें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन









