गुमला में एमएसएमई मंत्रालय और भारतीय वाणिज्य मंडल का बड़ा आयोजन उद्यम पंजीकरण और सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनेंगे स्थानीय उद्यमी
गुमला में 'उद्यमी जागरूकता एवं विक्रेता विकास कार्यक्रम' आयोजित: 100 से अधिक उद्यमी हुए शामिल

गुमला के नगर भवन में मंगलवार को एमएसएमई मंत्रालय और भारतीय वाणिज्य मंडल के सहयोग से उद्यमी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में सौ से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देना और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है।
- गुमला के नगर भवन में भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय और भारतीय वाणिज्य मंडल के सहयोग से विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने की और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को मजबूत करने पर बल दिया।
- आयोजन में 100 से अधिक नए और वर्तमान उद्यमियों ने भाग लेकर व्यापारिक मार्गदर्शन प्राप्त किया।
- सार्वजनिक खरीद नीति के तहत महिला उद्यमियों से 3% और SC/ST MSME से 4% खरीद के विशेष प्रावधान की जानकारी दी गई।
- GeM पोर्टल, उद्यम पंजीकरण और ऋण सुविधाओं को लेकर तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने सीधा संवाद किया।
गुमला जिला प्रशासन और केंद्र सरकार के साझा प्रयासों से स्थानीय व्यापारिक माहौल को नया पंख देने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में मंगलवार को गुमला के नगर भवन में 'उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम' का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और बाजार की आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराना था। कार्यक्रम में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों और व्यापारिक जगत के विशेषज्ञों ने उद्यमियों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के रास्ते सुझाए।
स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग और स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुमला जैसे क्षेत्रों में असीम संभावनाएं हैं, बस आवश्यकता है सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन की। जिले के विकास में छोटे उद्योगों की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा: "स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारे युवा और उद्यमी सरकारी योजनाओं, उद्यम पंजीकरण (सरकारी ई-बाजार) पोर्टल और उपलब्ध वित्तीय-तकनीकी सहायता का पूरा लाभ उठाएं। जब स्थानीय स्तर पर उद्योग पनपेंगे, तभी पलायन जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।"
विशेष सार्वजनिक खरीद नीति: महिला और वंचित वर्गों को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति (Public Procurement Policy) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उद्यमियों को बताया गया कि केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) द्वारा की जाने वाली कुल खरीद में सूक्ष्म और लघु उद्योगों की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
इस नीति के तहत विशेष रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। नीति के अंतर्गत SC/ST स्वामित्व वाले MSME से 4% और महिला उद्यमियों से 3% वार्षिक खरीद का विशेष प्रावधान अनिवार्य किया गया है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस योजना का लाभ उठाकर महिलाएं और आरक्षित वर्ग के उद्यमी अपने व्यापार को सीधे सरकारी विभागों के साथ जोड़ सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।
तकनीकी सत्र: GeM पोर्टल, बैंकिंग और निविदा प्रक्रिया का प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दूसरे चरण में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs), बैंकिंग संस्थानों, जिला उद्योग केंद्र और GeM (Government e-Marketplace) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। तकनीकी विशेषज्ञों ने स्थानीय उद्यमियों को सरकारी ई-बाजार (GeM) पोर्टल पर पंजीकरण करने की पूरी प्रक्रिया समझाई।
उद्यमियों को सिखाया गया कि कैसे वे बिना किसी बिचौलिए के सीधे सरकार के साथ व्यापार कर सकते हैं। इसके साथ ही, सरकारी निविदा (Tender) प्रक्रिया, विक्रेता सूचीबद्धता (Vendor Listing) और बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न ऋण सुविधाओं (Credit Facilities) पर सीधा संवाद स्थापित किया गया। उद्यमियों के मन में उठने वाले विभिन्न सवालों और शंकाओं का विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही समाधान किया गया।
प्रमुख व्यापारिक दिग्गजों और अधिकारियों की उपस्थिति
इस गरिमामयी कार्यक्रम में व्यापारिक और प्रशासनिक जगत की कई महत्वपूर्ण हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भारतीय वाणिज्य मंडल के अध्यक्ष सुबीर पॉल और महासचिव हेमा एक्का ने भी उद्यमियों को संबोधित करते हुए बाजार की नई संभावनाओं और तकनीकी बदलावों को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, बैंक प्रबंधक और बड़ी संख्या में स्थानीय व्यवसायी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को गुमला के औद्योगिक विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया।
सत्य संदेश समाचार: स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय और जरूरी पहल
गुमला में आयोजित यह कार्यक्रम निश्चित रूप से जिले के आर्थिक परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, केवल एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रमों से आगे बढ़कर प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि उद्यमियों को ऋण मिलने और सरकारी पोर्टलों पर पंजीकरण के दौरान जमीनी स्तर पर किसी भी लालफीताशाही का सामना न करना पड़े। बैंक और जिला उद्योग केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना समय की मांग है ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवा उद्यमियों को बिना किसी बाधा के पूंजी और बाजार मिल सके। सत्य संदेश समाचार का मानना है कि जब तक जमीनी स्तर पर नीतियों का सरलीकरण और कड़ाई से पालन नहीं होगा, तब तक वास्तविक आत्मनिर्भरता का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
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देश और राज्य का विकास तभी संभव है जब हमारे स्थानीय उद्यमी, महिलाएं और युवा स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनेंगे। सरकारी योजनाओं, उद्यम पंजीकरण और डिजिटल मंचों का सही उपयोग करके हम न केवल अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें और 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को साकार करें।
गुमला के इस सराहनीय प्रयास और सरकारी खरीद नीति पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि ऐसे आयोजनों से जमीनी स्तर पर व्यापारिक बदलाव आएगा? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें, इस महत्वपूर्ण खबर को अपने उद्यमी मित्रों और समूहों में शेयर करें ताकि अधिक से अधिक लोग इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
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