सिमडेगा में मोर पुलिस मोय पुलिस अभियान के तहत छात्र-छात्राओं के लिए प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन उत्कृष्ट विद्यार्थी हुए सम्मानित
महाबुअंग के जनता हाई स्कूल में पुलिस ने बच्चों को किया जागरूक और पुरस्कृत।

सिमडेगा के महाबुअंग थाना क्षेत्र में मोर पुलिस मोय पुलिस अभियान के तहत जनता हाई स्कूल जीतू टोली में प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में कक्षा 8वीं से 10वीं के 400 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस-पब्लिक संबंधों को मजबूत करना है।
- सिमडेगा पुलिस द्वारा महाबुअंग थाना क्षेत्र के जनता हाई स्कूल जीतू टोली में 'मोर पुलिस मोय पुलिस' कार्यक्रम के तहत प्रतियोगिता परीक्षा का सफल आयोजन किया गया।
- इस प्रतियोगिता परीक्षा में विद्यालय के कक्षा 8वीं, 9वीं और 10वीं के कुल 400 छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
- परीक्षा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में सामान्य ज्ञान, कानून व्यवस्था और सामाजिक दायित्वों के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना है।
- प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
- पुलिस अधीक्षक ने मीडिया सेल के जरिए सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सिमडेगा जिला पुलिस प्रशासन की ओर से सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। पुलिस अधीक्षक के कुशल मार्गनिर्देशन में पूरे जिले में 'मोर पुलिस मोय पुलिस' अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 10 सितंबर 2026 को महाबुअंग थाना क्षेत्र के जनता हाई स्कूल जीतू टोली में एक विशेष प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन किया गया। इस अनूठे प्रयास का उद्देश्य न केवल बच्चों की शैक्षणिक क्षमता को परखना है, बल्कि उनके मन से पुलिस के प्रति भय को दूर कर एक मैत्रीपूर्ण माहौल का निर्माण करना भी है।
'मोर पुलिस मोय पुलिस' अभियान का मुख्य उद्देश्य
सिमडेगा जिला एक जनजातीय बहुल क्षेत्र है, जहां ग्रामीण और जंगली इलाकों में रहने वाले बच्चों के मन में पुलिस को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और झिझक रहती है। इस झिझक को दूर करने और पुलिस-पब्लिक के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने के लिए 'मोर पुलिस मोय पुलिस' (मेरी पुलिस, हमारी पुलिस) अभियान की शुरुआत की गई है।
इस अभियान के माध्यम से पुलिस प्रशासन सीधे तौर पर स्कूली बच्चों से जुड़ रहा है। बच्चों को यह अहसास कराया जा रहा है कि पुलिस उनकी सुरक्षा, सहायता और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हमेशा तत्पर है। इसके साथ ही, बच्चों को कानून व्यवस्था, यातायात नियमों, साइबर सुरक्षा और उनके मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों के बारे में भी शिक्षित किया जा रहा है।
जनता हाई स्कूल जीतू टोली में परीक्षा का रोमांचक माहौल
महाबुअंग थाना क्षेत्र के जनता हाई स्कूल जीतू टोली में आयोजित की गई इस प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया। परीक्षा शुरू होने से पहले ही स्कूल परिसर में बच्चों की चहल-पहल और उत्सुकता चरम पर थी।
कक्षावार प्रतियोगिता और विद्यार्थियों का उत्साह
इस परीक्षा में मुख्य रूप से तीन कक्षाओं के विद्यार्थियों को शामिल किया गया था:
1. कक्षा 8वीं के छात्र-छात्राएं
2. कक्षा 9वीं के छात्र-छात्राएं
3. कक्षा 10वीं के छात्र-छात्राएं
इन तीनों कक्षाओं से कुल 400 छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा के प्रश्न पत्र को इस तरह से तैयार किया गया था जिससे विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता, नैतिक शिक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति उनकी समझ का सटीक मूल्यांकन किया जा सके। परीक्षा के दौरान सभी कमरों में पुलिस पदाधिकारियों और स्कूल के शिक्षकों की देखरेख में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा संपन्न कराई गई।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित
परीक्षा की समाप्ति के बाद कॉपियों का मूल्यांकन त्वरित गति से किया गया। इसके बाद तीनों कक्षाओं से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। प्रत्येक कक्षा से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर विशेष रूप से पुरस्कृत और सम्मानित किया गया।
पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। पुलिस अधिकारियों के हाथों मिले इस सम्मान ने बच्चों के भीतर एक नया आत्मविश्वास जगाया है। अन्य छात्र-छात्राओं ने भी विजेताओं का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।
पुलिस और शिक्षकों ने बढ़ाया बच्चों का मनोबल
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों और विद्यालय के प्रधानाध्यापक समेत अन्य शिक्षकों ने बच्चों को संबोधित किया। वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जिससे समाज की हर बुराई को मिटाया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके, बाल विवाह के खिलाफ कानून और नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। शिक्षकों ने पुलिस की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों का मानसिक विकास होता है और वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने लगते हैं।
पुलिस अधीक्षक का विशेष संदेश
इस सफल आयोजन के बाद सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक ने मीडिया सेल के माध्यम से जिले के बच्चों और नागरिकों के लिए एक विशेष संदेश जारी किया।
पुलिस अधीक्षक ने अपने संदेश में कहा:
> "मोर पुलिस मोय पुलिस अभियान का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना है। जब हमारे बच्चे पुलिस को अपना मित्र मानेंगे, तो वे बिना किसी डर के अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे। यह परीक्षा बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का एक प्रयास है। मैं सभी सफल और प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।"
सत्य संदेश समाचार: पुलिस-पब्लिक समन्वय की दिशा में एक अनुकरणीय और ऐतिहासिक पहल
सिमडेगा पुलिस का 'मोर पुलिस मोय पुलिस' अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज में सुरक्षा और विश्वास का नया माहौल तैयार करने वाली एक दूरदर्शी पहल है। स्कूली बच्चों के स्तर पर कानून, सुरक्षा और नागरिक कर्तव्यों की समझ विकसित करने से भविष्य में एक अपराध मुक्त समाज की नींव रखी जा सकती है। पुलिस को जनता के करीब लाने के इस प्रयास की जितनी भी सराहना की जाए, वह कम है। ऐसे आयोजनों से न केवल बच्चों का सामान्य ज्ञान बढ़ता है, बल्कि पुलिस के प्रति उनका नजरिया भी सकारात्मक रूप से बदलता है।
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बच्चों को सही दिशा दिखाना और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना केवल पुलिस या स्कूल प्रशासन का काम नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। जब समाज का हर नागरिक कानून का सम्मान करेगा और बच्चों को नैतिक मूल्यों की सीख देगा, तभी हमारा देश सुरक्षित और समृद्ध बनेगा। सिमडेगा पुलिस के इस शानदार अभियान में हमें भी अपनी भागीदारी निभानी चाहिए और अपने आस-पास के बच्चों को शिक्षा व सुरक्षा के प्रति प्रेरित करना चाहिए।
क्या आपके क्षेत्र में भी पुलिस द्वारा ऐसी पहल की जानी चाहिए? सिमडेगा पुलिस के इस 'मोर पुलिस मोय पुलिस' अभियान पर आपकी क्या राय है? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। इस प्रेरणादायक खबर को अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में जरूर शेयर करें ताकि समाज में जागरूकता की यह मशाल और तेजी से फैल सके।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






