सिमडेगा के तीन जांबाजों ने सेना भर्ती परीक्षा में लहराया परचम मुझे कुछ करना है संस्था के युवाओं ने दौड़ और मेडिकल टेस्ट पास कर पूरा किया देश सेवा का सपना
मुझे कुछ करना है संस्था के तीन जांबाजों ने सेना भर्ती में पाई ऐतिहासिक सफलता।

झारखंड के सिमडेगा जिले के तीन होनहार युवाओं ने 'मुझे कुछ करना है' डिफेंस एकेडमी के मार्गदर्शन में भारतीय सेना की शारीरिक और चिकित्सा परीक्षा में सफलता हासिल की है। ईश्वर हजाम, चंदन कुमार नाग और सचिन तिर्की ने अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। अब अंतिम मेरिट सूची आते ही ये तीनों युवा देश सेवा के लिए भारतीय सेना में शामिल हो जाएंगे।
- सिमडेगा के ईश्वर हजाम, चंदन कुमार नाग और सचिन तिर्की ने भारतीय सेना भर्ती में बड़ी सफलता हासिल की है।
- इन युवाओं ने लिखित परीक्षा, फिजिकल (दौड़) और मेडिकल टेस्ट के सभी कड़े चरणों को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया है।
- 'मुझे कुछ करना है' डिफेंस एकेडमी सिमडेगा के संचालक रवि शंकर साहनी के कुशल मार्गदर्शन में इन छात्रों ने तैयारी की थी।
- सिमडेगा के अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में आगामी 11 सितंबर को होमगार्ड भर्ती के लिए नया नामांकन शिविर आयोजित किया जाएगा।
- ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले इन युवाओं की इस गौरवशाली उपलब्धि से पूरे जिले में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
झारखंड के सिमडेगा जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आने वाले युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों और सही मार्गदर्शन मिले, तो कोई भी मुकाम हासिल करना असंभव नहीं है। जिले की प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्था 'मुझे कुछ करना है' डिफेंस एकेडमी के तीन होनहार छात्रों ने देश की सीमा की रक्षा करने के अपने सपने की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। इन युवाओं ने भारतीय सेना की अत्यंत कठिन मानी जाने वाली शारीरिक, चिकित्सीय और लिखित परीक्षाओं को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर लिया है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद पूरे सिमडेगा जिले में खुशी और गौरव की लहर दौड़ गई है।
सिमडेगा के तीन जांबाजों की स्वर्णिम सफलता
सिमडेगा जैसे सीमित संसाधनों वाले जिले से देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा यानी भारतीय सेना में जाने का सपना देखना और उसे पूरा करना बेहद गर्व की बात है। 'मुझे कुछ करना है' संस्था के तीन प्रतिभावान छात्रों ईश्वर हजाम, चंदन कुमार नाग और सचिन तिर्की ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
इन तीनों युवाओं ने सेना भर्ती के तहत आयोजित होने वाली कड़ी शारीरिक दक्षता परीक्षा (रनिंग) और अत्यंत जटिल मेडिकल जांच परीक्षा को न केवल पास किया, बल्कि अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया। इन युवाओं की इस उपलब्धि से न केवल उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू हैं, बल्कि पूरे सिमडेगा क्षेत्र के लिए यह एक गौरवशाली क्षण है।
'मुझे कुछ करना है' डिफेंस एकेडमी का सराहनीय योगदान
इस बड़ी सफलता के पीछे 'मुझे कुछ करना है' डिफेंस एकेडमी सिमडेगा का विशेष योगदान रहा है। एकेडमी के संचालक और मुख्य प्रशिक्षक रवि शंकर साहनी पिछले लंबे समय से क्षेत्र के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को सेना और पुलिस बलों में भर्ती के लिए उत्कृष्ट शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
इनके मार्गदर्शन में छात्र सुबह-शाम कड़ी धूप और ठंड की परवाह किए बिना मैदान में पसीना बहाते हैं। दौड़ की बारीकियों से लेकर, लंबी कूद, ऊंची कूद और शारीरिक संतुलन बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीकों को सिखाने में इस संस्था ने अहम भूमिका निभाई है।
संचालक रवि शंकर साहनी का प्रेरणादायी संदेश
एकेडमी के संचालक रवि शंकर साहनी ने छात्रों की इस ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें और उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा:
> रवि शंकर साहनी ने कहा: "सफलता किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं होती। इसके लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति ईमानदारी जरूरी है। हमारे छात्रों की यह सफलता सिमडेगा के अन्य युवाओं को भी भारतीय सेना में जाने के लिए प्रेरित करेगी।"
उन्होंने आगे बताया कि इन तीनों छात्रों ने लिखित परीक्षा, फिजिकल और मेडिकल सभी टेस्ट पास कर लिए हैं। अब केवल अंतिम मेरिट लिस्ट जारी होना बाकी है, जिसमें नाम आते ही ये तीनों वीर सपूत भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए रवाना हो जाएंगे।
सिमडेगा के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: होमगार्ड भर्ती की तैयारी
सिमडेगा जिले के युवाओं के लिए एक और बड़ी खुशखबरी साझा करते हुए संचालक रवि शंकर साहनी ने बताया कि जिले में जल्द ही होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इस भर्ती में स्थानीय युवाओं को रोजगार और सेवा का अवसर देने के लिए 'मुझे कुछ करना है' डिफेंस एकेडमी द्वारा विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है।
इसके लिए आगामी 11 सितंबर को सिमडेगा के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में नामांकन प्रक्रिया रखी गई है। इच्छुक छात्र-छात्राएं वहां आकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं और होमगार्ड भर्ती की तैयारी के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की देखरेख में अपनी तैयारी को पुख्ता कर सकते हैं। यह सिमडेगा के युवाओं के लिए अपने पैरों पर खड़े होने का एक बेहतरीन अवसर है।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं का निखार
सिमडेगा और इसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल और शारीरिक गतिविधियों के प्रति युवाओं में स्वाभाविक रुचि होती है। लेकिन सही दिशा और तकनीकी मार्गदर्शन के अभाव में कई बार ये प्रतिभावान युवा मुख्यधारा में आने से वंचित रह जाते हैं।
'मुझे कुछ करना है' जैसी संस्थाएं इन युवाओं के भीतर छिपी ऊर्जा को सही दिशा देकर उन्हें देश सेवा के योग्य बना रही हैं। ईश्वर, चंदन और सचिन की सफलता यह साबित करती है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सही मंच और उचित प्रशिक्षण मिले, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
सत्य संदेश समाचार: [युवा शक्ति और सही मार्गदर्शन का बेहतरीन समन्वय]
सिमडेगा के इन तीन युवाओं की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है। 'मुझे कुछ करना है' संस्था और उसके संचालक रवि शंकर साहनी का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जो बिना किसी बड़े सरकारी सहयोग के युवाओं के सपनों को पंख दे रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को भी ऐसी जमीनी संस्थाओं को खेल मैदान और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराकर प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि अधिक से अधिक युवा मुख्यधारा से जुड़ सकें।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सिमडेगा के वीर सपूतों ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत के आगे हर बाधा घुटने टेक देती है। यदि आप भी अपने भीतर देश सेवा का जज्बा महसूस करते हैं और वर्दी पहनने का सपना देखते हैं, तो 11 सितंबर को अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में होने वाले होमगार्ड भर्ती नामांकन में अवश्य भाग लें। अपनी शारीरिक क्षमता को निखारें और देश व राज्य की सेवा में अपना योगदान दें।
सजग रहें, सक्रिय बनें। सिमडेगा के युवाओं की इस ऐतिहासिक सफलता पर अपनी शुभकामनाएं देने के लिए नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें। इस प्रेरणादायक खबर को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें ताकि अन्य युवाओं को भी सेना में जाने की प्रेरणा मिल सके। देश सेवा के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं और जिम्मेदारी साझा करें।
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