बानो रेलवे स्टेशन पर रेलकर्मियों और आरपीएफ जवानों संग मनाया गया रक्षाबंधन का पावन पर्व बहनों ने कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर रोपे फलदार पौधे
बानो रेलवे स्टेशन पर स्कूली बहनों ने आरपीएफ जवानों और रेलकर्मियों को राखी बांधी।

सिमडेगा के बानो रेलवे स्टेशन पर विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर की बहनों ने रेलकर्मियों और आरपीएफ जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाया। इस भावुक आयोजन में जवानों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना की गई। इस अवसर पर स्टेशन परिसर में फलदार पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया।
- सिमडेगा के बानो रेलवे स्टेशन पर विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ की बहनों ने रक्षाबंधन उत्सव मनाया।
- विद्यालय की छात्राओं ने देश की सुरक्षा में तैनात आरपीएफ जवानों और रेलवे अधिकारियों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा।
- स्टेशन प्रबंधक श्री पीटर टोपनो और उप प्रबंधक श्री मुकेश झा सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
- आरपीएफ एसआई श्री मिथिलेश कुमार और फार्मासिस्ट राज कमल ने इस पहल पर अत्यंत भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
- प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ बानो स्टेशन के बाल उद्यान में 5 फलदार पौधे रोपकर उन्हें भी राखी बांधी गई।
भाई-बहन के पवित्र प्रेम, अटूट विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व सिमडेगा जिले के बानो रेलवे स्टेशन पर बेहद अनूठे और भावुक माहौल में मनाया गया। वनवासी कल्याण केंद्र झारखंड की शैक्षिक इकाई 'श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखंड' द्वारा संचालित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ के तत्वाधान में इस गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन बानो स्टेशन स्थित रेलवे अस्पताल के सभागार में किया गया। इस दौरान घर से दूर रहकर देश और यात्रियों की सुरक्षा में तैनात आरपीएफ जवानों तथा रेलकर्मियों को बहनों ने रक्षासूत्र बांधा। इस संवेदनशील और प्रेरणादायी पहल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का गरिमामय शुभारंभ
बानो रेलवे स्टेशन पर आयोजित इस पावन उत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्टेशन प्रबंधक श्री पीटर टोपनो, स्टेशन उप प्रबंधक श्री मुकेश झा, मंडल यातायात निरीक्षक श्री चंदन कुमार, आरपीएफ एस.आई. श्री मिथिलेश कुमार, आरपीएफ ए.एस.आई. श्री अगस्तस लकड़ा एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राजेन्द्र साहु द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सभी अतिथियों ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इसके बाद विद्यालय की बहनों ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ रेलवे कर्मियों, अस्पताल कर्मचारियों एवं देश की सुरक्षा में तैनात आरपीएफ के वीर जवानों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और उनके तिलक लगाकर आरती उतारी। बहनों ने देश के इन रक्षकों की दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना की।
कर्तव्य पथ पर तैनात जवानों और अधिकारियों के भावुक उद्गार
त्योहार के दिन भी अपने परिवारों से दूर रहकर देश सेवा में जुटे जवानों और अधिकारियों के लिए यह क्षण अत्यंत भावुक करने वाला था। इस अवसर पर अधिकारियों ने अपने दिल की बातें साझा कीं।
स्टेशन उप प्रबंधक श्री मुकेश झा ने विद्यालय की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा:
> "विद्यालय द्वारा बच्चों में सेवा, संस्कार और स्वावलंबन के मूल्यों का बीजारोपण करना अत्यंत प्रशंसनीय है। ऐसी पहल से समाज में सुरक्षा और समरसता की भावना मजबूत होती है।"
आरपीएफ एस.आई. श्री मिथिलेश कुमार ने अत्यंत भावुक होकर कहा:
> "कर्तव्य पथ पर चौबीसों घंटे तैनात रहने के कारण हम अक्सर त्योहारों पर अपने घर नहीं जा पाते हैं। लेकिन आज इन छोटी बहनों ने यहाँ आकर जो स्नेह और सम्मान हमें दिया है, उसे मैं जीवन भर नहीं भूलूँगा। हम यात्रियों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं और सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से हर समय मदद के लिए उपलब्ध हैं।"
रेलवे अस्पताल के फार्मासिस्ट राज कमल ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा:
> "विगत 9 वर्षों से मेरी कलाई पर किसी बहन ने राखी नहीं बांधी थी। आज विद्यालय की इन बहनों द्वारा राखी बाँधकर मुझे भावविभोर कर दिया गया है। मैं इस स्नेह के लिए हमेशा आभारी रहूँगा।"
वनवासी कल्याण केंद्र के सेवा कार्यों और समरसता पर प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राजेन्द्र साहु ने वनवासी कल्याण केंद्र एवं श्रीहरि वनवासी विकास समिति के सेवा कार्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने पौराणिक संदर्भों के माध्यम से रक्षाबंधन के पावन महत्त्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय केवल किताबी ज्ञान देने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह एक समाज-आधारित विद्यालय है। हमारा मुख्य ध्येय समाज के बीच रहकर समरसता का भाव जगाना और बच्चों को भारतीय संस्कृति के नैतिक मूल्यों से परिचित कराना है।
प्रकृति संरक्षण का अनूठा संदेश: फलदार पौधों को भी बांधा रक्षासूत्र
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर केवल मानव संबंधों को ही नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ मनुष्य के जुड़ाव को भी मजबूती दी गई। कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए बानो स्टेशन स्थित बाल उद्यान में विद्यालय की ओर से आम, कटहल, इमली, अमरूद और नींबू के 5 फलदार पौधे रोपे गए। विद्यालय की बहनों ने इन नन्हे पौधों को भी रक्षासूत्र बांधा और उनके संरक्षण व संवर्धन का संकल्प लिया। यह पहल दर्शाती है कि पर्यावरण की रक्षा भी हमारे सामाजिक दायित्वों का एक अनिवार्य हिस्सा है।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य सदस्य और विद्यालय परिवार
इस पूरे गरिमामयी कार्यक्रम का सफल एवं सुगम संचालन आचार्य श्री प्रमोद पाणिग्रही ने किया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय की छात्राएं अंजली कुमारी, विमला कुमारी, छात्र आर्यन बड़ाइक सहित अनेक भैया-बहन, आचार्य एवं आचार्या उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, विद्यालय प्रांगण में भी सभी छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को रक्षासूत्र बांधकर परस्पर रक्षा, सहयोग और भाईचारे का संकल्प लिया। बानो स्टेशन पर हुआ यह आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा और सराहना का विषय बना हुआ है।
सत्य संदेश समाचार: कर्तव्य और स्नेह के अनूठे संगम की सराहनीय मिसाल
बानो रेलवे स्टेशन पर आयोजित यह रक्षाबंधन कार्यक्रम केवल एक त्योहार मनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह हमारे सुरक्षा बलों और रेलकर्मियों के प्रति समाज के गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। घर-परिवार से दूर रहकर राष्ट्र सेवा में समर्पित जवानों को जब इस तरह का पारिवारिक स्नेह मिलता है, तो उनका मनोबल दोगुना हो जाता है। सत्य संदेश समाचार इस संवेदनशील और मूल्य-आधारित पहल के लिए विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर और वनवासी कल्याण केंद्र की सराहना करता है। ऐसे आयोजनों से न केवल सुरक्षा बलों का हौसला बढ़ता है, बल्कि नई पीढ़ी में सामाजिक जिम्मेदारी और समरसता की भावना का भी संचार होता है।
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राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात हमारे वीर जवानों का सम्मान करना और अपने पर्यावरण को हरा-भरा रखना हर नागरिक का परम कर्तव्य है। इस पावन पर्व पर हमें न केवल रिश्तों की रक्षा का, बल्कि अपनी मातृभूमि और प्रकृति की रक्षा का भी संकल्प लेना चाहिए। जब समाज का हर व्यक्ति अपने दायित्वों को समझेगा, तभी एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। आइए, हम सब मिलकर समाज में समरसता और पर्यावरण संरक्षण के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं।
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