केरसई दुर्गा पूजा समिति के नए अध्यक्ष चुने गए सुरेश प्रसाद, तीन साल के सफल कार्यकाल के बाद गौतम कुमार ने सौंपी कमान
दुर्गा मंडप में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से सुरेश प्रसाद को सौंपी गई पूजा समिति की कमान।

सिमडेगा के केरसई स्थित दुर्गा मंडप में पूजा समिति की बैठक में सुरेश प्रसाद को सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष चुना गया। निवर्तमान अध्यक्ष गौतम कुमार ने तीन वर्षों के सफल कार्यकाल के बाद नए नेतृत्व को अवसर देने के लिए इस्तीफा दिया। बैठक में पिछले वर्ष के आय-व्यय की समीक्षा कर आगामी भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई।
- केरसई के ऐतिहासिक दुर्गा मंडप में आयोजित विशेष बैठक में सुरेश प्रसाद को सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष चुना गया।
- निवर्तमान अध्यक्ष गौतम कुमार ने तीन वर्षों तक उत्कृष्ट सेवा देने के बाद नए नेतृत्व को अवसर देने के लिए अपने पद से इस्तीफा दिया।
- बैठक में पिछले वर्ष की दुर्गा पूजा के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया, जिसे समिति के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
- नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुरेश प्रसाद ने सभी श्रद्धालुओं और सदस्यों के सहयोग से पूजा को शांतिपूर्ण व भव्य तरीके से संपन्न कराने का संकल्प लिया।
- बैठक में उपस्थित सभी ग्रामीणों और समिति के सदस्यों ने नए अध्यक्ष को बधाई दी और आगामी आयोजन को लेकर एकजुटता जताई।
सिमडेगा जिले के केरसई प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंडप में केरसई दुर्गा पूजा समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी शारदीय नवरात्रि के भव्य और सुचारू आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देना और समिति के नेतृत्व में आवश्यक बदलाव करना था। बैठक की शुरुआत में पूर्ववर्ती समिति द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गई और पिछले वर्ष के वित्तीय ब्यौरे को पारदर्शी तरीके से सबके सामने रखा गया। इसके उपरांत, सर्वसम्मति और लोकतांत्रिक तरीके से नए अध्यक्ष का चुनाव संपन्न कराया गया, जिसने स्थानीय ग्रामीणों में एक नया उत्साह भर दिया है।
पिछले वर्ष के आय-व्यय का लेखा-जोखा और पारदर्शिता पर जोर
बैठक की शुरुआत धार्मिक और सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप की गई। सबसे पहले पिछले वर्ष आयोजित दुर्गा पूजा के दौरान हुए कुल खर्च और प्राप्त हुए सहयोग राशि (चंदा) का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने एक-एक मद में हुए खर्च जैसे टेंट, लाइट, साउंड, पूजा सामग्री, पुरोहित का मानदेय, प्रसाद वितरण और सुरक्षा व्यवस्था पर हुए खर्च की जानकारी उपस्थित ग्रामीणों और सदस्यों के समक्ष रखी।
उपस्थित सदस्यों ने इस वित्तीय विवरण पर गहन विचार-विमर्श किया। सभी सदस्यों ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि समिति ने पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ धन का सदुपयोग किया है। सर्वसम्मति से पिछले वर्ष के आय-व्यय के इस ब्यौरे को पारित किया गया। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने कहा कि इस प्रकार की पारदर्शिता से न केवल ग्रामीणों का समिति पर विश्वास बढ़ता है, बल्कि आगामी वर्षों में लोग और अधिक बढ़-चढ़कर सहयोग करने के लिए प्रेरित होते हैं।
गौतम कुमार का अनुकरणीय त्याग: नए नेतृत्व को अवसर देने की मिसाल
बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी क्षण वह था जब समिति के निवर्तमान अध्यक्ष गौतम कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने पिछले तीन वर्षों के दौरान अपने सफल और बेदाग कार्यकाल का स्मरण करते हुए सभी सदस्यों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेतृत्व परिवर्तन किसी मतभेद के कारण नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
गौतम कुमार ने कहा: "मैंने लगातार तीन वर्षों तक मां दुर्गा की सेवा और समिति की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई है। अब समय आ गया है कि समिति में अन्य ऊर्जावान लोगों को भी नेतृत्व करने और इस पावन कार्य में अपनी सेवा देने का अवसर मिले। नए नेतृत्व को आगे बढ़ाना ही समिति की निरंतरता और विकास के लिए आवश्यक है।"
उनके इस निर्णय की उपस्थित सभी लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। ग्रामीणों ने कहा कि आज के समय में जहां लोग पदों से चिपके रहना चाहते हैं, वहीं गौतम कुमार का यह कदम समाज के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है।
सुरेश प्रसाद का सर्वसम्मति से चयन और नई जिम्मेदारियां
गौतम कुमार के इस्तीफे के बाद नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया अत्यंत सौहार्दपूर्ण माहौल में शुरू हुई। बैठक में उपस्थित विभिन्न सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नए अध्यक्ष के रूप में सुरेश प्रसाद के नाम का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का वहां उपस्थित सभी सदस्यों और ग्रामीणों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया और सर्वसम्मति से सुरेश प्रसाद को केरसई दुर्गा पूजा समिति का नया अध्यक्ष घोषित कर दिया गया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुरेश प्रसाद ने समिति के सभी वरिष्ठ सदस्यों का आशीर्वाद लिया और युवाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए समाज को एकजुट रखने का संकल्प दोहराया।
सुरेश प्रसाद ने कहा: "समिति के सभी सदस्यों ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए मैं अत्यंत आभारी हूं। मुझे सौंपी गई इस पवित्र और बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करूंगा। हम सभी मिलकर आगामी दुर्गा पूजा को ऐतिहासिक, शांतिपूर्ण और भव्य बनाएंगे।"
आगामी शारदीय नवरात्रि की भव्य तैयारियां और कार्ययोजना
नए अध्यक्ष के चुनाव के तत्काल बाद आगामी दुर्गा पूजा के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष की पूजा को और अधिक आकर्षक, अनुशासित और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जाएगा। इसके लिए विभिन्न उप-समितियों का गठन जल्द ही किया जाएगा, जो साज-सज्जा, पंडाल निर्माण, महाप्रसाद वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगी।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस बार विशेष स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी जो स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखेंगे। इसके साथ ही, महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए पूजा पंडाल और उसके आसपास डस्टबिन रखने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया गया।
केरसई में सामाजिक समरसता और एकजुटता का संदेश
केरसई की दुर्गा पूजा हमेशा से ही सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक रही है। इस बैठक में भी समाज के हर वर्ग, उम्र और पृष्ठभूमि के लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक के समापन पर उपस्थित सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी और संकल्प लिया कि वे आपसी मतभेदों को भुलाकर केवल और केवल मां दुर्गा की आराधना और समाज कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य करेंगे।
इस बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत सदस्यों, युवाओं और बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केरसई की जनता अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को अक्षुण्ण रखने के लिए कितनी सजग और सक्रिय है।
सत्य संदेश समाचार: लोकतांत्रिक और पारदर्शी नेतृत्व का अनुकरणीय उदाहरण
केरसई दुर्गा पूजा समिति की यह बैठक केवल एक धार्मिक आयोजन की तैयारी मात्र नहीं थी, बल्कि इसने स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों और पारदर्शिता की एक नई मिसाल पेश की है। निवर्तमान अध्यक्ष गौतम कुमार का स्वेच्छा से पद छोड़ना और सुरेश प्रसाद का सर्वसम्मति से चुना जाना यह दर्शाता है कि आपसी सामंजस्य से बड़े से बड़े सामाजिक कार्यों को बिना किसी विवाद के संपन्न किया जा सकता है। धार्मिक समितियों में वित्तीय पारदर्शिता का ऐसा उदाहरण अन्य पूजा समितियों के लिए भी अनुकरणीय होना चाहिए।
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किसी भी समाज की असली ताकत उसकी एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और पारदर्शी व्यवस्था में निहित होती है। केरसई दुर्गा पूजा समिति ने जिस तरह से आपसी सहमति और लोकतांत्रिक गरिमा के साथ नेतृत्व परिवर्तन किया है, वह हम सभी को यह सीख देता है कि व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर सामाजिक हित को सर्वोपरि रखना चाहिए। आइए, हम सब भी अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे ही सकारात्मक बदलावों के वाहक बनें।
सजग रहें, सक्रिय बनें। केरसई की इस प्रेरक पहल से सीख लेते हुए अपने समाज में आपसी भाईचारा और पारदर्शिता बढ़ाने का संकल्प लें। इस खबर पर अपनी बहुमूल्य राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें, इसे अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर करें और सकारात्मक पत्रकारिता को मजबूती प्रदान करें।
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