सिमडेगा की बेटी प्रेमा सोरेंग ने रांची विश्वविद्यालय में रचा इतिहास एमए इतिहास में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जीते दो गोल्ड मेडल
सेंट जेवियर्स कॉलेज की छात्रा प्रेमा सोरेंग ने रांची विश्वविद्यालय में दो स्वर्ण पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया।

सिमडेगा के सेंट जेवियर्स कॉलेज की छात्रा प्रेमा सोरेंग ने रांची विश्वविद्यालय की एमए इतिहास परीक्षा 2025 में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्हें सामान्य मेरिट और एसटी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए यह दोहरा सम्मान मिला। इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे जिले और कॉलेज प्रशासन में गौरव व हर्ष का माहौल है।
- सेंट जेवियर्स कॉलेज सिमडेगा की छात्रा प्रेमा सोरेंग ने रांची विश्वविद्यालय की एमए इतिहास परीक्षा में दोहरा स्वर्ण पदक जीता।
- प्रेमा को सामान्य मेरिट में सर्वाधिक अंक के लिए यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल से नवाजा गया।
- अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शीर्ष स्थान पाने पर सिरी गोएंदा मिंज मेमोरियल गोल्ड मेडल 2025 भी मिला।
- शैक्षणिक सत्र 2023-25 की इस छात्रा की सफलता से कॉलेज के इतिहास विभाग में खुशी की लहर है।
- कॉलेज प्रबंधन और प्राध्यापकों ने इस ऐतिहासिक गौरव पर प्रेमा सोरेंग को बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
झारखंड के सुदूरवर्ती जिले सिमडेगा के लिए शैक्षणिक क्षेत्र से एक बेहद गौरवशाली और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा के इतिहास विभाग की प्रतिभावान छात्रा प्रेमा सोरेंग ने रांची विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2023–25 की एम.ए. (इतिहास) परीक्षा-2025 में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए इतिहास रच दिया है। प्रेमा सोरेंग ने न केवल पूरे विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया, बल्कि दो अलग-अलग श्रेणियों में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस अभूतपूर्व सफलता ने सिमडेगा जैसे विकासशील क्षेत्र में उच्च शिक्षा की असीम संभावनाओं को एक नया आयाम दिया है और यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
दोहरे स्वर्ण पदक से सुशोभित हुईं प्रेमा सोरेंग
रांची विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रमाण-पत्र और परीक्षा परिणामों के अनुसार, प्रेमा सोरेंग ने एम.ए. (इतिहास) की परीक्षा में संपूर्ण विश्वविद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए हैं। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें विश्वविद्यालय का मुख्य गोल्ड मेडल प्रदान किया गया है।
इसके साथ ही, उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। प्रेमा सोरेंग ने अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी के विद्यार्थियों में इतिहास विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए हैं। इस वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए उन्हें प्रतिष्ठित “Siri Goenda Minz Memorial Gold Medal – 2025” (सिरी गोएंदा मिंज मेमोरियल गोल्ड मेडल - 2025) से भी सम्मानित किया गया है। एक ही सत्र में दो-दो स्वर्ण पदक जीतना किसी भी विद्यार्थी के लिए अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण होता है।
सेंट जेवियर्स कॉलेज सिमडेगा में हर्ष और जश्न का माहौल
इस दोहरी और ऐतिहासिक उपलब्धि की सूचना मिलते ही सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा के इतिहास विभाग और पूरे कॉलेज परिसर में हर्ष का माहौल व्याप्त हो गया। कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस खुशी को साझा किया। इतिहास विभाग के प्राध्यापकों ने प्रेमा सोरेंग की इस उल्लेखनीय सफलता को कॉलेज के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने वाला पल बताया।
विभाग की ओर से प्रेमा सोरेंग को उनकी इस शानदार कामयाबी के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि प्रेमा की यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह पूरे सिमडेगा जिले के लिए एक गौरव का विषय है, जो अक्सर खेल और अन्य गतिविधियों के लिए जाना जाता है, लेकिन अब शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
कठिन परिश्रम, अनुशासन और बेहतरीन मार्गदर्शन का परिणाम
इतिहास विभाग के प्राध्यापकों ने प्रेमा सोरेंग की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत, अटूट लगन, कड़े अनुशासन और शैक्षणिक प्रतिबद्धता का सीधा परिणाम है। सिमडेगा जैसे सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र में रहकर राज्य स्तर के विश्वविद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त करना यह दर्शाता है कि यदि सही मार्गदर्शन और मजबूत इरादे हों, तो कोई भी बाधा आड़े नहीं आ सकती।
कॉलेज परिवार ने प्रेमा सोरेंग के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा:
सेंट जेवियर्स कॉलेज के विभागाध्यक्ष ने कहा: "प्रेमा सोरेंग की यह सफलता हमारे कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्रों के समर्पण का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने साबित कर दिया है कि सिमडेगा की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी एक महान प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें निरंतर परिश्रम व शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।"
सत्य संदेश समाचार: ग्रामीण प्रतिभाओं को मिले अवसर तो वे रचती हैं इतिहास
प्रेमा सोरेंग की यह ऐतिहासिक सफलता यह साबित करती है कि यदि ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिले, तो वे बड़े से बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं। सिमडेगा जैसे जिले से निकलकर रांची विश्वविद्यालय में दो-दो स्वर्ण पदक जीतना एक असाधारण उपलब्धि है। यह सफलता उन सभी रूढ़िवादी धारणाओं को तोड़ती है जो यह मानती हैं कि उच्च शिक्षा में केवल बड़े शहरों के छात्र ही उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। शासन और प्रशासन को चाहिए कि वे ऐसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के कॉलेजों में संसाधनों को और अधिक सुदृढ़ करें ताकि भविष्य में और भी प्रतिभाएं देश-दुनिया में अपनी चमक बिखेर सकें।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास का असली मार्ग शिक्षा से ही होकर गुजरता है। सिमडेगा की बेटी प्रेमा सोरेंग ने जो कीर्तिमान स्थापित किया है, वह हमारे समाज की हर उस बेटी के लिए एक मशाल की तरह है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को सच करना चाहती है। हमें अपनी बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करना होगा। आइए, इस ऐतिहासिक क्षण पर प्रेमा सोरेंग की इस महान सफलता की सराहना करें और अपने आस-पास की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संकल्प लें।
इस गौरवशाली उपलब्धि पर आपकी क्या राय है? सिमडेगा की इस होनहार बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए कमेंट बॉक्स में अपनी शुभकामनाएं जरूर लिखें। इस सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर को अधिक से अधिक लोगों और विद्यार्थियों के साथ शेयर करें ताकि वे भी इससे प्रेरणा ले सकें!
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






