कुरडेग में 'हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी' थीम के साथ राष्ट्रीय पोषण माह का शानदार आगाज, सेविकाओं ने निकाली भव्य जागरूकता रैली
आंगनवाड़ी सेविकाओं ने पोषण और स्वास्थ्य के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक।

सिमडेगा के कुरडेग प्रखंड सभागार में टीआरआईएफ और सीआईएनआई के सहयोग से राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' थीम के तहत विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई। सेविकाओं ने स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगाने के साथ ही जागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों को कुपोषण मुक्त समाज बनाने का संदेश दिया।
- कुरडेग प्रखंड सभागार में टीआरआईएफ और सीआईएनआई संस्था के सहयोग से पोषण माह का विधिवत शुभारंभ हुआ।
- इस वर्ष पोषण माह की मुख्य थीम 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' रखी गई है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना है।
- कार्यक्रम का उद्घाटन महिला पर्यवेक्षिकाओं राजलक्ष्मी लकड़ा, निर्मला बाखला, जया हांसदा और शुभा कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
- आंगनवाड़ी सेविकाओं ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाकर संतुलित आहार का महत्व समझाया।
- कुपोषण मुक्ति, स्वच्छता और महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए सेविकाओं द्वारा एक भव्य जागरूकता रैली भी निकाली गई।
सिमडेगा जिले के कुरडेग प्रखंड में पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पोषण माह का भव्य आगाज किया गया है। बुधवार, 9 सितंबर 2026 को कुरडेग प्रखंड सभागार में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त करना है। इस अभियान के तहत टीआरआईएफ (TRIF) और सीआईएनआई (CINI) जैसी संस्थाओं के सहयोग से आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ बनाने और सामुदायिक जिम्मेदारी तय करने पर बल दिया गया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से ही कुपोषण से लड़ने के अनूठे उपाय साझा किए गए।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन
कुरडेग प्रखंड सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ बेहद गरिमामयी माहौल में हुआ। समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) की महिला पर्यवेक्षिकाओं, टीआरआईएफ के प्रखंड समन्वयक और सीआईएनआई के प्रखंड समन्वयक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में सरकारी तंत्र और स्वयंसेवी संस्थाओं का आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। इस वर्ष का पोषण माह विशेष रूप से जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनवाड़ी सेविकाओं की भूमिका को रेखांकित करता है।
'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' थीम पर गहन मंथन
इस वर्ष के नौवें पोषण माह की थीम "हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी" पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल बच्चों को खाना खिलाने का केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्रारंभिक शिक्षा के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इस पूरे माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई। सेविकाओं को निर्देश दिया गया कि वे हर घर तक पहुंचें और माताओं को उनके बच्चों के सही विकास के लिए आवश्यक पोषण संबंधी जानकारी प्रदान करें।
स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी: कम लागत में बेहतर स्वास्थ्य
इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा लगाई गई स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी थी। इस प्रदर्शनी में मडुआ (रागी), सहजन की पत्तियां, स्थानीय हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, दालें और मौसमी फलों को प्रदर्शित किया गया। सेविकाओं ने ग्रामीणों को यह समझाया कि महंगे बाजारू सप्लीमेंट्स के बजाय हमारे आस-पास आसानी से उपलब्ध होने वाली इन चीजों से कैसे एक संतुलित और पौष्टिक आहार तैयार किया जा सकता है। यह विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और नवजात बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी है।
जागरूकता रैली: गांव-गांव तक गूंजा कुपोषण मुक्ति का नारा
कार्यक्रम के दूसरे चरण में आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। यह रैली प्रखंड मुख्यालय के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी। रैली में शामिल सेविकाएं हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थीं, जिन पर कुपोषण मुक्त समाज बनाने, स्वच्छता अपनाने और महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल करने से जुड़े प्रेरक नारे लिखे थे। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उनके शुरुआती 1000 दिनों का पोषण सबसे महत्वपूर्ण होता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी और सहयोगी दल
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला पर्यवेक्षिका राजलक्ष्मी लकड़ा, निर्मला बाखला, जया हांसदा और शुभा कुमारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। इनके साथ ही टीआरआईएफ (TRIF) के प्रखंड समन्वयक और उनकी पूरी टीम, सीआईएनआई (CINI) के प्रखंड समन्वयक और उनकी टीम के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त, कुरडेग प्रखंड के विभिन्न गांवों से आई बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी सेविकाएं और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी इस अवसर पर उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
सत्य संदेश समाचार: कुपोषण के खिलाफ जंग में सामुदायिक भागीदारी ही असली चाबी
कुरडेग में पोषण माह का यह आयोजन केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य को सुधारने की दिशा में एक गंभीर और सराहनीय प्रयास है। 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' का नारा यह स्पष्ट करता है कि कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से केवल प्रशासनिक स्तर पर नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक के सहयोग से ही निपटा जा सकता है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक तत्वों को बढ़ावा देने की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेहद मददगार साबित होगी। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को मिलने वाले संसाधन समय पर और पारदर्शी तरीके से धरातल पर पहुंचें ताकि यह अभियान पूरी तरह सफल हो सके।
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देश का भविष्य हमारे बच्चों के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। कुपोषण जैसी सामाजिक बुराई को मिटाने के लिए हम सभी को अपने आस-पास की आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करना होगा और गर्भवती महिलाओं व बच्चों के सही पोषण के प्रति सजग रहना होगा। स्थानीय स्तर पर मिलने वाले पौष्टिक आहार को अपनी थाली का हिस्सा बनाएं और स्वास्थ्य संबंधी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
सजग रहें, सक्रिय बनें। इस पोषण माह में अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें। इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने मित्रों और परिजनों के साथ साझा करें, और नीचे कमेंट बॉक्स में अपने विचार साझा कर बताएं कि आपके क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्र कितने सक्रिय हैं और उनमें क्या सुधार होना चाहिए।
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