सिमडेगा के बोंगराम स्कूल पहुंचे सांसद कालीचरण मुंडा जर्जर भवन देख जताई चिंता जल्द सांसद मद से चमकेगी पाठशाला
सांसद कालीचरण मुंडा ने बोंगराम प्राथमिक विद्यालय की जर्जर व्यवस्था सुधारने का दिया भरोसा।

खूंटी सांसद कालीचरण मुंडा ने सिमडेगा दौरे के दौरान रैसिया पंचायत के आरसी प्राथमिक विद्यालय बोंगराम का औचक निरीक्षण किया। यहाँ जर्जर भवन और पेयजल की किल्लत देख उन्होंने गहरी चिंता जताई। सांसद ने विद्यालय प्रबंधन को आश्वस्त किया कि सांसद निधि से जल्द ही नए स्कूल भवन का निर्माण कराया जाएगा ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
- खूंटी सांसद कालीचरण मुंडा ने सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत बोंगराम प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया।
- विद्यालय का जर्जर भवन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है, जिसे लेकर ग्रामीणों ने पूर्व में आवेदन दिया था।
- कक्षा पांचवीं तक के इस विद्यालय में करीब 100 बच्चे पढ़ते हैं, जिन्हें पेयजल की अपर्याप्त सुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
- सांसद ने घोषणा की कि नए विद्यालय भवन के निर्माण की अनुशंसा हो चुकी है और जल्द ही सांसद मद से कार्य शुरू होगा।
- मौके पर सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया और विधायक प्रतिनिधि सुलभ नेल्सन डुंगडुंग सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
खूंटी लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद कालीचरण मुंडा इन दिनों अपने तीन दिवसीय सिमडेगा जिले के सघन दौरे पर हैं। इस दौरे के क्रम में मंगलवार को उन्होंने कोलेबिरा प्रखंड की रैसिया पंचायत स्थित आरसी प्राथमिक विद्यालय बोंगराम का दौरा किया। यहाँ पहुँचकर सांसद ने विद्यालय की बदहाल और जर्जर स्थिति का स्वयं जायजा लिया। उन्होंने न केवल स्कूल की भौतिक स्थिति को देखा, बल्कि बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी मूलभूत समस्याओं को करीब से समझा और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बोंगराम विद्यालय की ऐतिहासिक समस्याएं और ग्रामीणों का लंबा संघर्ष
आरसी प्राथमिक विद्यालय बोंगराम इस क्षेत्र के गरीब और आदिवासी परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा का एकमात्र मुख्य केंद्र है। वर्तमान में पहली से पांचवीं कक्षा तक के लगभग 100 छात्र-छात्राएं यहाँ नामांकित हैं। ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्यों ने सांसद को बताया कि विद्यालय का मुख्य भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है। बरसात के मौसम में छत से लगातार पानी टपकता है और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं, जिससे हर समय किसी अनहोनी का डर बना रहता है।
इसके अतिरिक्त, स्कूल में पेयजल की व्यवस्था तो है, लेकिन वह विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में बेहद अपर्याप्त है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में भी कई प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया था, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर सांसद को लिखित आवेदन सौंपकर नए भवन के निर्माण की गुहार लगाई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए सांसद स्वयं यहाँ पहुंचे।
सांसद कालीचरण मुंडा का आश्वासन: जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
विद्यालय की दयनीय स्थिति को देखने के बाद सांसद कालीचरण मुंडा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति और उपस्थित ग्रामीणों को आश्वस्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा: "शिक्षा किसी भी समाज के विकास की पहली सीढ़ी है। यदि हमारे बच्चे असुरक्षित भवनों में पढ़ने को मजबूर होंगे, तो हम एक सशक्त भविष्य की कल्पना नहीं कर सकते। बोंगराम के इस आरसी प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। मैंने इस मामले को गंभीरता से लिया है और इसकी प्रशासनिक अनुशंसा पूरी हो चुकी है। बहुत जल्द सांसद निधि (MPLAD) से यहाँ एक नया, पक्का और सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के स्वच्छ पेयजल के लिए नए चापाकल या जल आपूर्ति प्रणाली की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।"
निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे प्रमुख जनप्रतिनिधि और ग्रामीण
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान सांसद के साथ कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से कोलेबिरा सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया और जिला सचिव सह विधायक प्रतिनिधि सुलभ नेल्सन डुंगडुंग शामिल थे। इन नेताओं ने भी ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए लगातार अनुश्रवण करेंगे ताकि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और गति दोनों बनी रहे। इसके अलावा, विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारी, शिक्षक, वार्ड सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे, जिन्होंने अपनी समस्याओं को सीधे सांसद के समक्ष रखा और उनके इस कदम की सराहना की।
सत्य संदेश समाचार: ग्रामीण शिक्षा की बदहाली और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही
बोंगराम प्राथमिक विद्यालय की यह स्थिति दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बुनियादी शिक्षा का ढांचा कितना कमजोर है। जहाँ एक ओर सरकारें 'सब पढ़ें, सब बढ़ें' का नारा देती हैं, वहीं दूसरी ओर 100 मासूम बच्चे जर्जर छत के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। सांसद कालीचरण मुंडा द्वारा त्वरित संज्ञान लेना और सांसद मद से भवन निर्माण की घोषणा करना एक सराहनीय कदम है। हालांकि, जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस घोषणा का क्रियान्वयन समय सीमा के भीतर हो ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ न हो।
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जब बात हमारे बच्चों के भविष्य की हो, तो समाज के हर नागरिक को जागरूक होना आवश्यक है। जर्जर स्कूलों की आवाज उठाना और प्रशासनिक तंत्र को जगाना हम सभी का कर्तव्य है। बोंगराम के ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई, जिसका परिणाम आज सकारात्मक आश्वासन के रूप में सामने आया है। आइए, हम सब मिलकर अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने में अपना योगदान दें।
आप इस पहल को किस रूप में देखते हैं? क्या आपके आस-पास भी कोई ऐसा स्कूल है जो बदहाली का शिकार है? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें, इस महत्वपूर्ण खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और ग्रामीण शिक्षा की इस मुहिम का हिस्सा बनें।
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