सिमडेगा के हिलव्यू पब्लिक स्कूल में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन डीएलएसए सचिव मरियम हेम्ब्रम ने छात्र-छात्राओं को सिखाए संवैधानिक अधिकार और कर्तव्य
हिलव्यू पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को विधिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति किया गया जागरूक।

सिमडेगा के हिलव्यू पब्लिक स्कूल में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डीएलएसए सचिव मरियम हेम्ब्रम ने विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भावी पीढ़ी को जागरूक नागरिक बनाना है।
- सिमडेगा के हिलव्यू पब्लिक स्कूल में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) द्वारा कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
- डीएलएसए सचिव श्रीमती मरियम हेम्ब्रम ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
- कक्षा 8 की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि का अत्यंत गरिमामय अभिनंदन किया।
- प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम मिलिंद ने शिक्षा में कानूनी और नैतिक मूल्यों के समावेश को छात्र जीवन के लिए आवश्यक बताया।
- शिविर में कक्षा 9 और 10 की छात्राओं को विशेष रूप से महिला अधिकारों और सुरक्षा कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई।
झारखंड के सिमडेगा जिला अंतर्गत हिलव्यू पब्लिक स्कूल में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) सिमडेगा के तत्वावधान में एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को देश की न्याय व्यवस्था, उनके मौलिक अधिकारों तथा नागरिक कर्तव्यों से भली-भांति परिचित कराना था। कार्यक्रम में विद्यालय के संचालक मंडल, प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस दौरान विद्यार्थियों को कानून की बुनियादी समझ विकसित करने और समाज में एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
भव्य स्वागत और गरिमामय शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) सिमडेगा की सचिव श्रीमती मरियम हेम्ब्रम का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की कक्षा 8 की छात्राओं द्वारा एक अत्यंत मनमोहक और सुरीला स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। छात्राओं की इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने कार्यक्रम के माहौल को और अधिक गरिमामय तथा सकारात्मक बना दिया। उपस्थित सभी अतिथियों ने छात्राओं के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अधिकारों और कर्तव्यों में संतुलन आवश्यक: डीएलएसए सचिव
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि और डीएलएसए सचिव श्रीमती मरियम हेम्ब्रम ने विशेष रूप से कक्षा 9 एवं 10 की छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने बहुत ही सरल और प्रभावी ढंग से छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को देश के कानून की बुनियादी जानकारी होना अनिवार्य है।
श्रीमती मरियम हेम्ब्रम ने कहा: "प्रत्येक विद्यार्थी को संविधान, समानता, न्याय तथा जिम्मेदार नागरिकता के महत्व की जानकारी होनी चाहिए। अपने अधिकारों को जानना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी अपने कर्तव्यों का पालन करना और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना भी है।"
उन्होंने आगे कहा कि जब देश के युवा अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होंगे, तभी एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण हो सकेगा।
समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए डीएलएसए की भूमिका
डीएलएसए सचिव ने विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के कार्यों और इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद, गरीब और वंचित वर्गों को न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना तथा उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना प्राधिकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे किसी भी विषम परिस्थिति में कानून का सम्मान करें और यदि कभी भी आवश्यकता पड़े, तो बिना किसी भय के उचित विधिक मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए प्राधिकार से संपर्क करें।
केवल किताबी ज्ञान ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं: प्रधानाचार्या
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम मिलिंद ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस तरह के कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों को स्कूली पाठ्यक्रम का एक अनिवार्य हिस्सा बनाने की वकालत की।
श्रीमती पूनम मिलिंद ने कहा: "विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान प्रदान करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें संविधान, कानून, अधिकार, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।"
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों के भीतर आत्मविश्वास का संचार होता है और वे समाज में होने वाले गलत कार्यों के खिलाफ आवाज उठाने में सक्षम बनते हैं।
विधिक जागरूकता के माध्यम से सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास
श्रीमती मरियम हेम्ब्रम का यह प्रेरक मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और नई ऊर्जा भरने वाला रहा। उन्होंने विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों को उनके बहुमूल्य समय तथा सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि समाज में विधिक जागरूकता फैलाने, जिम्मेदार नागरिकता का भाव जगाने तथा न्याय एवं समानता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में विद्यार्थियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि के प्रति आभार प्रकट करने और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
सत्य संदेश समाचार: कानूनी साक्षरता से ही सशक्त बनेगा युवा भारत
विद्यालय स्तर पर कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब बच्चे छोटी उम्र से ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझेंगे, तो वे भविष्य में एक अपराध-मुक्त और न्यायप्रिय समाज का निर्माण करने में सहायक होंगे। सिमडेगा डीएलएसए की यह पहल अत्यंत सराहनीय है, और जिला प्रशासन को चाहिए कि इसे जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में नियमित रूप से संचालित किया जाए। कानूनी साक्षरता ही युवाओं को शोषण से बचाने का सबसे बड़ा हथियार है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
देश का भविष्य हमारी युवा पीढ़ी के हाथों में सुरक्षित है। जब हमारे बच्चे कानून, न्याय और समानता के सिद्धांतों को आत्मसात करेंगे, तभी एक प्रगतिशील और सुरक्षित राष्ट्र की नींव मजबूत होगी। आइए, हम सब मिलकर अपने बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक और कानूनी ज्ञान देने के इस अभियान का हिस्सा बनें। एक जागरूक नागरिक ही देश की असली ताकत होता है।
क्या आपके क्षेत्र के स्कूलों में भी इस तरह के कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं? इस सराहनीय पहल पर आपकी क्या राय है? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने दोस्तों, परिजनों और शिक्षक समूहों के साथ शेयर करें ताकि समाज में विधिक जागरूकता का प्रसार हो सके।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






