छत्तीसगढ़ में फरार आरोपी जहांगीर शाह के घर पहुंची झारखंड पुलिस, ढोल-नगाड़ों के बीच चस्पा किया इश्तेहार और दी कुर्की की कड़ी चेतावनी
फरार आरोपी जहांगीर शाह के घर पुलिस ने चस्पा किया न्यायालय का इश्तेहार।

झारखंड की केरसई थाना पुलिस ने पशु क्रूरता मामले में फरार आरोपी जहांगीर शाह उर्फ पाकू के छत्तीसगढ़ स्थित घर पर न्यायालय का इश्तेहार चस्पा किया है। थाना प्रभारी विनायक पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को जल्द आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी है। आत्मसमर्पण न करने पर आरोपी की संपत्ति कुर्क की जाएगी।
- केरसई थाना पुलिस ने फरार अभियुक्त जहांगीर शाह उर्फ पाकू के छत्तीसगढ़ स्थित घर पर न्यायालय के आदेश पर इश्तेहार चस्पा किया।
- आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 और झारखंड पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं।
- पुलिस ने आरोपी को निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने की अंतिम चेतावनी दी है।
- नियत समय पर आत्मसमर्पण नहीं करने की स्थिति में आरोपी के घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
- इस पूरी कानूनी कार्रवाई का नेतृत्व केरसई थाना प्रभारी विनायक पांडेय और सब-इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने किया।
झारखंड के सिमडेगा जिले के अंतर्गत आने वाले केरसई थाना क्षेत्र की पुलिस ने कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस ने वर्ष 2025 के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे प्राथमिक अभियुक्त जहांगीर शाह उर्फ पाकू के छत्तीसगढ़ स्थित निवास पर जाकर न्यायालय द्वारा जारी इश्तेहार को चस्पा किया है। यह कानूनी कार्रवाई केरसई थाना कांड संख्या 30/25, दिनांक 16 अक्टूबर 2025 के तहत की गई है। आरोपी जहांगीर शाह लगातार पुलिस की पकड़ से दूर भाग रहा था, जिसके बाद न्यायालय के निर्देश पर पुलिस को यह कदम उठाना पड़ा। इस कार्रवाई के माध्यम से पुलिस ने आरोपी को सीधे तौर पर आत्मसमर्पण करने की हिदायत दी है।
छत्तीसगढ़ के जशपुर में केरसई पुलिस की बड़ी दबिश
केरसई थाना पुलिस की एक विशेष टीम सीमा पार छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पहुंची। पुलिस टीम ने वहां लोहरदगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले साईं टांगर टोली गांव में दबिश दी। यहाँ के निवासी जहांगीर शाह उर्फ पाकू (पिता स्व. जाकिर शाह) के घर पर न्यायालय द्वारा जारी किया गया इश्तेहार विधिवत चस्पा किया गया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की लगातार कोशिशों के बावजूद गिरफ्त में नहीं आ रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय ग्रामीणों को इकट्ठा करके न्यायालय के आदेश की जानकारी दी, ताकि आरोपी पर सामाजिक और कानूनी दबाव बनाया जा सके।
पशु क्रूरता और अवैध गोवंश अधिनियम के तहत दर्ज है मामला
अभियुक्त जहांगीर शाह उर्फ पाकू के खिलाफ केरसई थाने में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, केरसई थाना कांड संख्या 30/25 दिनांक 16 अक्टूबर 2025 के तहत आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 317(5) और 3(5) लगाई गई है। इसके साथ ही, उस पर पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(D), 11(F) और झारखंड पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम 2005 की धारा 12(i) व 12(ii) के तहत भी मुकदमा दर्ज है। इन धाराओं के तहत गोवंश की अवैध तस्करी और पशु क्रूरता के गंभीर आरोप हैं, जिसमें आरोपी की गिरफ्तारी अत्यंत आवश्यक है।
क्या होती है इश्तेहार चस्पा करने की कानूनी प्रक्रिया?
भारतीय कानून के तहत जब कोई आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार फरार रहता है और अदालत के समन या वारंट का जवाब नहीं देता, तो अदालत उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करती है। इसके तहत नागरिक प्रक्रिया संहिता या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के नियमों के अनुसार आरोपी के घर पर ढोल-नगाड़े बजाकर या मुनादी कराकर इश्तेहार चस्पा किया जाता है। इसका उद्देश्य आरोपी और उसके परिवार को यह अंतिम अवसर देना होता है कि वे कानून की प्रक्रिया में शामिल हों। यदि आरोपी इसके बाद भी तय समय सीमा के भीतर अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसकी चल-अचल संपत्ति को जब्त यानी कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया जाता है।
आत्मसमर्पण न करने पर होगी कुर्की-जब्ती की कार्रवाई
न्यायालय से प्राप्त इश्तेहार को चस्पा करने के बाद पुलिस ने आरोपी के परिजनों और स्थानीय लोगों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है। पुलिस ने साफ किया है कि यदि अभियुक्त निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत अगली सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केरसई पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा:
> "यदि आरोपी जहांगीर शाह तय समय के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो न्यायालय के आदेशानुसार उसके मकान और संपत्ति की कुर्की-जब्ती की जाएगी।"
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस का खोजी अभियान और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं आगे भी लगातार जारी रहेंगी।
कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे पुलिस अधिकारी
इस महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई को केरसई पुलिस ने अत्यंत सतर्कता और मुस्तैदी के साथ अंजाम दिया। इस दौरान मौके पर केरसई थाना प्रभारी विनायक पांडेय, सब-इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सहित केरसई थाना के पुलिस बल के जवान और स्थानीय सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत होता है और अपराधियों में डर का माहौल बनता है।
सत्य संदेश समाचार: कानून के लंबे हाथ और पशु क्रूरता पर कड़ा प्रहार
यह मामला दर्शाता है कि अपराधी चाहे सीमा पार किसी दूसरे राज्य में भी क्यों न छुपा हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। केरसई पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ में जाकर की गई यह त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, जो पशु क्रूरता और अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस की शून्य सहिष्णुता की नीति को उजागर करती है। हालांकि, अब देखना यह होगा कि आरोपी पुलिस की इस चेतावनी के बाद आत्मसमर्पण करता है या पुलिस को कुर्की की सख्त कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ेगा। ऐसे गंभीर मामलों में त्वरित अदालती और पुलिस कार्रवाई ही समाज में न्याय व्यवस्था की साख को बनाए रखती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हमारे समाज में शांति और सुरक्षा तभी बनी रह सकती है जब हम सभी कानून का सम्मान करें और अपराधियों का बहिष्कार करें। पशु क्रूरता जैसी अमानवीय घटनाओं को रोकने और अपराधियों को कानून के कटघरे में खड़ा करने के लिए नागरिकों की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। यदि आपके आस-पास कोई भी संदिग्ध गतिविधि या फरार अपराधी दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित कर एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं।
आइए, हम सब मिलकर अपराध मुक्त समाज की दिशा में कदम बढ़ाएं। इस महत्वपूर्ण खबर को अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करें, ताकि समाज में कानून के प्रति जागरूकता फैले। अपनी बहुमूल्य राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें और सत्य संदेश समाचार के इस प्रयास को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






