सिमडेगा में ऑल चर्चेस कमिटी का हुआ भव्य पुनर्गठन अनूप लकड़ा बने कार्यकारी अध्यक्ष और रेभ जकारिया मिज को मिली कमान
सामटोली चर्च परिसर में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से नई जिला कमेटी का गठन किया गया।

झारखंड के सिमडेगा जिला अंतर्गत सामटोली चर्च परिसर में ऑल चर्चेस कमिटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से जिला इकाई का पुनर्गठन करते हुए नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। रेभ जकारिया मिज को जिला अध्यक्ष और अनूप लकड़ा को कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
- सिमडेगा के सामटोली चर्च परिसर में ऑल चर्चेस कमिटी की विशेष बैठक आयोजित कर जिला इकाई का पुनर्गठन किया गया।
- नवगठित कमिटी में विशप विन्सेंट बारवा एवं विशप मुरेल बिलूंग को सर्वसम्मति से संरक्षक का दायित्व सौंपा गया है।
- रेभ जकारिया मिज को अध्यक्ष, फादर एडमोन बाड़ा को सचिव और अनूप लकड़ा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
- संगठन को अधिक मजबूत बनाने, आपसी समन्वय स्थापित करने और समाजहित के कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
- नव-मनोनीत पदाधिकारियों ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक सेवा और कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाने का संकल्प लिया।
झारखंड के सिमडेगा जिले में सामाजिक और धार्मिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सामटोली चर्च परिसर में ऑल चर्चेस कमिटी की जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें सर्वसम्मति से पुरानी कमेटी को भंग कर नई जिला इकाई का पुनर्गठन किया गया। इस बैठक में जिले के विभिन्न चर्चों के वरिष्ठ पादरियों, प्रबुद्ध जनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मसीही समाज के साथ-साथ संपूर्ण सिमडेगा जिले के सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए एक मजबूत और उत्तरदायी टीम का गठन करना था। पुनर्गठित कमिटी अब नए विजन और ऊर्जा के साथ सामाजिक सरोकारों और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेगी।
सामटोली चर्च परिसर में अहम बैठक: एकजुटता और सेवा का नया संकल्प
सिमडेगा जिला हमेशा से ही अपनी सांस्कृतिक विविधता, शांतिप्रियता और सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता है। सामटोली चर्च परिसर में आयोजित इस बैठक में विभिन्न मसीही संप्रदायों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक की शुरुआत प्रार्थना और शांति संदेश के साथ हुई। उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज के सामने कई नई चुनौतियां हैं, जिनका सामना केवल आपसी समन्वय, एकता और संगठित प्रयासों के माध्यम से ही किया जा सकता है। ऑल चर्चेस कमिटी न केवल धार्मिक गतिविधियों का संचालन करेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के प्रति जागरूकता और सामाजिक चेतना के प्रसार में भी अग्रणी भूमिका निभाएगी।
नई कार्यकारिणी की घोषणा: संरक्षक से लेकर सदस्यों तक पूरी सूची
ऑल चर्चेस कमिटी की इस महत्वपूर्ण बैठक में लोकतांत्रिक और सर्वसम्मत प्रक्रिया के तहत नई जिला इकाई के पदाधिकारियों की घोषणा की गई। इस नई टीम में अनुभवी संरक्षकों के मार्गदर्शक दृष्टिकोण के साथ-साथ युवाओं की ऊर्जा और जोश को भी शामिल किया गया है ताकि संगठन जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।
संरक्षक और मुख्य पदाधिकारी
कमिटी को सही दिशा, नैतिक मार्गदर्शन और वैचारिक मजबूती प्रदान करने के लिए विशप विन्सेंट बारवा एवं विशप मुरेल बिलूंग को संरक्षक मनोनीत किया गया है। इनके वृहद अनुभवों का लाभ पूरी कमिटी को समय-समय पर मिलेगा। वहीं, प्रशासनिक और संगठनात्मक नेतृत्व के लिए निम्नलिखित पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
- अध्यक्ष: रेभ जकारिया मिज
- कार्यकारी अध्यक्ष: अनूप लकड़ा
- सचिव: फादर एडमोन बाड़ा
- उपाध्यक्ष: रेभ लोरेंग डंगडुंग, रेभ मनोज मिंज एवं रेभ दुलारचंद कुमार
- उप सचिव: रेभ अमित लकड़ा
- कोषाध्यक्ष: रेभ अनमोल लकड़ा
संगठनात्मक और मीडिया विंग का विस्तार
कमिटी के रचनात्मक कार्यों को धरातल पर उतारने और जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक संगठन का विस्तार करने के लिए एक समर्पित संगठनात्मक टीम का गठन किया गया है। संगठन सचिव के रूप में ओलिभर लकड़ा, सुनील सुरीन, विल्सन मांझी, जयवंत सोरेंग, पास्टर अनिल लकड़ा एवं धीरज कुजूर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही, कमिटी के विचारों, निर्णयों और सामाजिक कार्यों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए सलीम तिर्की को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कार्यकारिणी सदस्य
कमिटी की रीढ़ माने जाने वाले कार्यकारिणी सदस्यों में समाज के विभिन्न वर्गों, महिलाओं और बुद्धिजीवियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। इस कार्यकारिणी में निम्नलिखित सदस्यों को शामिल किया गया है:
अजय एक्का, सुमन मिज, राजन बाः, इसीदोर केरकेट्टा, नीलम राकेश मिंज, मोरिस केरकेट्टा, रजत टेटे, विकास कंडुलना, जोसेफ डंगडुंग, विजय तिर्की, रेजिना टोप्पो एवं अनीमा तिर्की।
समाजहित और आपसी समन्वय पर विशेष जोर
बैठक के दौरान नवनियुक्त पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा किए और संगठन की भावी कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। सभी ने एक सुर में कहा कि ऑल चर्चेस कमिटी का मूल उद्देश्य समाज के पिछड़े, शोषित और जरूरतमंद वर्गों की नि:स्वार्थ सहायता करना है। शिक्षा के स्तर को सुधारने, युवाओं को नशे की लत से दूर रखने, स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैलाने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
नव-मनोनीत अध्यक्ष रेभ जकारिया मिज ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा:
> "हमारा उद्देश्य केवल एक कमेटी का संचालन करना नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित होकर काम करना है। हम आपसी समन्वय और प्रेम के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे ताकि सिमडेगा जिला विकास, शांति और आपसी सद्भाव का एक अनुपम उदाहरण बन सके।"
कार्यकारी अध्यक्ष अनूप लकड़ा ने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे संगठन को और अधिक गतिशील बनाने के लिए युवाओं को जोड़ेंगे और जमीनी स्तर पर रचनात्मक व जनहितैषी कार्यों को तेज गति प्रदान करेंगे।
सत्य संदेश समाचार: सामाजिक समरसता और संगठित प्रयास की नई मिसाल
सिमडेगा में ऑल चर्चेस कमिटी का यह पुनर्गठन केवल एक सांगठनिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में सामाजिक समरसता, भाईचारे और सामूहिक विकास को नई गति देने का एक सराहनीय प्रयास है। विभिन्न संप्रदायों और प्रबुद्ध जनों का एक मंच पर आना और जनकल्याण का साझा संकल्प लेना यह दर्शाता है कि समाज में एकता की जड़ें कितनी गहरी हैं। ऐसे प्रयास न केवल आपसी दूरियों को मिटाते हैं बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भी एक सकारात्मक सेतु का कार्य करते हैं। अब देखना यह होगा कि यह नई टीम अपनी बड़ी कार्ययोजनाओं को धरातल पर उतारने में कितनी सफल साबित होती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसी भी सभ्य और प्रगतिशील समाज की असली ताकत उसकी एकता, सेवा भावना और आपसी भाईचारे में निहित होती है। ऑल चर्चेस कमिटी का यह पुनर्गठन हमें याद दिलाता है कि जब हम सब मिलकर सामूहिक कल्याण के लिए काम करते हैं, तो बड़े से बड़े लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। आइए, हम सब भी अपने-अपने स्तर पर समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और जरूरतमंदों की मदद के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लें।
सजक रहें, सक्रिय बनें: इस महत्वपूर्ण सामाजिक पहल और सिमडेगा में हुए इस संगठनात्मक बदलाव पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि ऐसे सामाजिक संगठन जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकते हैं? अपने बहुमूल्य विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें, इस खबर को अपने मित्रों और परिजनों के साथ साझा करें और समाज में सकारात्मकता फैलाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
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