सिमडेगा के सेंट जॉन्स स्कूल फर्साबेड़ा में प्लस टू कक्षाओं का भव्य शुभारंभ उपायुक्त कंचन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न
फर्साबेड़ा के सेंट जॉन्स स्कूल में प्लस टू कक्षाओं का भव्य शुभारंभ हुआ।

सिमडेगा के फर्साबेड़ा स्थित सेंट जॉन्स स्कूल में आज 10+2 कक्षाओं का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि उपायुक्त कंचन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति और विद्यार्थियों के मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच इस नए शैक्षणिक सत्र का अनावरण किया गया, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा को नया आयाम मिलेगा।
- सिमडेगा के फर्साबेड़ा स्थित सेंट जॉन्स स्कूल में 10+2 कक्षाओं का भव्य उद्घाटन किया गया।
- मुख्य अतिथि के रूप में सिमडेगा की उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत कर छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
- विद्यालय के मैनेजर श्री विक्टर केरकेट्टा और प्राचार्या राज लक्ष्मी वर्मा की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
- विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
- शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से दोपहर 2:30 बजे शुरू हुआ यह भव्य आयोजन शाम 5:30 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
झारखंड के सिमडेगा जिला अंतर्गत फर्साबेड़ा में स्थित प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सेंट जॉन्स स्कूल में आज का दिन ऐतिहासिक रहा। विद्यालय परिसर में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान नव-सृजित 10+2 (प्लस टू) कक्षाओं का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए सिमडेगा की उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधन, शिक्षक, अभिभावक और सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिन्होंने इस नई शैक्षणिक यात्रा का पूरे उत्साह के साथ स्वागत किया।
फर्साबेड़ा में उच्च शिक्षा के नए युग का सूत्रपात
सिमडेगा जिला भौगोलिक रूप से सुदूरवर्ती और ग्रामीण बहुल क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में फर्साबेड़ा जैसे क्षेत्र में सेंट जॉन्स स्कूल द्वारा 10+2 (इंटरमीडिएट) कक्षाओं की शुरुआत करना स्थानीय स्तर पर शिक्षा के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। अब तक इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा के लिए या तो जिला मुख्यालय जाना पड़ता था या फिर अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे न केवल गरीब अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ता था, बल्कि छात्राओं को भी सुरक्षा और दूरी के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी। विद्यालय प्रबंधन का यह निर्णय क्षेत्र के बच्चों को उनके घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
गरिमामयी उपस्थिति और दीप प्रज्वलन से शुरुआत
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दोपहर ठीक 2:30 बजे मुख्य अतिथि उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह, विद्यालय के मैनेजर श्री विक्टर केरकेट्टा और प्राचार्या राज लक्ष्मी वर्मा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के पश्चात अतिथियों द्वारा फीता काटकर और पट्टिका का अनावरण कर 10+2 कक्षाओं के नए विंग का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर पूरा विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विद्यालय की प्राचार्या ने मुख्य अतिथि को गुलदस्ता और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।
उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह का प्रेरक संबोधन
मुख्य अतिथि उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह अपने बेहद व्यस्त प्रशासनिक कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर सेंट जॉन्स स्कूल पहुंची थीं। विद्यालय परिसर में पहुंचते ही अभिभावकों और विद्यार्थियों के चेहरों पर जो उत्साह और खुशी थी, उसने उपायुक्त को बेहद प्रभावित किया। कार्यक्रम की भव्यता और अनुशासन को देखकर वे इतनी अभिभूत हुईं कि उन्होंने अपने पूर्व निर्धारित समय से अधिक वक्त विद्यालय में बिताया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने कहा:
> "शिक्षा ही वह एकमात्र माध्यम है जो किसी भी समाज और राष्ट्र की दिशा बदल सकती है। सेंट जॉन्स स्कूल ने फर्साबेड़ा जैसे क्षेत्र में प्लस टू स्तर की शिक्षा शुरू कर एक सराहनीय कदम उठाया है। मैं सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूँ और उम्मीद करती हूँ कि वे इस सुविधा का पूरा लाभ उठाकर जिले का नाम रोशन करेंगे।"
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी झारखंड की समृद्ध विरासत
कक्षाओं के उद्घाटन के उपरांत विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों में मुख्य रूप से झारखंड की क्षेत्रीय संस्कृति, लोक नृत्य और पारंपरिक गीतों का समावेश था। विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सज्ज होकर अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन किया। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास और उनकी प्रतिभा देखकर मुख्य अतिथि सहित वहां उपस्थित सभी अभिभावक मंत्रमुग्ध हो गए। इस सांस्कृतिक संध्या ने यह साबित कर दिया कि सेंट जॉन्स स्कूल के बच्चे न केवल शिक्षा में बल्कि सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी अव्वल हैं।
शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से मिली ऐतिहासिक सफलता
इस भव्य और गरिमापूर्ण आयोजन को सफल बनाने में सेंट जॉन्स स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं की टीम ने दिन-रात एक कर दिया था। कार्यक्रम के सफल संचालन और व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में विभिन्न विभागों के प्रभारियों का विशेष योगदान रहा।
समारोह के आयोजन में मुख्य रूप से निम्नलिखित शिक्षकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
- कमल सर और दशरथ सर ने मंच और अनुशासन व्यवस्था संभाली।
- विजेता मिस, श्वेता मिस और सोनी मिस के निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।
- प्रीनीता मिस ने अतिथियों के स्वागत और प्रोटोकॉल का जिम्मा संभाला।
- भूषण सर, बंधन सर, अशोक सर और बसंत सर ने तकनीकी, बैठक व्यवस्था और अन्य विभागीय दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के सामूहिक प्रयास, आपसी तालमेल और समर्पण के कारण ही यह कार्यक्रम बिना किसी बाधा के शाम 5:30 बजे राष्ट्रगान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सत्य संदेश समाचार: ग्रामीण अंचलों में शिक्षा का प्रसार ही सच्ची प्रगति
सेंट जॉन्स स्कूल फर्साबेड़ा में प्लस टू कक्षाओं की शुरुआत सिमडेगा जैसे सुदूरवर्ती जिले के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर है। उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन भी ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण को लेकर बेहद गंभीर है। जब तक हमारे गांवों और कस्बों में उच्च शिक्षा के द्वार नहीं खुलेंगे, तब तक विकास की कल्पना अधूरी है। विद्यालय प्रबंधन का यह प्रयास स्थानीय स्तर पर पलायन को रोकने और बेटियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने में क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा केवल साक्षर बनने का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे विचारों को संकीर्णता से मुक्त कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का हथियार है। जब हमारे आस-पास के क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के नए संस्थान खुलते हैं, तो यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बन जाती है कि हम उनका समर्थन करें और अपने बच्चों को बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करें। आइए, शिक्षा के इस उजियारे को घर-घर तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं।
क्या आपको लगता है कि फर्साबेड़ा के सेंट जॉन्स स्कूल में प्लस टू की पढ़ाई शुरू होने से सिमडेगा के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बड़ा फायदा होगा? इस ऐतिहासिक पहल पर अपनी बहुमूल्य राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें। इस प्रेरक खबर को अपने मित्रों, रिश्तेदारों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में शेयर कर शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में हमारा सहयोग करें।
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