लचरागढ़ के विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर में राष्ट्रीय खेल दिवस पर दिखा उत्साह, खेल स्पर्धाओं में छात्र-छात्राओं ने दिखाया दम
विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर में मेजर ध्यानचंद की जयंती पर भव्य खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ शानदार आयोजन।

लचरागढ़ के विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर में राष्ट्रीय खेल दिवस और मेजर ध्यानचंद की जयंती पर भव्य खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस आयोजन में मुख्य अतिथि सेंट दामोनिक कॉलेज के प्राचार्य क्लेमेंट लकड़ा और विशिष्ट अतिथि एएसआई जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे। फुटबॉल और वॉलीबॉल सहित विभिन्न स्पर्धाओं में विद्यार्थियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
- विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर लचरागढ़ में राष्ट्रीय खेल दिवस और मेजर ध्यानचंद की जयंती पर भव्य खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
- मुख्य अतिथि प्राचार्य क्लेमेंट लकड़ा और विशिष्ट अतिथि एएसआई जितेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
- फुटबॉल मैच में शिवाजी दल और एकलव्य दल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और फाइनल में जगह बनाई।
- विभिन्न रेस स्पर्धाओं में ऋतिक कुमार, पल्लवी कुमारी, आराध्य कुमारी और लक्ष्मी कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- समारोह के अंत में सभी विजेता और प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित और प्रोत्साहित किया गया।
झारखंड के लचरागढ़ स्थित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल भावना का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। वनवासी कल्याण केंद्र की शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखंड द्वारा संचालित इस विद्यालय में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती को बेहद उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान आयोजित भव्य खेलकूद प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी शारीरिक और मानसिक दक्षता का परिचय दिया। इस गरिमामयी समारोह में क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने शिरकत कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें जीवन में खेलों के महत्व से अवगत कराया।
गरिमामयी उपस्थिति और कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ में आयोजित इस खेल महोत्सव की शुरुआत बेहद आकर्षक ढंग से हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राजेंद्र साहू की कुशल अगुआई और खेल प्रमुख प्रमोद पाणिग्राही तथा भागीरथी सिंह की देखरेख में पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि सेंट दामोनिक कॉलेज के प्राचार्य श्री क्लेमेंट लकड़ा, विशिष्ट अतिथि लचरागढ़ टीओपी (TOP) के एएसआई श्री जितेंद्र सिंह, प्रोफेसर श्री कामिल बाड़ा और प्रधानाचार्य श्री राजेंद्र साहू द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन और मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ किया गया। इसके बाद अतिथियों ने मैदान पर जाकर टॉस किया और फुटबॉल को किक मारकर विधिवत खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत की।
खेल शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा: अतिथियों के प्रेरक विचार
समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने बच्चों को खेल और अनुशासन के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। मुख्य अतिथि श्री क्लेमेंट लकड़ा ने अपने संबोधन में कहा:
> "खेल हमारी शिक्षा का एक अनिवार्य अंग हैं। यह न केवल हमें शारीरिक रूप से स्वस्थ रखते हैं, बल्कि हमें टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना सिखाते हैं। विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर के विद्यार्थी अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा और कड़े अनुशासन के लिए हमेशा से जाने जाते हैं, और आज खेल के मैदान पर भी यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।"
विशिष्ट अतिथि लचरागढ़ टीओपी के एएसआई श्री जितेंद्र सिंह ने भी बच्चों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा:
> "खेलकूद से बच्चों का सर्वांगीण शारीरिक व मानसिक विकास होता है। मैदान पर हार-जीत से ज्यादा महत्वपूर्ण खेल भावना के साथ खेलना होता है। इसके साथ ही, मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूँ कि वे सड़क पर चलते समय यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें और सड़क सुरक्षा के प्रति खुद भी जागरूक रहें तथा दूसरों को भी जागरूक करें।"
फुटबॉल और वॉलीबॉल में कड़ा मुकाबला
खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत होते ही मैदान दर्शकों और बच्चों की तालियों से गूंज उठा। सबसे पहले फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला:
- फुटबॉल मुकाबला 1: फुटबॉल के पहले मैच में शिवाजी दल का मुकाबला भरत दल से हुआ। इस रोमांचक मैच में शिवाजी दल ने शानदार खेल दिखाते हुए भरत दल को पराजित कर जीत हासिल की।
- फुटबॉल मुकाबला 2: दूसरे मैच में एकलव्य दल ने आरुणि दल के खिलाफ मैदान संभाला। एकलव्य दल ने उत्कृष्ट समन्वय का प्रदर्शन करते हुए आरुणि दल को शिकस्त दी और फाइनल मुकाबले में प्रवेश किया।
- वॉलीबॉल प्रतियोगिता: वॉलीबॉल के मुकाबलों में भी कड़ा संघर्ष देखने को मिला। अंततः शिवाजी दल और एकलव्य दल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और विजेता का खिताब अपने नाम किया।
बच्चों की मनोरंजक रेस और विभिन्न स्पर्धाओं के परिणाम
मैदान पर केवल बड़े बच्चों के ही मैच नहीं हुए, बल्कि शिशु वाटिका से लेकर विद्या मंदिर वर्ग तक के छोटे बच्चों के लिए कई मनोरंजक और रोमांचक रेस स्पर्धाएं आयोजित की गईं। इन स्पर्धाओं के परिणाम इस प्रकार रहे:
- मेंढक रेस (शिशु वाटिका - भैया वर्ग): इस रेस में नन्हे भैया ऋतिक कुमार ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि ललित कुमार द्वितीय और लालमोहन सिंह तृतीय स्थान पर रहे।
- मेंढक रेस (शिशु वाटिका - बहन वर्ग): नन्ही बहनों की इस रेस में पल्लवी कुमारी ने पहला स्थान, आराधना कुमारी ने दूसरा स्थान और एंजेल लकड़ा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
- बैलून रेस (शिशु मंदिर वर्ग): गुब्बारा रेस में आराध्य कुमारी ने प्रथम, दीप्ति कुमारी ने द्वितीय और परिधि कुमारी ने तृतीय स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा दिखाई।
- बैलून रेस (अन्य वर्ग): इस श्रेणी में भूमिका कुमारी प्रथम स्थान पर रहीं, जबकि लालमुनि कुमारी ने द्वितीय और अनुष्का मुंडा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
- बैलून रेस (विद्या मंदिर वर्ग): बड़ी बहनों की इस युगल स्पर्धा में हिना व पूजा की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, आकांक्षा व साक्षी की जोड़ी दूसरे स्थान पर और हीरामुनि व जलेश्वरी की जोड़ी तीसरे स्थान पर रही।
- बाल्टी बैलून रेस: इस अनूठी प्रतियोगिता में लक्ष्मी कुमारी ने पहला, रेखा कुमारी ने दूसरा और आकांक्षा सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त कर बाजी मारी।
पुरस्कार वितरण और गरिमामयी समापन
सभी खेल स्पर्धाओं के संपन्न होने के बाद समापन समारोह और पुरस्कार वितरण का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने सभी विजयी प्रतिभागियों को मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इसके अलावा, खेल में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार और उनकी खेल भावना के लिए विशेष रूप से सराहा गया।
इस भव्य कार्यक्रम का मंच संचालन आचार्य प्रमोद पाणिग्राही ने बेहद जीवंत तरीके से किया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य श्री राजेंद्र साहू ने उपस्थित सभी अतिथियों, आचार्यों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त आचार्य, आचार्या, छात्रावास सह प्रमुख, वाहन चालक, सफाई कर्मी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय खेल प्रेमी उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
सत्य संदेश समाचार: [खेलों से संवरता है नौनिहालों का भविष्य और अनुशासन]
लचरागढ़ के विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर में आयोजित यह खेलकूद प्रतियोगिता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों में छिपी ऐसी खेल प्रतिभाओं को यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। विद्यालय प्रशासन द्वारा बच्चों को न केवल खेलों से जोड़ना बल्कि एएसआई के माध्यम से सड़क सुरक्षा जैसे सामाजिक विषयों पर जागरूक करना एक बेहद सराहनीय और अनुकरणीय कदम है। प्रशासन और खेल विभागों को भी ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे विद्यालयों में बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आगे आना चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह हमारे चरित्र, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का निर्माण करते हैं। लचरागढ़ के इन नन्हे बच्चों ने खेल के मैदान पर जो जज्बा दिखाया है, वह हम सभी को जीवन में लगातार आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देता है। हमें अपने बच्चों को मोबाइल और गैजेट्स की आभासी दुनिया से बाहर निकालकर खेल के मैदानों की ओर प्रेरित करना होगा ताकि वे शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से मजबूत बन सकें।
सजग रहें, सक्रिय बनें। खेल दिवस के इस पावन अवसर पर अपने बच्चों को शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास का संकल्प लें। इस प्रेरणादायक खबर पर अपनी बहुमूल्य राय कमेंट बॉक्स में साझा करें, इसे अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर करें और समाज में खेल के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
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