सिमडेगा के श्री करंगागुड़ी शिवधाम में सावन की चौथी सोमवारी पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब प्रसिद्ध नागपुरी गायक शिलंबर नायक और भारत बघवार के भजनों पर दिनभर झूमते रहे श्रद्धालु
करंगागुड़ी शिवधाम में नागपुरी भजनों की गूंज और भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़।

सिमडेगा के ऐतिहासिक श्री करंगागुड़ी शिवधाम में सावन की चौथी सोमवारी पर भव्य सांस्कृतिक और धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रसिद्ध नागपुरी भजन गायक शिलंबर नायक और भारत बघवार के भक्ति गीतों पर श्रद्धालु दिनभर झूमते रहे। शंख नदी से लाए पवित्र जल से जलाभिषेक के बाद विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ।
- सिमडेगा के प्रसिद्ध श्री करंगागुड़ी शिवधाम में सावन की चौथी सोमवारी पर भव्य भजन संध्या और जलाभिषेक का आयोजन किया गया।
- सुप्रसिद्ध नागपुरी गायक शिलंबर नायक और भारत बघवार के पारंपरिक भजनों पर श्रद्धालु दिन भर भक्ति भाव में झूमते रहे।
- शंख नदी से पवित्र जल लाकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।
- समाजसेवी सुशील श्रीवास्तव, द्वारिका प्रसाद और अक्षय के विशेष सहयोग से श्रद्धालुओं के बीच खीर प्रसाद का वितरण किया गया।
- मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश साय और सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से पूरा धार्मिक अनुष्ठान भव्यता से संपन्न हुआ।
झारखंड के सिमडेगा जिला अंतर्गत अत्यंत पूजनीय और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल श्री करंगागुड़ी शिवधाम में सावन की चौथी सोमवारी के पावन अवसर पर भक्ति का अनूठा प्रवाह देखने को मिला। इस विशेष और पवित्र दिन पर मंदिर परिसर में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। दोपहर से शुरू हुई इस विशेष भजन संध्या में कलाकारों ने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा मंदिर परिसर शिवभक्ति के रंग में सराबोर हो गया। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
नागपुरी भजनों की सुरीली तान पर झूमे श्रद्धालु
श्री करंगागुड़ी शिवधाम में आयोजित इस भव्य भजन संध्या के मुख्य आकर्षण क्षेत्र के सुप्रसिद्ध नागपुरी भजन गायक शिलंबर नायक और भारत बघवार रहे। दोनों ही कलाकारों ने दोपहर से ही अपनी सुरीली आवाज और पारंपरिक नागपुरी वाद्यों की थाप पर एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों की प्रस्तुति देनी शुरू की। जैसे ही कलाकारों ने नागपुरी धुनों पर बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती के पारंपरिक भजन शुरू किए, उपस्थित श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाए।
पूरा पंडाल और मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय शिव शंभू' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी श्रद्धालु दिन भर भक्ति रस में लीन होकर झूमते और नृत्य करते नजर आए। स्थानीय नागपुरी भाषा में गाए गए भजनों ने लोगों को अपनी मिट्टी और संस्कृति से जोड़े रखा, जिससे इस धार्मिक आयोजन की भव्यता दोगुनी हो गई।
शंख नदी के पवित्र जल से जलाभिषेक और महाभंडारा
इस पावन अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सैकड़ों की संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने शंख नदी से पवित्र जल उठाया और पैदल यात्रा करते हुए श्री करंगागुड़ी शिवधाम पहुंचे। यहाँ विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया।
जलाभिषेक कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में मुख्य रूप से स्वादिष्ट खीर प्रसाद का वितरण किया गया। इस भंडारे के सफल आयोजन में समाजसेवी सुशील श्रीवास्तव (कुरडेग), द्वारिका प्रसाद (सेवई), अक्षय (मेहरगुझारिया), किनकेल साहू बस्ती एवं रौनियार समाज (कुरडेग) का सराहनीय और विशेष योगदान रहा। इनके सौजन्य से हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अत्यंत अनुशासित तरीके से महाप्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर प्रबंधकारिणी समिति की सराहनीय और सक्रिय भूमिका
इस विशाल और भव्य धार्मिक आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में श्री करंगागुड़ी शिवधाम प्रबंधकारिणी समिति के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने दिन-रात एक कर दिया। समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश साय के नेतृत्व में सुरक्षा, पेयजल, और कतार प्रबंधन की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समिति के सक्रिय सदस्य देवनारायण देहरी, शिवप्रताप मांझी, हीरानाथ साय, बैजनाथ केशरी, सुरेश केसरी, शिवचंद लाल अग्रवाल, मानकी लाल, नागेश्वर प्रसाद, सुधीर मांझी, समीर साय, तिलक महतो, शंकर बड़ाइक, गोपाल बैगा, सीताराम केशरी, विजय प्रसाद, सुदामा प्रसाद, शेतुवन मांझी, जितेंद्र प्रसाद, राजेश मांझी, टहलू जगनू बैगा और कैलाश मेहर ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई।
इसके साथ ही, मंदिर के सम्मानित पुजारी महेश्वर दास, ऋषिकेश पांडा, लक्ष्मण पांडा व सतीश पांडा ने पूरे विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न कराई।
मंदिर समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश साय ने कहा: "सावन की चौथी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। सभी दानदाताओं, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के सहयोग से यह ऐतिहासिक आयोजन अत्यंत शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हुआ है, जिसके लिए हम सभी के आभारी हैं।"
सत्य संदेश समाचार: धार्मिक आयोजन और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल
करंगागुड़ी शिवधाम का यह भव्य आयोजन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, क्षेत्रीय कलाकारों के सम्मान और सामाजिक एकता को भी दर्शाता है। स्थानीय नागपुरी गायकों को ऐसा प्रतिष्ठित मंच प्रदान करना और समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा मिलकर भंडारे का आयोजन करना एक अनुकरणीय पहल है। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और समरसता को भी मजबूत करते हैं। मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन का यह बेहतर तालमेल वास्तव में प्रशंसा के योग्य है।
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धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव हमें अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। श्री करंगागुड़ी शिवधाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की यह भारी भीड़ इस बात का जीवंत प्रमाण है कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी आस्था, परंपराएं और लोक कलाएं कितनी सशक्त हैं। आइए, हम सब मिलकर अपने स्थानीय धार्मिक स्थलों के संरक्षण, स्वच्छता और अपनी अनूठी लोक कलाओं को बढ़ावा देने का संकल्प लें। एक सजग और सक्रिय नागरिक के रूप में हमें ऐसे सामूहिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए और समाज में सकारात्मकता का संचार करना चाहिए।
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