खूंटी में आयोजित अंतर संकुल प्रश्न मंच प्रतियोगिता में सरस्वती शिशु मंदिर वनदुर्गा मालसाड़ा की बेटियों ने लहराया परचम, हासिल किया पहला स्थान
अंतर संकुल प्रश्न मंच प्रतियोगिता में वनदुर्गा की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का मान बढ़ाया।

खूंटी के गोविंदपुर में आयोजित दो दिवसीय अंतर संकुल प्रश्न मंच प्रतियोगिता में सरस्वती शिशु मंदिर वनदुर्गा मालसाड़ा की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 05 और 06 सितंबर 2026 को आयोजित इस स्पर्धा में चार संकुलों के 16 विद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया था। विद्यालय की इस शानदार ऐतिहासिक सफलता से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
- खूंटी के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गोविंदपुर में 05 और 06 सितंबर 2026 को अंतर संकुल प्रश्न मंच प्रतियोगिता आयोजित की गई।
- प्रतियोगिता में सरस्वती शिशु मंदिर वनदुर्गा मालसाड़ा की टीम ने सभी चरणों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर प्रथम स्थान हासिल किया।
- इस ज्ञान प्रतियोगिता में कुल चार संकुलों के 16 विद्यालयों की प्रतिभाशाली टीमों ने हिस्सा लिया था।
- विजेता टीम में शामिल छात्राएं बहन नवीन कुमारी, बहन मधुबाला कुमारी और बहन उर्मिला कुमारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
- विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री जगरनाथ सिंह ने विजेता छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड अंतर्गत मालसाड़ा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर वनदुर्गा के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है। विद्यालय की मेधावी छात्राओं की टीम ने खूंटी के गोविंदपुर में आयोजित अंतर संकुल प्रश्न मंच प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न संकुलों के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों ने भाग लिया था, जिन्हें पछाड़कर वनदुर्गा की टीम ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस सफलता से न केवल विद्यालय परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के ग्रामीण और शिक्षाविद बेहद उत्साहित हैं।
खूंटी के गोविंदपुर में सजा ज्ञान का भव्य मंच
झारखंड के खूंटी जिला अंतर्गत गोविंदपुर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में 05 और 06 सितंबर 2026 को दो दिवसीय अंतर संकुल प्रश्न मंच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, सामान्य ज्ञान, तार्किक सोच और आत्मविश्वास का विकास करना था। प्रतियोगिता में कुल चार संकुलों के अंतर्गत आने वाले 16 विभिन्न विद्यालयों की सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली टीमों ने हिस्सा लिया। दो दिनों तक चली इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में विज्ञान, संस्कृति, इतिहास, गणित और समसामयिक विषयों पर आधारित कई कठिन दौर आयोजित किए गए। सभी टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंततः सरस्वती शिशु मंदिर वनदुर्गा मालसाड़ा की टीम ने अपनी तार्किक क्षमता और सटीक उत्तरों के बल पर सबको पीछे छोड़ दिया।
विजेता छात्राओं का शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन
इस गौरवशाली प्रतियोगिता में सरस्वती शिशु मंदिर वनदुर्गा मालसाड़ा की ओर से तीन होनहार छात्राओं ने विद्यालय का प्रतिनिधित्व किया था। इस विजेता टीम में बहन नवीन कुमारी, बहन मधुबाला कुमारी और बहन उर्मिला कुमारी शामिल थीं। तीनों छात्राओं ने प्रतियोगिता के हर चरण जैसे कि रैपिड फायर राउंड, बजर राउंड और लिखित परीक्षा में अपनी उत्कृष्ट बुद्धिमत्ता और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन किया। कठिन से कठिन सवालों के त्वरित और सटीक उत्तर देकर इन छात्राओं ने न केवल निर्णायकों को प्रभावित किया, बल्कि प्रतियोगिता के अंतिम चरण में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर अपना कब्जा जमाया। छात्राओं की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सुदूर ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
प्रधानाचार्य श्री जगरनाथ सिंह ने थपथपाई पीठ
छात्राओं की इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री जगरनाथ सिंह ने विजेता टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्राओं के इस प्रदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे विद्यालय के लिए एक मील का पत्थर बताया।
प्रधानाचार्य श्री जगरनाथ सिंह ने कहा: "यह ऐतिहासिक सफलता हमारे विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अटूट लगन और हमारे समर्पित आचार्यों के कुशल मार्गदर्शन का ही सुखद परिणाम है। ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों के भीतर त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और उनके समग्र व्यक्तित्व के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हमें अपनी छात्राओं पर गर्व है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा से विद्यालय का नाम पूरे राज्य में रोशन किया है।"
इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय परिवार के सभी आचार्यों, सहकर्मियों और छात्रों को बधाई देते हुए विजेता छात्राओं के उज्जवल और स्वर्णिम भविष्य की कामना की।
हरि वनवासी विकास समिति का सराहनीय योगदान
सरस्वती शिशु मंदिर वनदुर्गा मालसाड़ा का संचालन हरि वनवासी विकास समिति रांची द्वारा किया जाता है। यह विद्यालय वनवासी कल्याण केंद्र से संबद्ध है, जो सुदूरवर्ती वनवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को संस्कारयुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है। वनवासी कल्याण केंद्र से संबद्ध होने के कारण विद्यालय में न केवल अकादमिक शिक्षा दी जाती है, बल्कि बच्चों के नैतिक और शारीरिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इस संस्था के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी आज शहरी क्षेत्रों के बच्चों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और अपनी अद्वितीय पहचान बना रहे हैं।
सत्य संदेश समाचार: ग्रामीण प्रतिभाओं को उचित मंच मिलने से बदल रही है तस्वीर
यह सफलता केवल एक सामान्य प्रतियोगिता की जीत नहीं है, बल्कि यह इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों के बच्चों को सही मार्गदर्शन और समान अवसर प्रदान किए जाएं, तो वे देश के किसी भी मंच पर अपनी योग्यता साबित कर सकते हैं। सरस्वती शिशु मंदिर वनदुर्गा की छात्राओं ने सीमित संसाधनों के बीच जो मुकाम हासिल किया है, वह सराहनीय है। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन और हरि वनवासी विकास समिति के प्रयास भी बधाई के पात्र हैं, जो सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का उजियारा फैला रहे हैं। शासन-प्रशासन को भी ऐसे सुदूरवर्ती विद्यालयों को अधिक से अधिक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के भीतर छिपी हुई अद्भुत प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम है। हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने जो गौरव हासिल किया है, वह हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। समाज के प्रत्येक नागरिक का यह परम कर्तव्य है कि वह अपने आस-पास के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करे और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करे। जब हमारी बेटियां शिक्षित और सशक्त होंगी, तभी हमारा समाज आत्मनिर्भर बनेगा।
आइए, इन होनहार बेटियों की इस शानदार और ऐतिहासिक सफलता पर उनका उत्साहवर्धन करें और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने का संकल्प लें। इस गौरवपूर्ण खबर पर अपनी बहुमूल्य राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें, इसे अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर करें ताकि अन्य बच्चे भी इससे प्रेरित होकर आगे बढ़ सकें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






