सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई FSSAI द्वारा चिन्हित 115 अमानक खाद्य उत्पादों पर कसा शिकंजा दुकानों से हटवाया गया प्रतिबंधित स्टॉक
मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए दुकानों में ताबड़तोड़ छापेमारी।

झारखंड के सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफएसएसएआई द्वारा चिन्हित 115 अमानक खाद्य उत्पादों और एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर रोक लगा दी है। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विकास कुमार के नेतृत्व में शहरी क्षेत्र के प्रमुख प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की गई। इस अभियान का उद्देश्य बाजार से मिलावटी और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों को हटाना है।
- सिमडेगा के शहरी क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुरुवार सघन को औचक जांच अभियान चलाया।
- एफएसएसएआई (FSSAI) द्वारा चिन्हित 115 अमानक उत्पादों और गैर-मानक एनर्जी ड्रिंक्स को दुकानों से तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए।
- खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विकास कुमार के नेतृत्व में कई प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई।
- झारखंड सरकार के संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के संयुक्त आदेश पर यह कार्रवाई हुई।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
झारखंड के सिमडेगा जिले में आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुरुवार को सिमडेगा के शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा अमानक घोषित किए गए 115 उत्पादों और सेहत के लिए हानिकारक एनर्जी ड्रिंक्स को बाजार से पूरी तरह से हटाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
संयुक्त आदेश के तहत सिमडेगा में सघन छापेमारी अभियान
सिमडेगा जिले में मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को शहरी क्षेत्र में व्यापक औचक जांच अभियान चलाया। यह अभियान भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों तथा झारखंड सरकार के संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त, अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के संयुक्त आदेश के तहत आयोजित किया गया था। इस अभियान का नेतृत्व सिमडेगा के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने किया। उनके साथ विभाग के अन्य अधिकारी और सुरक्षा बल भी मौजूद थे, ताकि जांच प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।
इन प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की हुई सघन जांच
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान कई बड़े प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया गया। टीम ने विशेष रूप से निम्नलिखित दुकानों की जांच की:
- मेसर्स प्रदीप ख्वाला, नीचे बाजार
- मेसर्स श्री बालाजी इंटरप्राईजेज, नीचे बाजार
- मेसर्स असार स्टोर, कॉलेज रोड
इन सभी दुकानों में रखे गए खाद्य पदार्थों के स्टॉक, उनके निर्माण की तिथि, एक्सपायरी डेट और FSSAI के मानकों की गहनता से जांच की गई। अधिकारियों ने दुकानदारों को कड़े निर्देश दिए कि वे केवल उन्हीं उत्पादों की बिक्री करें जो सरकार और FSSAI द्वारा प्रमाणित हैं।
FSSAI द्वारा चिन्हित 115 अमानक उत्पादों को हटाने का निर्देश
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने सभी दुकानदारों को FSSAI द्वारा चिन्हित 115 गैर-मानक उत्पादों और प्रतिबंधित एनर्जी ड्रिंक्स की सूची सौंपी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन उत्पादों में कई ऐसे तत्व पाए गए हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्देश दिया कि वे अपने स्टॉक से इन सभी 115 उत्पादों को तुरंत हटा लें। यदि भविष्य में इनमें से कोई भी उत्पाद दुकान में पाया जाता है, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा और संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने दी सख्त चेतावनी
अभियान के दौरान दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों को संबोधित करते हुए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
> विकास कुमार ने कहा: "जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। FSSAI द्वारा प्रतिबंधित या अमानक घोषित किए गए सभी 115 उत्पादों को तुरंत प्रभाव से दुकानों से हटाना होगा। यदि भविष्य में कोई भी दुकानदार इन प्रतिबंधित उत्पादों को बेचते हुए पाया गया, तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उनका लाइसेंस रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
मिलावटखोरी के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सिमडेगा जिले में यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी इसे लगातार जारी रखा जाएगा। विभाग का लक्ष्य जिले के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों तक अपनी पहुंच बनाना है ताकि वहां भी मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोका जा सके। इसके अलावा, विभाग जल्द ही स्थानीय उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू करेगा, ताकि लोग खरीदारी करते समय FSSAI मार्क और एक्सपायरी डेट की जांच अवश्य करें।
सत्य संदेश समाचार: मिलावट मुक्त समाज के लिए प्रशासनिक सतर्कता जरूरी
सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई सराहनीय है और यह दर्शाती है कि प्रशासन जनता के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है। बाजार में बिकने वाले अमानक एनर्जी ड्रिंक्स और मिलावटी खाद्य पदार्थ युवाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं। ऐसे समय में FSSAI के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करवाना बेहद जरूरी है। हमारी राय में, इस तरह की छापेमारी केवल त्योहारों या विशेष आदेशों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाना चाहिए ताकि मिलावटखोरों के मन में कानून का डर बना रहे।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमारा यह कर्तव्य है कि हम जो भी खाद्य सामग्री खरीदें, उसकी गुणवत्ता की जांच अवश्य करें। मिलावटखोरी के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन के भरोसे नहीं जीती जा सकती, इसमें जनता की भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। जब भी आप बाजार से कोई सामान खरीदें, तो FSSAI का लोगो, निर्माण की तिथि और एक्सपायरी डेट देखना न भूलें। यदि आपको किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित अधिकारियों से करें।
सजग रहें, सक्रिय बनें। सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई पर आपकी क्या राय है? क्या आपके क्षेत्र में भी ऐसे अमानक उत्पादों की बिक्री हो रही है? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें, इस महत्वपूर्ण खबर को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें और समाज में जागरूकता फैलाने में अपना योगदान दें।
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