झारखंड के पत्रकारों का दल पहुंचा केरल जानें कोच्चि वाटर मेट्रो से लेकर विझिंजम पोर्ट तक के विकास मॉडल का पूरा सच
केरल के विकास मॉडल और तकनीकी प्रगति का अध्ययन करेगा झारखंड का मीडिया दल।

झारखंड के पत्रकारों का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल पत्र सूचना कार्यालय के तत्वावधान में केरल के पांच दिवसीय अध्ययन दौरे पर रवाना हुआ है। यह दल केरल की उन्नत बुनियादी संरचना, पर्यटन और तकनीकी विकास का जमीनी अध्ययन करेगा। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच विकासात्मक अनुभवों को साझा करना है।
- पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) रांची के तत्वावधान में 12 पत्रकारों का दल केरल के लिए रवाना हुआ।
- यह पांच दिवसीय विशेष अध्ययन और रिपोर्टिंग दौरा 31 अगस्त से 4 सितंबर तक आयोजित हो रहा है।
- प्रतिनिधिमंडल भारत की पहली कोच्चि वाटर मेट्रो और विझिंजम डीप-वाटर पोर्ट की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगा।
- दौरे में सिमडेगा के रविकांत मिश्रा सहित झारखंड के कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल हैं।
- पत्रकार दल केरल के राज्यपाल और पीआईबी के अतिरिक्त महानिदेशक से मुलाकात करेगा।
झारखंड के मीडियाकर्मियों को देश के अग्रणी राज्यों के विकास मॉडलों से रूबरू कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) रांची के तत्वावधान में 'प्रेस टूर टू केरलम' (Press Tour to Keralam) का आयोजन किया गया है। इस यात्रा के तहत रविवार, 30 अगस्त को झारखंड के पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल रांची से केरल के लिए रवाना हुआ। यह पांच दिवसीय आधिकारिक दौरा 31 अगस्त से शुरू होकर 4 सितंबर तक चलेगा। इस यात्रा के दौरान पत्रकार केरल के अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन, ऐतिहासिक विरासत और वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों का गहन अध्ययन करेंगे।
विकास और संस्कृति के नए आयामों को समझने की कोशिश
झारखंड और केरल की भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में काफी भिन्नता है। केरल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन (इको-टूरिज्म) और आधुनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। पीआईबी रांची द्वारा आयोजित इस प्रेस टूर का मुख्य उद्देश्य झारखंड के पत्रकारों को इन विकास मॉडलों से सीधे जोड़ना है ताकि वे वहां की जमीनी हकीकत को समझकर झारखंड के विकास के संदर्भ में भी नए दृष्टिकोण पेश कर सकें।
इस प्रतिनिधिमंडल में पीआईबी रांची के अधिकारी और झारखंड के विभिन्न जिलों के पत्रकार शामिल हैं। टीम में सिमडेगा से रविकांत मिश्रा, पीआईबी से गौरव कुमार पुष्कर, प्रिंस कुमार, श्रेयषी मिश्रा, सन्नी कुमार, और रुचि शर्मा सहित अन्य पत्रकार सक्रिय रूप से शामिल हैं। यह दल केरल के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर वहां की सफल नीतियों और उनके क्रियान्वयन की विस्तृत रिपोर्टिंग करेगा।
कोच्चि वाटर मेट्रो और ऐतिहासिक धरोहरों का अध्ययन
दौरे की शुरुआत 31 अगस्त को कोच्चि से हो रही है। पत्रकार दल यहां भारत की पहली आधुनिक जल यातायात प्रणाली यानी कोच्चि वाटर मेट्रो का जायजा लेगा। यह परियोजना न केवल सार्वजनिक परिवहन को सुगम बनाती है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने और जल प्रदूषण पर नियंत्रण पाने का एक बेहतरीन उदाहरण है।
इसके बाद पत्रकार बहुसांस्कृतिक इतिहास वाले फोर्ट कोच्चि और मसालों के व्यापार के ऐतिहासिक केंद्र मट्टनचेरी का भ्रमण करेंगे। मट्टनचेरी सदियों से अंतरराष्ट्रीय मसाला व्यापार का केंद्र रहा है, जहां पत्रकार यह समझेंगे कि कैसे इस ऐतिहासिक विरासत को आज के आधुनिक पर्यटन उद्योग से जोड़कर संरक्षित किया गया है।
रबर बोर्ड और वेम्बनाड झील का इको-टूरिज्म मॉडल
यात्रा के दूसरे दिन, यानी 1 सितंबर को यह दल केरल की कृषि-अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले रबर बोर्ड के राष्ट्रीय मुख्यालय (कोट्टायम) का दौरा करेगा। यहां पत्रकार रबर उत्पादन, प्रसंस्करण और किसानों को मिलने वाली तकनीकी सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
इसके बाद दल कुमारकोम में प्रसिद्ध वेम्बनाड झील पर विकसित किए गए इको-टूरिज्म मॉडल को करीब से देखेगा। यह मॉडल दिखाता है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर कैसे पैदा किए जा सकते हैं।
पीआईबी के प्रतिनिधि गौरव कुमार पुष्कर ने यात्रा के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा:
> "केरल का यह दौरा झारखंड के पत्रकारों के लिए एक अनूठा अनुभव साबित होगा। कोच्चि वाटर मेट्रो से लेकर विझिंजम पोर्ट तक के विकास मॉडल को देखकर पत्रकार साथी न केवल अपनी रिपोर्टिंग को समृद्ध करेंगे, बल्कि झारखंड के विकास के लिए भी नए सुझाव और प्रेरणा लेकर लौटेंगे।"
राज्यपाल से मुलाकात और वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण
त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) पहुंचने पर 2 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल पीआईबी के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) और केरल के माननीय राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात करेगा। इस बैठक में दोनों राज्यों के सांस्कृतिक और सामाजिक विकास पर चर्चा होगी। इसी दिन दल ऐतिहासिक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के भी दर्शन करेगा, जो अपनी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
3 सितंबर का दिन पूरी तरह से विज्ञान और प्रौद्योगिकी को समर्पित रहेगा। पत्रकार दल केरल के दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों CSIR-NIIST (राष्ट्रीय अंतःविषय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान) और SCTIMST (श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी) का दौरा करेगा। यहां वैज्ञानिक अनुसंधान, उन्नत चिकित्सा उपकरणों के निर्माण और जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
विझिंजम डीप-वाटर पोर्ट पर यात्रा का समापन
यात्रा के अंतिम दिन, यानी 4 सितंबर को पत्रकार बहुचर्चित विझिंजम प्राकृतिक गहरे पानी वाले बंदरगाह (Vizhinjam Port) का अवलोकन करेंगे। रणनीतिक दृष्टि से यह बंदरगाह बेहद महत्वपूर्ण है, जिसे कोलंबो और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों को टक्कर देने के लिए विकसित किया जा रहा है। पत्रकार यहां बंदरगाह के विकास और इससे भारतीय व्यापार क्षेत्र को होने वाले फायदों का आकलन करेंगे।
सत्य संदेश समाचार: विकास की राह में अनुभवों का आदान-प्रदान आवश्यक
झारखंड के पत्रकारों का यह केरल दौरा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि दो अलग-अलग भौगोलिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच विचारों के आदान-प्रदान का एक सशक्त माध्यम है। केरल ने जिस तरह से सतत विकास (Sustainable Development) और पर्यावरण-अनुकूल नीतियों को लागू किया है, वह झारखंड जैसे खनिज समृद्ध लेकिन विस्थापन और पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रहे राज्य के लिए बेहद अनुकरणीय है। हमारे नीति निर्माताओं को भी ऐसे दौरों से प्राप्त जमीनी रिपोर्टों का संज्ञान लेकर स्थानीय स्तर पर सुधार करने चाहिए।
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एक जागरूक समाज का निर्माण तभी संभव है जब हम देश के अन्य हिस्सों में हो रहे सकारात्मक बदलावों को देखें, समझें और अपने क्षेत्र में उन्हें लागू करने का प्रयास करें। पत्रकारों का यह दल केरल से जो सीख लेकर लौटेगा, वह झारखंड के विकास की नई पटकथा लिखने में मददगार साबित हो सकती है। आइए, हम सब मिलकर इस सकारात्मक पहल का स्वागत करें और जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं।
इस महत्वपूर्ण पहल पर आपकी क्या राय है? क्या झारखंड में भी केरल की तरह इको-टूरिज्म और आधुनिक जल परिवहन की संभावनाएं हैं? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और समाज में सकारात्मक चर्चा की शुरुआत करें।
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