मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग बानो में मनाई गई संत मदर टेरेसा की 116वीं जयंती छात्राओं को दिया गया सेवा और समर्पण का संदेश
नर्सिंग कॉलेज में सादगी और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई मदर टेरेसा की जयंती।

सिमडेगा के बानो स्थित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में संत मदर टेरेसा की 116वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन और छात्राओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग छात्राओं को सेवा, करुणा और निस्वार्थ भाव के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना था।
- मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बानो में संत मदर टेरेसा की 116वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
- कॉलेज के निदेशक डॉ. प्रहलाद मिश्रा और प्राचार्या एरेन बेक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- संस्थान के निदेशक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए मदर टेरेसा के जीवन संघर्षों और उनके महान सेवा कार्यों पर प्रकाश डाला।
- इस विशेष अवसर पर कॉलेज की नर्सिंग छात्राओं द्वारा अत्यंत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
- सीनियर ट्यूटर कविता कुमारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
झारखंड के सिमडेगा जिला अंतर्गत बानो में स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आज संत मदर टेरेसा की 116वीं जयंती बेहद गरिमापूर्ण और भव्य तरीके से मनाई गई। इस विशेष आयोजन के दौरान पूरा कॉलेज परिसर सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों के संदेशों से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कॉलेज के निदेशक और प्राचार्या ने दीप प्रज्वलित कर तथा मदर टेरेसा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर इस उत्सव की शुरुआत की। इस जयंती समारोह का मुख्य उद्देश्य भावी नर्सिंग छात्राओं को सेवा और करुणा की उस महान विरासत से परिचित कराना था, जिसे मदर टेरेसा ने दुनिया भर में स्थापित किया था।
दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
समारोह की शुरुआत बेहद आध्यात्मिक और गरिमामयी माहौल में हुई। मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग के निदेशक डॉ. प्रहलाद मिश्रा और प्राचार्या एरेन बेक ने संयुक्त रूप से संत मदर टेरेसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस दौरान उपस्थित शिक्षिकाओं और नर्सिंग छात्राओं ने भी बारी-बारी से मदर टेरेसा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। पूरा माहौल उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा के भाव से सराबोर नजर आया।
"मदर टेरेसा थीं प्रेम और करुणा की सच्ची प्रतिमूर्ति" - डॉ. प्रहलाद मिश्रा
इस विशेष अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कॉलेज के निदेशक डॉ. प्रहलाद मिश्रा ने संत मदर टेरेसा के जीवन दर्शन, उनके कड़े संघर्षों और मानवता के प्रति उनके असीम योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए बताया कि किस प्रकार एक साधारण महिला ने अपने दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ भाव से दुनिया के सबसे उपेक्षित लोगों के जीवन में बदलाव लाया।
निदेशक डॉ. प्रहलाद मिश्रा ने कहा: "मदर टेरेसा प्रेम, त्याग, सेवा और करुणा की सच्ची प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन पीड़ितों, बेसहारों, अनाथों, वृद्धों एवं बीमार व्यक्तियों की निस्वार्थ सेवा में समर्पित कर दिया। उनकी महान सेवा, त्याग और मानवता के प्रति समर्पण के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार एवं भारत रत्न जैसे सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया गया। सभी नर्सिंग छात्राओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने रोगियों की सेवा प्रेम, करुणा, संवेदनशीलता एवं निस्वार्थ भाव से करनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। यदि नर्सिंग कर्मी अपने भीतर मदर टेरेसा जैसी संवेदनशीलता और करुणा का वास कर लें, तो वे किसी भी मरीज को केवल दवा से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार से भी आधा ठीक कर सकते हैं।
छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम
समारोह के दूसरे चरण में कॉलेज की नर्सिंग छात्राओं द्वारा रंगारंग और संदेशपरक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। छात्राओं ने गीतों, नृत्यों और लघु नाटकों के माध्यम से मदर टेरेसा के जीवन प्रसंगों को जीवंत करने का प्रयास किया। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए नाटकों में दिखाया गया कि कैसे मदर टेरेसा ने सड़क किनारे पड़े असहाय और बीमार लोगों को सहारा दिया और उनकी अंतिम सांस तक सेवा की। इन प्रस्तुतियों ने वहां उपस्थित सभी दर्शकों, शिक्षकों और अतिथियों को भावविभोर और मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।
गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सीनियर ट्यूटर कविता कुमारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कॉलेज प्रबंधन, सभी शिक्षिकाओं और छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस गरिमामयी अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या एरेन बेक, सीनियर ट्यूटर कविता कुमारी, निशि ट्यूटर, पूनम कुमारी, वंदना धनवार, रिचा हेम्ब्रम, खुशबू कुमारी, माटिल्डा तिर्की, लीलावती साहू, प्रिया कुमारी, विनीता कुमारी सहित कॉलेज की सभी नर्सिंग छात्राएं और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित थे। सभी ने इस बात का संकल्प लिया कि वे संस्थान के मूल्यों को बनाए रखेंगे और समाज सेवा में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।
सत्य संदेश समाचार: सेवा और समर्पण की राह दिखाता यह अनुकरणीय आयोजन
बानो जैसे ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित नर्सिंग संस्थान द्वारा इस प्रकार के उच्च मूल्यपरक कार्यक्रमों का आयोजन अत्यंत सराहनीय है। यह आयोजन न केवल छात्राओं के पेशेवर कौशल को निखारने में सहायक है, बल्कि उनके भीतर मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों का भी बीजारोपण करता है। वर्तमान समय में जब चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र का तेजी से व्यावसायीकरण हो रहा है, तब भावी स्वास्थ्यकर्मियों को करुणा और निस्वार्थ सेवा का पाठ पढ़ाना बेहद आवश्यक है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और हमारी युवा पीढ़ी नैतिक रूप से समृद्ध होती है।
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एक स्वस्थ, समृद्ध और संवेदनशील समाज का निर्माण केवल सरकार या चुनिंदा संस्थाओं के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं और भावी स्वास्थ्यकर्मियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नर्सिंग जैसे पवित्र और संवेदनशील पेशे से जुड़े युवा जब सेवा भाव को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाते हैं, तो वे देश के सुदूरतम कोनों तक स्वास्थ्य और मानवता का उजियारा फैलाते हैं। आइए, हम सब मिलकर अपने स्तर पर समाज के उपेक्षित और जरूरतमंद लोगों की मदद करने का संकल्प लें और एक बेहतर राष्ट्र के निर्माण में सहयोगी बनें।
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