केरसई के करीलकुच्चा हीराटोंगरी शिवधाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब उप प्रमुख अनिता देवी की अगुवाई में खालीजोरा नदी से निकली भव्य कांवड़ यात्रा
उप प्रमुख अनिता देवी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक।

केरसई के करीलकुच्चा स्थित हीराटोंगरी शिवधाम में श्रावण के अंतिम रविवार को भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। उप प्रमुख अनिता देवी की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने खालीजोरा नदी से पवित्र जल उठाकर जलाभिषेक किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में भारी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
- श्रावण मास के अंतिम रविवार को करीलकुच्चा हीराटोंगरी शिवधाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
- खालीजोरा नदी से पवित्र जल उठाकर भक्तों ने भव्य कांवड़ यात्रा की शुरुआत की।
- कांवड़ यात्रा का नेतृत्व स्थानीय उप प्रमुख अनिता देवी द्वारा किया गया।
- 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारों से पूरा केरसई क्षेत्र शिवमय हो गया।
- श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
झारखंड के सिमडेगा जिला अंतर्गत केरसई प्रखंड में धार्मिक आस्था का एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। श्रावण मास के पवित्र अंतिम रविवार को करीलकुच्चा स्थित प्रसिद्ध हीराटोंगरी शिवधाम में आस्था और भक्ति का भव्य सैलाब उमड़ पड़ा। इस पावन अवसर पर आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। गाजे-बाजे और पारंपरिक भक्ति गीतों के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया।
खालीजोरा नदी पर उमड़ी भीड़ और पवित्र जल संकल्प
श्रावण मास के अंतिम रविवार को लेकर श्रद्धालुओं में सुबह से ही भारी उत्साह देखा गया। सूर्य की पहली किरण के साथ ही केरसई और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का हुजूम खालीजोरा नदी की ओर बढ़ने लगा था। नदी के तट पर महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के लोग पारंपरिक परिधानों और गेरुआ वस्त्रों में सज-धजकर पहुंचे।
नदी घाट पर पंडितों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने नदी के पवित्र जल की पूजा की और फिर अपनी-अपनी कांवड़ों व कलशों में जल भरा। इस दौरान पूरा नदी तट 'हर-हर महादेव' के नारों से गूंज उठा।
उप प्रमुख अनिता देवी ने कहा: "श्रावण मास का अंतिम रविवार हमारे लिए अत्यंत कल्याणकारी है। खालीजोरा नदी के पवित्र जल से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से क्षेत्र में शांति, समृद्धि और खुशहाली आती है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह अद्भुत है।"
उप प्रमुख अनिता देवी की अगुवाई में बढ़ा कारवां
जल उठाने के बाद भव्य कांवड़ यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। इस ऐतिहासिक यात्रा की अगुवाई केरसई प्रखंड की उप प्रमुख अनिता देवी ने की। उन्होंने अपने कंधे पर कांवड़ उठाकर श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ाया और यात्रा का नेतृत्व किया। उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भी कदम से कदम मिलाकर चल रही थीं।
यात्रा मार्ग में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष प्रबंध किए गए थे। स्थानीय युवाओं की टोली ने पूरी यात्रा के दौरान यातायात और श्रद्धालुओं की कतार को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जगह-जगह पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कांवड़ियों का स्वागत किया गया और उनके लिए पेयजल व फलाहार की व्यवस्था की गई थी।
'बोल बम' के उद्घोष से गुंजायमान हुआ पूरा मार्ग
खालीजोरा नदी से करीलकुच्चा हीराटोंगरी शिवधाम की दूरी तय करते समय श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान का कोई नामोनिशान नहीं था। डीजे और पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर बज रहे शिव भजनों पर युवा और महिलाएं झूमते-नाचते आगे बढ़ रहे थे। 'बोल बम, बोल बम', 'हर-हर महादेव' और 'जय भोलेनाथ' के गगनभेदी जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया था।
मार्ग में पड़ने वाले गांवों के लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलकर कांवड़ यात्रा पर पुष्प वर्षा की और श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। इस यात्रा ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक समरसता का भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया, जहां समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ मिलकर इस अनुष्ठान का हिस्सा बने।
हीराटोंगरी शिवधाम में महा-जलाभिषेक और महाआरती
कांवड़ यात्रा जब करीलकुच्चा स्थित हीराटोंगरी शिवधाम पहुंची, तो वहां का नजारा अत्यंत दिव्य था। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया था। मंदिर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अनुशासित तरीके से गर्भगृह में प्रवेश किया।
वहां स्थापित शिवलिंग पर श्रद्धालुओं ने खालीजोरा नदी से लाए गए पवित्र जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत अर्पित कर भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के पश्चात मुख्य पुजारी द्वारा विशेष महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तों ने भगवान आशुतोष से अपने परिवार, समाज और पूरे केरसई क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की।
क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक महत्ता
करीलकुच्चा का हीराटोंगरी शिवधाम सिमडेगा जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। स्थानीय लोगों की इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। मान्यता है कि श्रावण मास में यहां सच्चे मन से की गई पूजा और जलाभिषेक से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
इस वर्ष श्रावण के अंतिम रविवार को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने क्षेत्र की आध्यात्मिक परंपरा को और अधिक मजबूती दी है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ें कितनी मजबूत हैं।
सत्य संदेश समाचार: धार्मिक आयोजन और सामुदायिक एकता का प्रतीक
करीलकुच्चा हीराटोंगरी शिवधाम में आयोजित यह भव्य कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रमाण है। उप प्रमुख अनिता देवी के नेतृत्व में जिस प्रकार अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से इस यात्रा को संपन्न कराया गया, वह सराहनीय है। स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति की सक्रियता ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में भाईचारे को बढ़ावा देते हैं और हमारी पारंपरिक पहचान को संरक्षित रखते हैं। प्रशासन को भविष्य में ऐसे धार्मिक पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर और अधिक ध्यान देना चाहिए।
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धार्मिक आयोजन हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। करीलकुच्चा हीराटोंगरी शिवधाम की यह भव्य यात्रा हमें सिखाती है कि जब पूरा समाज एक संकल्प के साथ आगे बढ़ता है, तो हर मार्ग सुगम हो जाता है। आइए, इस पावन अवसर पर हम अपनी धार्मिक आस्था को बनाए रखने के साथ-साथ अपने जल स्रोतों, जैसे खालीजोरा नदी, को स्वच्छ रखने और पर्यावरण के संरक्षण का भी संकल्प लें।
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