राँची के पुंदाग में सामाजिक और धार्मिक विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मिलकर तेली समाज ने सौंपा ज्ञापन
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पुंदाग के विकास कार्यों को जल्द पूरा करने का दिया भरोसा।

राँची के पुंदाग में सामाजिक व धार्मिक विकास को गति देने के लिए तेली समाज के प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की। इस दौरान कुलदेवता निवास, दुर्गा मंदिर और तालाब सौंदर्यीकरण के लिए ज्ञापन सौंपा गया। केंद्रीय मंत्री ने इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आगामी 27 अगस्त को स्थलीय निरीक्षण करने का भरोसा दिया है।
- तेली समाज के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राँची के सांसद और माननीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
- प्रतिनिधिमंडल ने पुंदाग क्षेत्र में कुलदेवता निवास, दुर्गा पूजा मंदिर और तालाब सौंदर्यीकरण जैसे विकास कार्यों को गति देने की मांग की।
- केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) को पुंदाग में स्थलीय निरीक्षण करने की घोषणा की।
- पुंदाग तालाब पिंड पर छठ महापर्व की सुविधाओं के लिए महिला-पुरुष शौचालय और शेड निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है।
- बैठक में झारखंड प्रदेश तेली समाज और पुंदाग शाखा के सूरज कुमार साहू, जेम्स कुमार कश्यप समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
झारखंड की राजधानी राँची के पुंदाग क्षेत्र में सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। झारखंड प्रदेश तेली समाज के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली और राँची के राजनीतिक गलियारों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए माननीय रक्षा राज्य मंत्री और स्थानीय सांसद संजय सेठ से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पुंदाग की विभिन्न स्थानीय और जनहित से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की और उनके समाधान के लिए एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को बेहद गंभीरता से सुना और क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
पुंदाग के विकास के लिए तीन मुख्य प्रस्ताव: जानिए क्या हैं मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मंत्री को पुंदाग की स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया और क्षेत्र के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर आधारित एक आवेदन सौंपा। इन प्रस्तावों का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
पहला प्रस्ताव कुलदेवता निवास के निर्माण से संबंधित है। तेली समाज ने खता संख्या 383, प्लॉट संख्या 523 पर एक भव्य धर्मशाला और सांस्कृतिक तेली समाज कुलदेवता निवास बनाने की मांग रखी है। इस सांस्कृतिक केंद्र के बनने से न केवल समाज के लोगों को सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक उपयुक्त स्थान मिलेगा, बल्कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की उत्तम व्यवस्था भी हो सकेगी।
दूसरा प्रस्ताव स्थानीय दुर्गा पूजा मंदिर के विकास को लेकर है। प्रतिनिधिमंडल ने दुर्गा पूजा सामुदायिक मंदिर प्रांगण के भव्य निर्माण और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। यह मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का एक बड़ा केंद्र है, और इसके परिसर के विस्तार से त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और धार्मिक अनुष्ठानों को सुचारू रूप से आयोजित करने में मदद मिलेगी।
तीसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्ताव पुंदाग तालाब (पोखर) के जीर्णोद्धार और वहां बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़ा है। लोक आस्था के महापर्व छठ को ध्यान में रखते हुए, प्रतिनिधिमंडल ने तालाब पिंड पर महिला व पुरुष शौचालय तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड (छाया) के निर्माण की मांग की है। छठ पर्व के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली महिलाओं और श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करना अत्यंत आवश्यक है।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ का त्वरित आश्वासन और आगामी दौरा
सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पुंदाग के इन सभी प्रोजेक्ट्स को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तेली समाज के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे जनहित के इन कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक स्थलों का विकास समाज को जोड़ने का काम करता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
संजय सेठ ने कहा: "पुंदाग के विकास में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। जनहित के ये कार्य हमारी प्राथमिकता हैं और जल्द ही इन सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।"
अपनी त्वरित और सकारात्मक प्रतिक्रिया के तहत, केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि वे स्वयं 27 अगस्त 2026 (गुरुवार) को सुबह 9:00 बजे पुंदाग का दौरा करेंगे। इस दौरान वे दुर्गा पूजा मंदिर प्रांगण का स्थलीय निरीक्षण (विजिट) करेंगे और प्रस्तावित विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के लिए अधिकारियों के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश साझा करेंगे। इस त्वरित निर्णय से स्थानीय जनता और तेली समाज के बीच बेहद हर्ष का माहौल है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख पदाधिकारी और उनकी भूमिका
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान झारखंड प्रदेश तेली समाज और पुंदाग शाखा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने क्षेत्र की मांगों को पुरजोर तरीके से मंत्री के समक्ष रखा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे राँची जिला अध्यक्ष (तेली समाज) जेम्स कुमार कश्यप ने पुंदाग की जन समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने मंत्री जी को बताया कि कैसे इन विकास कार्यों के पूरा होने से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
जेम्स कुमार कश्यप ने कहा: "पुंदाग के लोगों को बुनियादी और धार्मिक सुविधाओं के लिए लंबे समय से संघर्ष करना पड़ रहा है। हमें पूरा विश्वास है कि माननीय मंत्री जी के हस्तक्षेप से इन समस्याओं का जल्द निवारण होगा और पुंदाग विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।"
मुलाकात के दौरान सांसद प्रतिनिधि सूरज कुमार साहू, पुंदाग के राम कुमार विद्यार्थी, उपाध्यक्ष परमानंद जी, कैशियर श्री घुरन साहू जी, और दुर्गा पूजा अध्यक्ष दीपक साहू जी भी उपस्थित थे। इसके अलावा, राँची जिला महामंत्री श्री प्रकाश कुमार, वरिष्ठ सदस्य सजनू साहू और अमरदीप साहू जी ने भी इस चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया। इन सभी सदस्यों ने मिलकर पुंदाग के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस त्वरित और सकारात्मक पहल के लिए राँची जिला, झारखंड प्रदेश तेली समाज और पुंदाग शाखा तेली समाज ने माननीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया है।
सामाजिक और धार्मिक स्थलों के विकास का स्थानीय महत्व
किसी भी क्षेत्र का समग्र विकास केवल सड़कों और नालियों के निर्माण तक सीमित नहीं होता, बल्कि वहां के सामाजिक और धार्मिक स्थलों का सुदृढ़ीकरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पुंदाग में प्रस्तावित कुलदेवता निवास और दुर्गा पूजा मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि ये सामाजिक मेलजोल और एकता के प्रतीक भी हैं। इन स्थलों के भव्य निर्माण से स्थानीय स्तर पर सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, छठ तालाब पर शौचालय और शेड का निर्माण स्वच्छता और महिला गरिमा की दृष्टि से एक अत्यंत आवश्यक कदम है। महापर्व छठ के दौरान घाटों पर स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दिशा में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का यह संयुक्त प्रयास पुंदाग को एक आदर्श और सुविधायुक्त क्षेत्र बनाने में मददगार साबित होगा।
सत्य संदेश समाचार: जन सरोकार और राजनीतिक इच्छाशक्ति का सुंदर समन्वय
यह मुलाकात दर्शाती है कि जब सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करते हैं, तो विकास कार्यों को नया आयाम मिलता है। तेली समाज द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल एक वर्ग विशेष के नहीं, बल्कि संपूर्ण पुंदाग क्षेत्र के नागरिकों की बुनियादी और धार्मिक आवश्यकताओं से जुड़े हैं। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा त्वरित रूप से निरीक्षण की तिथि तय करना उनके जन-सरोकारों के प्रति समर्पण को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि इस स्थलीय निरीक्षण के बाद इन योजनाओं को धरातल पर उतारने में प्रशासन कितनी तत्परता दिखाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास केवल सरकारी फाइलों या आश्वासनों से नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से होता है। पुंदाग के तेली समाज ने अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन और नेतृत्व के समक्ष रखकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना होगा। जब हम अपने गांवों, कस्बों और शहरों के विकास के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएंगे, तभी हमारा समाज प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा। आइए, इस सकारात्मक पहल का हिस्सा बनें और अपने क्षेत्र के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दें।
क्या आपको लगता है कि जनप्रतिनिधियों के ऐसे त्वरित दौरों से स्थानीय समस्याओं का समय पर समाधान हो पाता है? पुंदाग के इस विकास कार्य पर आपकी क्या राय है? नीचे कमेंट बॉक्स में अपने विचार साझा करें, इस महत्वपूर्ण खबर को अपने मित्रों और परिजनों के साथ साझा करें और जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






