सिमडेगा में मेजर ध्यानचंद हॉकी चैंपियनशिप के पांचवें दिन जमकर बरसे गोल पुलिस केंद्र की धमाकेदार जीत और महिला वर्ग में कांटे की टक्कर
राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता के पांचवें दिन खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम।

सिमडेगा में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित 21वीं मेजर ध्यानचंद जिला हॉकी चैंपियनशिप के पांचवें दिन कुल 10 रोमांचक मुकाबले खेले गए। इस प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में पुलिस केंद्र सिमडेगा ने एकतरफा जीत दर्ज की, जबकि महिला वर्ग में कड़े मुकाबले देखने को मिले। खेल विभाग और हॉकी सिमडेगा के इस संयुक्त प्रयास से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को बेहतरीन मंच मिल रहा है।
- सिमडेगा में आयोजित 21वीं मेजर ध्यानचंद सीनियर हॉकी चैंपियनशिप के पांचवें दिन कुल 10 मैच खेले गए।
- पुरुष वर्ग में पुलिस केंद्र सिमडेगा ने रेंगारबहार पीडियापोंस को 12-1 के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
- महिला वर्ग के मुकाबले में केवीएस सिमडेगा ने आरसी कोचेडेगा को 8-1 से शिकस्त देकर अपना दबदबा साबित किया।
- मैच शुरू होने से पहले सिमडेगा पुलिस के पदाधिकारियों और सदर अस्पताल की मेडिकल टीम ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका हौसला बढ़ाया।
- तकनीकी पदाधिकारियों और स्थानीय खेल सहयोगियों की मदद से इस भव्य प्रतियोगिता का सफल संचालन किया जा रहा है।
झारखंड के खेल गढ़ सिमडेगा में राष्ट्रीय खेल दिवस के पावन अवसर पर हॉकी की अद्भुत लहर देखने को मिल रही है। हॉकी झारखंड के मार्गदर्शन में हॉकी सिमडेगा और खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 21वीं मेजर ध्यानचंद सीनियर सिमडेगा जिला महिला एवं पुरुष हॉकी चैंपियनशिप 2026 अपने चरम पर है। प्रतियोगिता के पांचवें दिन बुधवार को मैदान पर खिलाड़ियों का कड़ा संघर्ष और खेल के प्रति गजब का उत्साह देखा गया। इस दिन कुल 10 मुकाबले खेले गए, जिसमें महिला वर्ग की चार और पुरुष वर्ग की छह टीमें आमने-सामने थीं। हर मैच में खिलाड़ियों ने अपनी कलात्मक हॉकी और बेहतरीन तालमेल से दर्शकों का दिल जीत लिया।
पुरुष वर्ग के मुकाबले: पुलिस केंद्र सिमडेगा का एकतरफा दबदबा
पुरुष वर्ग के मैचों में खेल का स्तर बेहद ऊंचा रहा। दिन का सबसे बड़ा मुकाबला पुलिस केंद्र सिमडेगा और रेंगारबहार पीडियापोंस के बीच खेला गया। इस मैच में पुलिस केंद्र सिमडेगा की टीम ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया और विपक्षी टीम पर लगातार हमले किए। पुलिस केंद्र की टीम ने शानदार मैदानी गोल और पेनल्टी कॉर्नर का लाभ उठाते हुए रेंगारबहार पीडियापोंस को 12-1 के भारी अंतर से पराजित किया।
अन्य मुकाबलों में लिटिल टाइगर ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए आदिवासी हॉस्टल ‘बी’ को 4-0 से मात दी। वहीं, मांझी क्लब आसनबेड़ा ने भी अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए सीडीजे ब्रदर्स को 4-0 से शिकस्त दी। एक अन्य मुकाबले में श्री माधव हरि द्वाराबास ने संत अन्ना सामटोली ‘ए’ को 2-0 से हराकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की।
इस दौरान डीगुरपानी और कुरपानी ‘बी’ के बीच खेला गया मैच बेहद रोमांचक और रक्षात्मक रहा। दोनों ही टीमों के डिफेंडरों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके कारण निर्धारित समय तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और मुकाबला 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। वहीं, सेंट मेरी सामटोली और आरसी कोचेडेगा के बीच होने वाले मैच में आरसी कोचेडेगा को फॉरफिट के आधार पर विजेता घोषित किया गया।
महिला वर्ग के मुकाबले: कड़े संघर्ष और न्यूनतम अंतर से जीत की कहानी
महिला वर्ग के मुकाबलों में टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। चार में से तीन मैचों का फैसला महज 1-0 के अंतर से हुआ, जो यह दर्शाता है कि मैदान पर सभी टीमों ने रक्षात्मक और आक्रामक रणनीति का बेहतरीन संतुलन बनाया था।
पहला मुकाबला मिनी शक्ति नारी सिमडेगा और टाटा सीनी जलडेगा के बीच खेला गया, जिसमें मिनी शक्ति नारी ने 1-0 से जीत दर्ज की। दूसरे मैच में पाकरटांड़ की टीम ने संत अन्ना सामटोली को 1-0 से पराजित किया। तीसरे मुकाबले में सीओई सिमडेगा ‘ए’ ने एसटीसी लचड़ागढ़ को 1-0 से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
महिला वर्ग का सबसे बड़ा और एकतरफा मुकाबला केवीएस सिमडेगा और आरसी कोचेडेगा के बीच हुआ। इस मैच में केवीएस सिमडेगा की महिला खिलाड़ियों ने मैदान के हर कोने का इस्तेमाल किया और बेहतरीन पासिंग गेम दिखाते हुए आरसी कोचेडेगा को 8-1 के बड़े अंतर से हरा दिया।
प्रशासनिक सहयोग और खेल भावना का अनूठा संगम
इस भव्य चैंपियनशिप के दौरान केवल खेल ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक सहयोग भी देखने को मिला। मैच शुरू होने से पहले मैदान पर एक विशेष गरिमामयी क्षण आया, जब सिमडेगा पुलिस के पदाधिकारियों और सदर अस्पताल की मेडिकल टीम ने मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ खेलने और जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा:
> "सिमडेगा की धरती ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिए हैं। इस चैंपियनशिप का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां से वे राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।"
प्रतियोगिता को सुचारू रूप से संपन्न कराने में हॉकी सिमडेगा के तकनीकी पदाधिकारियों, अंपायरों और स्थानीय खेल प्रेमियों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। मैदान की व्यवस्था से लेकर रेफरी के निर्णयों तक, हर स्तर पर उच्च मानकों का पालन किया जा रहा है।
सत्य संदेश समाचार: खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम
यह चैंपियनशिप केवल एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह सिमडेगा की समृद्ध खेल संस्कृति और युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने का एक सशक्त माध्यम है। पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की भागीदारी यह दर्शाती है कि समाज का हर वर्ग युवाओं के विकास के लिए एकजुट है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले इन खिलाड़ियों को यदि सही प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधन मिलें, तो वे वैश्विक पटल पर भारत का तिरंगा लहरा सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे आयोजनों को और अधिक वित्तीय व ढांचागत सहयोग प्रदान करे ताकि जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारा जा सके।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। सिमडेगा के युवाओं ने हॉकी के मैदान पर जो जज्बा दिखाया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। आइए, हम सब मिलकर अपने आसपास के खेल मैदानों को जीवंत बनाएं और स्थानीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएं।
अपने बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करें और उन्हें एक स्वस्थ व सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर करें। इस खबर पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को और बेहतर करने की आवश्यकता है? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें, इस लेख को अधिक से अधिक खेल प्रेमियों के साथ साझा करें और जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं।
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