राष्ट्रीय सम्मेलन में सिमडेगा की महिलाओं ने सामाजिक सरोकारों पर साझा किए विचार
रांची में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सेवा पर चर्चा हुई।

रांची स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस में काउंसिल ऑफ कैथोलिक वीमेन ऑफ इंडिया के 26वें राष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे दिन सिमडेगा धर्मप्रांत की महिला प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम की शुरुआत मिस्सा पूजा से हुई। सम्मेलन में महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, अधिकार, आत्मनिर्भरता और जरूरतमंदों की सहायता पर विचार साझा किए गए।
- जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस, रांची में काउंसिल ऑफ कैथोलिक वीमेन ऑफ इंडिया का 26वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुआ।
- सम्मेलन के तीसरे दिन सिमडेगा धर्मप्रांत की महिला प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
- मिस्सा पूजा में समाज, परिवार और देश की शांति के साथ महिला सशक्तीकरण के लिए प्रार्थना की गई।
- महिलाओं को शिक्षा, अधिकार और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने पर चर्चा हुई।
- सम्मेलन में कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाने और सामाजिक सेवा को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया गया।
मिस्सा पूजा के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
राष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे दिन शनिवार को कार्यक्रम की शुरुआत मिस्सा पूजा के साथ हुई। धर्मगुरुओं की मौजूदगी में आयोजित मिस्सा पूजा में समाज, परिवार और देश में शांति के लिए प्रार्थना की गई।
इस दौरान महिलाओं के सशक्तीकरण तथा जरूरतमंद लोगों के कल्याण की भी कामना की गई। धार्मिक कार्यक्रम के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों और सेवा कार्यों पर भी चर्चा हुई।
सिमडेगा की महिलाओं ने साझा किए सामाजिक कार्यों के अनुभव
मौके पर बीरू भीखारियेट की सभा नेत्री सह जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर अपने विचार रखे।
सम्मेलन में सिमडेगा धर्मप्रांत की प्रतिनिधियों ने जिले में महिलाओं, बच्चों, गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए किए जा रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी साझा की। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को शिक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, आत्मनिर्भर बनाने तथा सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।
कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाने पर जोर
सम्मेलन में विभिन्न धर्मप्रांतों से पहुंची महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों और सामने आने वाली चुनौतियों के अनुभव साझा किए।
सामाजिक सेवा को और मजबूत करने तथा समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया। महिला प्रतिनिधियों ने शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता को सामाजिक विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर भी विचार साझा किए।
सिमडेगा धर्मप्रांत की प्रतिनिधियों की रही सहभागिता
सम्मेलन में सिमडेगा धर्मप्रांत से अनीता रानी तोपनो, जोसिमा खाखा, शीला कीड़ो, क्लारा बा, कमला लुगुन, रैनी खाखा, फैबिओला सोरेन, वेरोनिका कुल्लू, सुशीला लकड़ा, रोजालिया कुजूर, पुष्पा होरो, अनिमा कुजूर, अनिमा कंडुलना, टेरेसा भलारिया, करमेला कुल्लू, सुचिता जोजो, नीरू कांती बाड़ा, रोबर्टिना एक्सेस, अनिमा केरकेट्टा और फिलिसिता सोरेंग समेत अन्य महिलाएं शामिल हुईं।
सत्य संदेश समाचार: सामाजिक सेवा और महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित रहा सम्मेलन
राष्ट्रीय सम्मेलन में सिमडेगा धर्मप्रांत की महिलाओं ने अपने क्षेत्र में किए जा रहे सामाजिक कार्यों और अनुभवों को साझा किया। चर्चा में महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों के लिए शिक्षा, जागरूकता, आत्मनिर्भरता और सहायता से जुड़े विषय प्रमुख रहे। विभिन्न धर्मप्रांतों की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास से सामाजिक सेवा को मजबूत करने पर जोर दिया। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया को व्यापक बनाती है।
शिक्षा और अधिकारों की जानकारी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना जरूरी है।
जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
आपके क्षेत्र की ऐसी सकारात्मक पहल की जानकारी भी साझा करें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






