चापाबारी में जूनियर खिलाड़ियों का अनोखा हॉकी मुकाबला, बालक-बालिकाओं ने एक टीम में दिखाया दम
नन्हे खिलाड़ियों के मुकाबले में अभिभावकों और दर्शकों ने तालियों से बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह।

कुरडेग के चापाबारी खेल मैदान में 16वीं बुजुर्ग दिवस बालक-बालिका हॉकी प्रतियोगिता के तीसरे दिन जूनियर खिलाड़ियों के लिए विशेष मुकाबले आयोजित किए गए। प्रतियोगिता में बालक और बालिका खिलाड़ियों ने एक ही टीम में खेलकर प्रतिभा दिखाई। खिलाड़ियों को भोजन, परिवहन और पुरस्कार की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
- गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच की ओर से जूनियर खिलाड़ियों के लिए विशेष हॉकी प्रतियोगिता हुई।
- प्रतियोगिता में बालक और बालिका खिलाड़ियों ने एक ही टीम में मिलकर मुकाबला खेला।
- पहले मुकाबले में गोंडवाना विकास विद्यालय और दूसरे मुकाबले में पैकपरा की टीम विजयी रही।
- प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के लिए भोजन, परिवहन और पुरस्कार की निःशुल्क व्यवस्था की गई।
- अभिभावकों और दर्शकों ने तालियों के साथ नन्हे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
जूनियर खिलाड़ियों को मिला विशेष मंच
गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच, सिमडेगा के तत्वावधान में चापाबारी, कुरडेग में आयोजित 16वीं बुजुर्ग दिवस बालक-बालिका हॉकी खेल प्रतियोगिता के तीसरे दिन जूनियर खिलाड़ियों के लिए विशेष हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता की खासियत रही कि बालक और बालिका खिलाड़ियों ने एक ही टीम में मिलकर मैदान पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नन्हे खिलाड़ियों का उत्साह और हॉकी के प्रति जुनून मैदान में देखने को मिला।
गोंडवाना विकास विद्यालय और पैकपरा ने दर्ज की जीत
जूनियर प्रतियोगिता का शुभारंभ गोंडवाना विकास मंच के अध्यक्ष रामचंद्र मांझी, संरक्षक कमलेश्वर मांझी एवं राजेश्वर प्रधान, सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर बालसिंह प्रधान तथा मुखिया सुनीता देवी ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया।
पहला मुकाबला गोंडवाना विकास विद्यालय और बासेन पंचायत के बीच खेला गया, जिसमें गोंडवाना विकास विद्यालय की टीम ने जीत दर्ज की। वहीं दूसरे मुकाबले में पैकपरा की टीम विजयी रही।
जूनियर खिलाड़ियों को अवसर देने पर जोर
गोंडवाना विकास मंच के संरक्षक कमलेश्वर मांझी ने कहा कि सिमडेगा में अक्सर सीनियर खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिताएं होती हैं, लेकिन जूनियर खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने और उसे निखारने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता। इसी उद्देश्य से मंच द्वारा जूनियर खिलाड़ियों के लिए अलग प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य उभरते खिलाड़ियों को खेल का मंच देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
मंच के अध्यक्ष रामचंद्र मांझी ने बताया कि बुजुर्ग दिवस हॉकी प्रतियोगिता लगातार 16 वर्षों से आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से कई खिलाड़ियों को शुरुआती मंच मिला और उन्होंने आगे बढ़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर बालसिंह प्रधान ने खिलाड़ियों को अनुशासन, नियमित अभ्यास और मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं सुनीता देवी और राजेश्वर प्रधान ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
अभिभावकों और दर्शकों ने बढ़ाया हौसला
जूनियर खिलाड़ियों के मुकाबले देखने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक और दर्शक चापाबारी खेल मैदान पहुंचे। नन्हे खिलाड़ियों को हॉकी स्टिक लेकर मैदान पर खेलते देख दर्शकों में उत्साह रहा।
अभिभावकों और दर्शकों ने तालियों के साथ खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। अभिभावकों ने कहा कि कम उम्र में खेल का मंच मिलने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आगे बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित होते हैं।
तीन वर्षों से जूनियर प्रतियोगिता का आयोजन
गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच की ओर से पिछले तीन वर्षों से सीनियर वर्ग की प्रतियोगिता के साथ जूनियर खिलाड़ियों के लिए भी अलग प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों को मंच की ओर से परिवहन, भोजन और पुरस्कार जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। समाजसेवियों द्वारा खिलाड़ियों के भोजन की व्यवस्था की जाती है, जबकि ग्रामीण श्रमदान के माध्यम से आयोजन में सहयोग करते हैं।
आयोजकों के अनुसार सामुदायिक सहयोग से होने वाली यह प्रतियोगिता बच्चों को खेल का मंच देने के साथ उनमें अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर भी देती है।
आयोजन में इनका रहा योगदान
प्रतियोगिता को सफल बनाने में जयनंदन मांझी, नंदकिशोर भोय, किशोर भोय, युगल मांझी, अनुज बेसरा, राजू मांझी, राजेश्वर प्रधान, रामचंद्र मांझी, रवींद्र मांझी, भुनेश्वर बेसरा और त्रिभुवन भोय सहित आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सत्य संदेश समाचार: छोटे खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच, खेल से निखर रही प्रतिभा
चापाबारी में आयोजित जूनियर हॉकी प्रतियोगिता ने कम उम्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। बालक-बालिकाओं का एक साथ खेलना और समुदाय की ओर से भोजन, परिवहन व पुरस्कार जैसी सुविधाएं आयोजन की विशेषता रहीं। ऐसे मंच ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर सकते हैं।
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नन्हे खिलाड़ियों के हाथों में आज हॉकी स्टिक है, तो कल यही खिलाड़ी बड़े मैदानों पर नजर आ सकते हैं।
नियमित अभ्यास और अनुशासन से खेल प्रतिभा को नई दिशा मिलती है।
बच्चों को प्रोत्साहन और अवसर देना समाज की साझा जिम्मेदारी है।
आपके क्षेत्र में ऐसे उभरते खिलाड़ी हैं तो उनकी हौसला अफजाई जरूर करें और इस खबर को साझा करें।
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