लचरागढ़ में दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण संपन्न, वैज्ञानिक खेती से आय बढ़ाने के बताए गए तरीके
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए किया गया प्रेरित।

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत लचरागढ़ पंचायत भवन में 25 और 26 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हुआ। इसमें किसानों को सब्जियों की वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीजों के चयन, सिंचाई प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
- लचरागढ़ पंचायत भवन में 25 और 26 अक्टूबर को आयोजित हुआ प्रशिक्षण।
- प्रशिक्षक आनंद कुमार और विवेक कुमार ने वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी।
- किसानों को उन्नत बीज, नर्सरी तैयार करने और जैविक खाद के उपयोग के तरीके बताए गए।
- कीट एवं रोग नियंत्रण और उचित सिंचाई प्रबंधन पर दिया गया जोर।
- समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र, पेन, कॉपी और फाइल वितरित किए गए।
वैज्ञानिक खेती के आधुनिक तरीकों की दी गई जानकारी
कोलेबिरा प्रखंड क्षेत्र के लचरागढ़ पंचायत भवन में आयोजित दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हो गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को सब्जियों की वैज्ञानिक खेती के आधुनिक तरीकों से अवगत कराना और कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक आनंद कुमार और विवेक कुमार ने किसानों को उन्नत बीजों के चयन, वैज्ञानिक विधि से नर्सरी तैयार करने, जैविक खाद के उपयोग तथा उचित सिंचाई प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों की पहचान तथा उनके नियंत्रण के उपाय भी बताए गए।
प्रशिक्षकों ने बताया कि किसान यदि वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाएं, तो उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
किसानों की समस्याओं पर हुई चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न समस्याओं को प्रशिक्षकों के समक्ष रखा। प्रशिक्षकों ने किसानों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने बेहतर कृषि उत्पादन के लिए मौसम, मिट्टी और फसल की जरूरतों के अनुरूप वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
प्रमाण-पत्र और प्रशिक्षण सामग्री वितरित
कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रतिभागी किसानों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा किसानों के बीच पेन, कॉपी और फाइल का वितरण भी किया गया, ताकि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों को लिखकर रख सकें और भविष्य में खेती के दौरान उनका उपयोग कर सकें।
कार्यक्रम के आयोजक कैयूम खान और ऋषिकेश मिश्रा रहे। आयोजन को सफल बनाने में लचरागढ़ पंचायत की मुखिया जिरेन मड़की एवं पंचायत प्रतिनिधियों का विशेष सहयोग रहा। प्रशिक्षण में शामिल किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण आयोजित करने की मांग की।
सत्य संदेश समाचार: वैज्ञानिक खेती से मजबूत होगी किसानों की आय
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से किसानों को नई विधियों की जानकारी मिलती है और वे अपनी खेती में बेहतर बदलाव कर सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
वैज्ञानिक खेती अपनाएं, उत्पादन बढ़ाएं और अपनी आय को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। गांवों, किसानों और कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें सत्य संदेश समाचार।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






