सिमडेगा में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण
कारीगरों को ई-कॉमर्स, एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म से बाजार बढ़ाने की जानकारी मिली।

सिमडेगा के जिला उद्योग केंद्र सभागार में शुक्रवार को पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, एआई, पैकेजिंग और वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिले के 90 से अधिक कारीगर शामिल हुए।
- जिला उद्योग केंद्र के सभागार में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई।
- 90 से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों ने कार्यशाला में भाग लिया।
- प्रतिभागियों को ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और एआई टूल्स के उपयोग की जानकारी दी गई।
- बैंकों ने ऋण सुविधाओं और वित्तीय योजनाओं की जानकारी साझा की।
- लाभार्थियों का पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग कर यूपीआई क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया।
ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर दिया गया प्रशिक्षण
भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के एमएसएमई-विकास कार्यालय, रांची के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को अपने उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के माध्यम से बाजार तक पहुंच बढ़ाने की जानकारी देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रघुवर सिंह सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। एमएसएमई-विकास कार्यालय, रांची की सहायक निदेशक एवं कार्यक्रम संयोजक ज्योत्सना गुड़िया ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यशाला की रूपरेखा की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक विद्याओं से जुड़े कारीगर और शिल्पकार शामिल हैं। उन्होंने लाभार्थियों से विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही जानकारी का लाभ उठाकर अपने उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने की अपील की।
बैंकों ने ऋण और वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, सिमडेगा के प्रबंधक संदीप भगत ने कहा कि पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए यह महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने योजना को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित लोगों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता बताई।
एलडीएम सिमडेगा सनीस मिंज ने बैंक की ओर से उपलब्ध ऋण सुविधाओं, आवेदन प्रक्रिया और उद्यमियों के विकास के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने लाभार्थियों को आवश्यक सहयोग का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम में इंडियन बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक कमल सोरेन, यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक सन्नी सलेम कुजुर, पीएनबी के शाखा प्रबंधक सुधीर बिलुंग, केनरा बैंक के प्रबंधक अंकुर मिंज और एसबीआई के मुख्य प्रबंधक निर्मल टोप्पो ने भी प्रतिभागियों के साथ विचार साझा किए तथा विभिन्न वित्तीय योजनाओं में सहयोग का भरोसा दिलाया।
ई-कॉमर्स के जरिए बाजार बढ़ाने पर जोर
मुख्य अतिथि रघुवर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को लागू की गई थी। उन्होंने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों से योजना का लाभ उठाने तथा ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग की जानकारी हासिल कर अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
एआई और डिजिटल मार्केटिंग की दी गई जानकारी
भोजनावकाश के बाद आयोजित तकनीकी सत्र में जेएसएलपीएस के एआई एक्सपर्ट अरुण नागेसिया ने प्रतिभागियों को वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता की जानकारी दी।
उन्होंने एआई टूल्स के उपयोग के साथ डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, बिक्री रणनीति, उत्पाद पैकेजिंग, लेबलिंग और डिजाइनिंग के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि एआई की मदद से कारीगर अपने उत्पादों के ऑनलाइन प्रचार और बिक्री को आसान बना सकते हैं।
बीईसी सिमडेगा आशीष कौगाड़ी ने झारखंड सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। वहीं जेम के प्रतिनिधि विशेषज्ञ यशवंत जगन्नाथन ने ऑनलाइन जुड़कर जेम पोर्टल के माध्यम से उत्पादों की बिक्री की प्रक्रिया समझाई।
लाभार्थियों को डिजिटल भुगतान से जोड़ा गया
आईपीपीबी, सिमडेगा के प्रतिनिधियों ने पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों का पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग किया। साथ ही डिजिटल लेन-देन को आसान बनाने के लिए लाभार्थियों को यूपीआई क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया।
एमएसएमई-विकास कार्यालय, रांची के यंग प्रोफेशनल राम कृष्णा राव ने एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग किया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
90 से अधिक कारीगरों ने लिया हिस्सा
कार्यशाला में सिमडेगा जिले के 90 से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स के माध्यम से बाजार तक पहुंच बढ़ाने के तरीके सीखे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्यमंत्री लघु कुटीर एवं उद्यम विकास बोर्ड तथा प्रखंड विकास कार्यालय, सिमडेगा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सहयोग किया।
सत्य संदेश समाचार: डिजिटल बाजार से जुड़ रहे पारंपरिक कारीगर
कार्यशाला से स्पष्ट हुआ कि पारंपरिक कारीगरों को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर बाजार का दायरा बढ़ाया जा सकता है। वित्तीय संस्थानों और संबंधित विभागों की जानकारी से लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने में सहायता मिल सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पारंपरिक हुनर हमारी पहचान और रोजगार का महत्वपूर्ण आधार है।
डिजिटल तकनीक से जुड़कर कारीगर अपने उत्पादों को नए बाजार तक पहुंचा सकते हैं।
ब्रांडिंग और बेहतर प्रस्तुति से स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत हो सकती है।
ऐसी योजनाओं और प्रशिक्षणों की जानकारी अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचना जरूरी है।
आपके क्षेत्र में भी ऐसी कोई पहल हो रही है तो जानकारी साझा करें और जागरूकता बढ़ाएं।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






