चापाबारी में बुजुर्ग दिवस पर वरिष्ठजनों का पारंपरिक सम्मान, हॉकी प्रतियोगिता में विजेता टीमों को मिला पुरस्कार
गोंड समाज ने बुजुर्गों के पैर धोकर तिलक लगाया, हॉकी प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित।

अंतर्राष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस के अवसर पर कुरडेग प्रखंड के चापाबारी में 16वीं बुजुर्ग दिवस बालक-बालिका हॉकी प्रतियोगिता का समापन हुआ। गोंड समाज के बुजुर्गों का पारंपरिक तरीके से पैर धोकर, तिलक लगाकर और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। प्रतियोगिता में जूनियर, बालिका और सीनियर वर्ग की विजेता टीमों को भी सम्मानित किया गया।
- चापाबारी में गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच की ओर से 16वीं बुजुर्ग दिवस हॉकी प्रतियोगिता का समापन।
- बुजुर्गों के पैर धोकर, हल्दी-चावल का तिलक लगाकर और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया।
- गोंडवाना छात्रावास खैरनटोली सीनियर, पाइकपारा बालिका और गोंडवाना विकास विद्यालय जूनियर वर्ग की चैंपियन बनी।
- विजेता एवं उपविजेता टीमों को खस्सी और खेल किट देकर सम्मानित किया गया।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने बुजुर्गों और माता-पिता के सम्मान पर आधारित प्रस्तुतियां दीं।
कुरडेग प्रखंड के चापाबारी में गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच, सिमडेगा के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस पर 16वीं बुजुर्ग दिवस बालक-बालिका हॉकी खेल प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। आयोजन में बुजुर्गों के सम्मान के साथ खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
पारंपरिक तरीके से हुआ बुजुर्गों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समाज के बुजुर्गों का पारंपरिक तरीके से सम्मान किया गया। उनके पैर धोकर हल्दी-चावल का तिलक लगाया गया और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने बुजुर्गों के पैर छूकर समाज की उन्नति और विकास के लिए आशीर्वाद लिया। बुजुर्गों को माला पहनाकर अंगवस्त्र भेंट किया गया।
सम्मान के दौरान कई बुजुर्ग भावुक हो उठे। उनके चेहरे पर खुशी और आंखों में भावुकता के आंसू दिखाई दिए।
बुजुर्गों के सम्मान को बताया समाज की जिम्मेदारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं कोलेबिरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी संदेश एक्का ने कहा कि वर्तमान समय में बुजुर्गों का इस तरह सम्मान कम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि किसी समाज की प्रगति का आकलन इस बात से भी किया जा सकता है कि वहां बुजुर्गों को कितना सम्मान मिलता है।
विशिष्ट अतिथि केरसई प्रखंड प्रमुख तरण भोय ने भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से माता-पिता का जीवन के अंतिम समय तक साथ देने का संकल्प लेने की अपील की।
हेठमा पंचायत की मुखिया सुनीता देवी ने गोंड समाज में पुरखा-मरी-मसान के रूप में पूर्वजों को याद करने की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने बुजुर्गों को मिलने वाली पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सरकारी लाभों पर भी अपनी बात रखी।
16 वर्षों से हो रहा है आयोजन
गोंडवाना विकास मंच के संरक्षक सह हॉकी सिमडेगा के कोषाध्यक्ष कमलेश्वर मांझी ने अतिथियों और बुजुर्गों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच द्वारा पिछले 16 वर्षों से लगातार बुजुर्ग दिवस के अवसर पर यह आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता ने कई खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मंच दिया है। उन्होंने बुजुर्गों के सम्मान को बढ़ावा देने और उनके हितों पर चर्चा के उद्देश्य से आयोजन की शुरुआत की बात कही। इस अवसर पर रामचंद्र मांझी, राजमनी प्रधान और बालसिंह प्रधान ने भी विचार रखे।
हॉकी प्रतियोगिता में इन टीमों ने जीता खिताब
बालक वर्ग के फाइनल मुकाबले में गोंडवाना छात्रावास खैरनटोली ने आसनबेड़ा की टीम को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर चैंपियन का खिताब जीता। वहीं बालिका वर्ग में पाइकपारा और जूनियर वर्ग में गोंडवाना विकास विद्यालय की टीम चैंपियन बनी।
समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को अतिथियों द्वारा खस्सी एवं खेल किट देकर सम्मानित किया गया। अनुशासित टीम और सर्वश्रेष्ठ स्कोरर को भी पुरस्कार दिया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भावुक किया
समापन समारोह में स्थानीय मोहल्ला समिति की महिलाओं के साथ गोंडवाना विकास विद्यालय, गोटूल केंद्र और गोंडवाना लॉज के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक और भावनात्मक नृत्य प्रस्तुत किए।
बुजुर्गों और माता-पिता के सम्मान पर आधारित प्रस्तुतियों ने लोगों को भावुक किया। ‘पहले मैं बंदों’, ‘मां ओ मेरी मां’ और ‘पापा मेरे पापा’ जैसे गीतों पर बच्चों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के दौरान कई बुजुर्गों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष कलिंदर मांझी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने मोहल्ला समितियों, खेल टीमों, सहयोगियों, बुजुर्गों और अतिथियों के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में हीराधर मांझी, भुनेश्वर बेसरा, त्रिभुवन भोय, रामचंद्र मांझी, नंदकिशोर भोय, किशोर भोय, जयनंदन मांझी, गजेंद्र मांझी, अनुज बेसरा, कलिंदर मांझी, आकाश भोय और राजेश भोय सहित गोंडवाना विकास मंच, मोहल्ला समिति चापाबारी एवं गोंडवाना छात्र संघ के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सत्य संदेश समाचार: बुजुर्ग सम्मान और खेल के माध्यम से सामाजिक परंपरा का संदेश
चापाबारी में आयोजित कार्यक्रम में बुजुर्गों के सम्मान की पारंपरिक प्रक्रिया के साथ युवाओं और विद्यार्थियों की खेल एवं सांस्कृतिक भागीदारी देखने को मिली। आयोजन ने बुजुर्गों के प्रति सम्मान, माता-पिता के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक जुड़ाव के विषय को सामने रखा। वहीं हॉकी प्रतियोगिता ने खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान किया। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बुजुर्ग अनुभव और परंपराओं के महत्वपूर्ण वाहक होते हैं।
उनके सम्मान और देखभाल की जिम्मेदारी परिवार और समाज दोनों की है।
युवा पीढ़ी को बुजुर्गों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलना चाहिए।
आप भी अपने परिवार और समाज में वरिष्ठजनों के सम्मान का संदेश आगे बढ़ाएं।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






