सिमडेगा के संत जेवियर्स कॉलेज में चार दिवसीय इंटर डिपार्टमेंटल फुटबॉल टूर्नामेंट का शानदार आगाज पहले दिन हिंदी कॉमर्स और इतिहास विभाग की टीमों ने दर्ज की धमाकेदार जीत
संत जेवियर्स कॉलेज में चार दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का रोमांचक आगाज हुआ।

सिमडेगा के संत जेवियर्स कॉलेज में 16 सितंबर 2026 को चार दिवसीय इंटर-डिपार्टमेंटल फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना और अनुशासन का विकास करना है। पहले दिन हिंदी, कॉमर्स और इतिहास विभाग की टीमों ने अपने मुकाबले जीतकर शानदार शुरुआत की।
- संत जेवियर्स कॉलेज सिमडेगा में चार दिवसीय इंटर-डिपार्टमेंटल फुटबॉल टूर्नामेंट का 16 सितंबर 2026 को शानदार आगाज हुआ।
- पहले दिन खेले गए रोमांचक मुकाबलों में हिंदी A, कॉमर्स A, इतिहास A और पॉलिटिकल साइंस A की टीमों ने जीत दर्ज की।
- लड़कियों के वर्ग में खेले गए मैच में हिंदी विभाग की टीम ने इतिहास विभाग को 1-0 से हराकर जीत हासिल की।
- कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल फा. ब्रूनो टोप्पो और IQAC मैम रेनी अलमा लकड़ा ने मैदान पर जाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
- इस खेल आयोजन में स्पोर्ट्स कॉर्डिनेटर प्रदीप एडवर्ड एक्का सहित कॉलेज के कई शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
झारखंड के सिमडेगा जिले में स्थित प्रतिष्ठित संत जेवियर्स कॉलेज में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। कॉलेज परिसर के खेल मैदान में 16 सितंबर 2026 से चार दिवसीय इंटर-डिपार्टमेंटल फुटबॉल टूर्नामेंट का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस खेल प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों के भीतर टीम भावना, अनुशासन, आपसी समन्वय और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को जागृत करना है। पहले ही दिन से मैदान पर खिलाड़ियों का गजब का उत्साह और दर्शकों का बेजोड़ समर्थन देखने को मिला, जिससे पूरा परिसर खेल के रंग में सराबोर हो गया।
कॉलेज प्रशासन ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
टूर्नामेंट के पहले दिन कॉलेज प्रशासन की ओर से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल सह बर्सर फा. ब्रूनो टोप्पो और IQAC मैम रेनी अलमा लकड़ा ने स्वयं खेल के मैदान पर जाकर सभी खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया और उन्हें खेल भावना के साथ खेलने की सीख दी। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल छात्रों का शारीरिक विकास होता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता भी आती है।
> वाइस प्रिंसिपल फा. ब्रूनो टोप्पो ने कहा: "खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन में अनुशासन, समयबद्धता और टीम के साथ मिलकर काम करना सिखाता है। हमारे कॉलेज का उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल अकादमिक रूप से बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना है।"
पहले दिन के मुकाबलों का रोमांचक विवरण
टूर्नामेंट के पहले दिन कुल पांच मुकाबले खेले गए, जिनमें से चार मुकाबले लड़कों के वर्ग में और एक मुकाबला लड़कियों के वर्ग में खेला गया। सभी मैचों में खिलाड़ियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और दर्शकों को बेहद रोमांचक फुटबॉल देखने को मिला।
पहला मैच: हिंदी A बनाम जियोग्राफी A
टूर्नामेंट का पहला मुकाबला हिंदी A और जियोग्राफी A की टीमों के बीच खेला गया। खेल की शुरुआत से ही हिंदी A की टीम ने मैच पर अपना दबदबा बना लिया। बेहतरीन पासिंग और शानदार फॉरवर्ड गेम की बदौलत हिंदी A ने विरोधी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के अंत तक हिंदी A ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3–0 से एकतरफा जीत दर्ज की।
दूसरा मैच: पॉलिटिकल साइंस A बनाम कॉमर्स A
दूसरा मुकाबला पॉलिटिकल साइंस A और कॉमर्स A विभाग की टीमों के बीच हुआ। इस मैच में दोनों ही टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। मध्यांतर तक मुकाबला बराबरी पर था, लेकिन दूसरे हाफ में कॉमर्स A की टीम ने अपनी रणनीति बदली। कॉमर्स के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल का परिचय देते हुए दो गोल दागे और मुकाबला 2–0 से अपने नाम कर लिया।
तीसरा मैच: इतिहास A बनाम अंग्रेजी A
तीसरे मैच में इतिहास A और अंग्रेजी A की टीमें आमने-सामने थीं। इतिहास विभाग की टीम ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। अंग्रेजी विभाग की रक्षापंक्ति इतिहास विभाग के हमलों को रोकने में नाकाम रही। इतिहास A की टीम ने इस मैच को 3–0 के बड़े अंतर से जीतकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की।
चौथा मैच: इकोनॉमिक्स A बनाम पॉलिटिकल साइंस A
चौथा मुकाबला इकोनॉमिक्स A और पॉलिटिकल साइंस A के बीच खेला गया। यह मैच बेहद रक्षात्मक और रणनीतिक रहा। दोनों ही टीमों के डिफेंडर्स ने कमाल का प्रदर्शन किया और गोल करने के हर मौके को नाकाम किया। हालांकि, मैच के अंतिम क्षणों में पॉलिटिकल साइंस A की टीम ने एक बेहतरीन फील्ड गोल करके मुकाबला 1–0 से जीत लिया।
पांचवां मैच (लड़कियां): हिंदी विभाग बनाम इतिहास विभाग
पहले दिन का आखिरी और सबसे प्रतीक्षित मुकाबला लड़कियों के वर्ग में खेला गया, जिसमें हिंदी विभाग का सामना इतिहास विभाग से हुआ। मैदान पर छात्राओं का उत्साह देखने लायक था। दोनों ही टीमों की खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। इस कड़े मुकाबले में हिंदी विभाग की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए 1–0 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
खेल आयोजन समिति और शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पूरे टूर्नामेंट को सफल बनाने में कॉलेज की खेल समिति और प्राध्यापकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैच के दौरान मैदान पर खेल गतिविधियों को संचालित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पोर्ट्स कॉर्डिनेटर प्रदीप एडवर्ड एक्का सक्रिय रहे। उनके साथ कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक प्रतिमा परधिया, बिपिन मिंज, प्यारी कुल्लू, निशी तिर्की, पुष्पलता कुजूर, निशा रानी धनवार और सोनू सोबन मुर्मू सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक उपस्थित थे। इन सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग दिया।
सत्य संदेश समाचार: [खेलों के माध्यम से युवाओं का सर्वांगीण विकास]
संत जेवियर्स कॉलेज सिमडेगा द्वारा आयोजित यह इंटर-डिपार्टमेंटल फुटबॉल टूर्नामेंट इस बात का जीवंत प्रमाण है कि शिक्षा के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियां भी छात्र जीवन के लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं। सिमडेगा को हमेशा से खेलों की नर्सरी माना जाता रहा है, और कॉलेज स्तर पर इस तरह के आयोजन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। कॉलेज प्रशासन का यह कदम सराहनीय है क्योंकि यह छात्रों को सोशल मीडिया और मोबाइल की लत से दूर कर मैदान की वास्तविक दुनिया से जोड़ता है। ऐसे आयोजनों से उभरने वाले खिलाड़ी भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
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खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और अनुशासित मस्तिष्क के निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम हैं। आज के युवाओं को खेल के मैदानों में उतरकर अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को चुनौती देनी चाहिए। जब हमारे युवा खेल के मैदान पर पसीना बहाएंगे, तभी देश में एक स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण होगा। आइए, हम सब मिलकर अपने आसपास के युवाओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।
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