मालसाड़ा के मां वनदुर्गा मंदिर में स्कंदमाता की भव्य महाआरती, हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
ढाक-नगाड़ों की गूंज और जयकारों से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं ने मां से मांगी सुख-समृद्धि।

सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड अंतर्गत मालसाड़ा स्थित मां वनदुर्गा मंदिर में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की विशेष पूजा-अर्चना और भव्य महाआरती आयोजित की गई। इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ढाक-नगाड़ों की गूंज, आरती और मां के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
- मालसाड़ा के मां वनदुर्गा मंदिर में नवरात्र के पांचवें दिन भव्य महाआरती हुई।
- हजारों श्रद्धालुओं ने मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
- पुरोहित परमेश्वर पंडा ने आरती गायन का दायित्व निभाया।
- क्षितिज कुमार मिश्रा ने मां को गुलाब जामुन का भोग अर्पित किया।
- महंत उमाकांत जी महाराज और ज्योतिषाचार्य संजय मिश्रा की प्रमुख उपस्थिति रही।
- स्थानीय श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और सरस्वती शिशु मंदिर के भैया-बहनों एवं आचार्यों ने आयोजन में सहयोग किया।
सिमडेगा। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर बोलबा प्रखंड के मालसाड़ा स्थित मां वनदुर्गा मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की विशेष पूजा-अर्चना के बाद भव्य महाआरती की गई। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे वातावरण में भक्तिमय उल्लास छाया रहा।
मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना के बाद हुई महाआरती
महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश झुकाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। ढाक और नगाड़ों की पारंपरिक ध्वनि के बीच मां के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती में भाग लेकर मां वनदुर्गा से सभी के मंगल की प्रार्थना की।
कार्यक्रम में आरती गायन का दायित्व पुरोहित परमेश्वर पंडा ने निभाया। उनकी भक्तिमय आरती से मंदिर परिसर का वातावरण आध्यात्मिक भाव से परिपूर्ण हो गया।
क्षितिज कुमार मिश्रा ने मां को अर्पित किया भोग
भव्य महाआरती के अवसर पर मार्गदर्शक संजय मिश्रा के द्वितीय सुपुत्र क्षितिज कुमार मिश्रा ने मां को गुलाब जामुन का भोग अर्पित किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजा-अर्चना में सहभागिता की।
पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज, आरती की स्वर लहरियों और जयकारों ने आयोजन को विशेष बना दिया। महाआरती के माध्यम से क्षेत्र की धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक आस्था की सुंदर झलक देखने को मिली।
महंत उमाकांत जी महाराज और संजय मिश्रा रहे उपस्थित
धार्मिक आयोजन में महंत उमाकांत जी महाराज एवं ज्योतिषाचार्य संजय मिश्रा की प्रमुख उपस्थिति रही। इनके साथ स्थानीय श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और धर्मप्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। श्रद्धालुओं की सहभागिता से मंदिर परिसर में उत्साह और भक्ति का वातावरण बना रहा।
सामूहिक सहयोग से सफल हुआ आयोजन
मां वनदुर्गा मंदिर परिसर में महाआरती को सफल बनाने में जगरनाथ रौतिया, गोवर्धन रौतिया, अरुण रौतिया, कलिंदर रौतिया, केसरी रौतिया, हरिराम रौतिया, बालगोविंद रौतिया, बलराम रौतिया, भोंदा, नीलांबर महतो, जहुरण रौतिया और ललन रौतिया सहित अन्य लोगों का सराहनीय योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त सरस्वती शिशु मंदिर, वनदुर्गा, मालसाड़ा के सभी भैया-बहनों और आचार्यों ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी के सामूहिक प्रयास, सहयोग और समर्पण से महाआरती भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
सत्य संदेश समाचार: धार्मिक परंपरा और सामूहिक आस्था का प्रतीक बनी महाआरती
मां वनदुर्गा मंदिर में आयोजित भव्य महाआरती ने क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की। ऐसे आयोजन श्रद्धालुओं को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नवरात्र के अवसर पर सामूहिक पूजा-अर्चना और सेवा-सहयोग से समाज में सद्भाव तथा आपसी जुड़ाव को भी प्रोत्साहन मिलता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करें।
अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं।
समाज में प्रेम, सहयोग और एकता का संदेश फैलाएं।
जय माता दी! मां स्कंदमाता के प्रति अपनी श्रद्धा कमेंट में व्यक्त करें और इस खबर को साझा कर भक्ति एवं सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






