सिमडेगा: करमटोली की विमला लकड़ा ने 2500 गेंदा पौधों से बनाई पहचान, त्योहारों में स्थानीय फूल खरीदने की अपील
विमला लकड़ा ने गेंदा फूल की खेती से स्वरोजगार की मिसाल पेश की, उचित दर पर मिलेंगे फूल।

केरसई प्रखंड के करमटोली दुक्काटोली गांव की महिला किसान विमला लकड़ा ने गेंदा फूल की खेती कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी जमीन पर लगभग 2500 पौधे लगाए हैं, जिनमें फूल खिल रहे हैं। नवरात्र और आगामी त्योहारों को देखते हुए उन्होंने लोगों से स्थानीय किसानों से फूल खरीदने की अपील की है। इच्छुक लोग उनसे उचित दर पर गेंदा फूल प्राप्त कर सकते हैं।
- विमला लकड़ा ने करमटोली दुक्काटोली गांव में गेंदा फूल की खेती शुरू की है।
- उनकी जमीन पर लगभग 2500 गेंदा के पौधे लगाए गए हैं।
- प्रत्येक पौधे में करीब 35 से 40 फूल लगे हुए हैं।
- पहली तुड़ाई के बाद भी पौधों में दोबारा फूल खिलने की उम्मीद है।
- विमला लकड़ा ने त्योहारों में स्थानीय किसानों से फूल खरीदने की अपील की।
- फूलों की बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर 9608562075 पर संपर्क किया जा सकता है।
केरसई: मेहनत, लगन और आत्मनिर्भर बनने की इच्छाशक्ति हो, तो ग्रामीण क्षेत्र में रहकर भी अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है। इसकी मिसाल करमटोली दुक्काटोली गांव की महिला किसान विमला लकड़ा ने पेश की है। गेंदा फूल की खेती के माध्यम से वह स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों को भी फूल उपलब्ध कराने की पहल कर रही हैं।
2500 पौधों में खिल रहे गेंदा के फूल
विमला लकड़ा ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन पर गेंदा फूल के लगभग 2500 पौधे लगाए हैं। वर्तमान में प्रत्येक पौधे में करीब 35 से 40 फूल लगे हुए हैं। पहली बार फूलों की तुड़ाई के बाद भी पौधों में दोबारा फूल खिलेंगे, जिससे आने वाले दिनों में भी फूलों की उपलब्धता बनी रहने की उम्मीद है।
नवरात्र के बाद भी लगातार कई पर्व-त्योहार आने वाले हैं। इस दौरान पूजा-पाठ, सजावट और धार्मिक आयोजनों के लिए गेंदा फूलों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर फूल उपलब्ध होने से ग्रामीणों को सुविधा मिल सकती है।
स्थानीय किसानों से फूल खरीदने की अपील
विमला लकड़ा ने ग्रामीणों, बुद्धिजीवियों और फूल खरीदने के इच्छुक लोगों से अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान बाहर के बाजारों पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय किसानों से फूल खरीदें। उन्होंने बताया कि इच्छुक लोगों को उचित दर पर सुंदर गेंदा फूल उपलब्ध कराए जाएंगे।
स्थानीय बाजार में फूल उपलब्ध होने से लोगों को दूसरे शहरों या बाजारों तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे आने-जाने के अतिरिक्त खर्च में भी बचत हो सकती है।
स्थानीय खरीदारी से किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन
विमला लकड़ा का मानना है कि स्थानीय किसानों से खरीदारी करने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को अपनी मेहनत का उचित लाभ मिल सकेगा। ग्रामीणों का सहयोग मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और भविष्य में फूलों की खेती को बड़े स्तर पर करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
उनकी यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण की प्रेरणादायक मिसाल है।
फूलों की बुकिंग के लिए यहां करें संपर्क
किसान: विमला लकड़ा
पता: करमटोली दुक्काटोली, केरसई, सिमडेगा।
मोबाइल नंबर: 9608562075
सत्य संदेश समाचार: स्थानीय किसानों से खरीदारी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
विमला लकड़ा की गेंदा फूल की खेती स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने का उदाहरण है। त्योहारों में स्थानीय किसानों से खरीदारी करने पर उन्हें अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिल सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हमारे आसपास मेहनत से खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस त्योहार स्थानीय फूल खरीदकर ग्रामीण किसानों की मेहनत का सम्मान करें।
क्या आप त्योहारों में स्थानीय किसानों से फूल खरीदना पसंद करेंगे? अपनी राय कमेंट में बताएं और इस खबर को साझा कर विमला लकड़ा की पहल को अधिक लोगों तक पहुंचाएं।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






