नागपुरी संगीत के 100 वर्ष पूरे होने पर आपन रेडियो का भव्य समारोह, सिमडेगा के सत्या ठाकुर सम्मानित
पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने सत्यव्रत ठाकुर ‘सत्या’ को सम्मान पत्र और गमछा देकर किया सम्मानित।

नागपुरी संगीत के 100 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर आपन रेडियो परिवार ने भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया। मुख्य अतिथि पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में सिमडेगा के पत्रकार, कलाकार और साहित्यकार सत्यव्रत ठाकुर ‘सत्या’ समेत झारखंड के कई कलाकारों को क्षेत्रीय कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
- आपन रेडियो ने नागपुरी संगीत के 100 वर्ष पूरे होने पर भव्य समारोह आयोजित किया।
- मुख्य अतिथि पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- सिमडेगा के सत्यव्रत ठाकुर ‘सत्या’ को सम्मान पत्र और गमछा देकर सम्मानित किया गया।
- समारोह में वरिष्ठ संगीतकार श्रीकांत, जयकांत, देवदास विश्वकर्मा, हरेंद्र और राकेश रमन उपस्थित रहे।
- नागपुरी, कुड़ुख, मुंडारी, हो और संथाली भाषा के सैकड़ों कलाकारों ने भाग लिया।
- सत्या ठाकुर के सम्मानित होने पर जिले के साहित्यकारों और कलाकारों ने खुशी जताते हुए बधाई दी।
सिमडेगा। नागपुरी संगीत के 100 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर आपन रेडियो परिवार की ओर से भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड की क्षेत्रीय कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में सिमडेगा जिले के सत्यव्रत ठाकुर ‘सत्या’ को सम्मान मिलने से जिले के कला प्रेमियों में खुशी की लहर है।
पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने किया शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख एवं विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में ठेठ नागपुरी और आधुनिक नागपुरी संगीत को नई पहचान देने वाले वरिष्ठ संगीतकार श्रीकांत, जयकांत, देवदास विश्वकर्मा, हरेंद्र और राकेश रमन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आपन रेडियो के ग्रुप ऑपरेशन हेड राज मौर्या और जनरल मैनेजर रवि गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत बुके और अंगवस्त्र देकर किया।
सत्यव्रत ठाकुर ‘सत्या’ को मिला सम्मान
समारोह में क्षेत्रीय कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में अमूल्य योगदान, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलाकारों को सम्मान पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में सिमडेगा के पत्रकार, कलाकार और साहित्यकार सत्यव्रत ठाकुर ‘सत्या’ को मुख्य अतिथि पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने सम्मान पत्र और गमछा देकर सम्मानित किया।
आयोजकों के अनुसार, सत्यव्रत ठाकुर इससे पूर्व भी झारखंड रत्न, झारखंड सेवा सम्मान, विशिष्ट सेवा सम्मान और बिरसा मुंडा स्मृति अवार्ड जैसे सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं। उन्हें पद्मश्री सम्मान के लिए भी नामित किए जाने की जानकारी दी गई।
उनके सम्मानित होने पर सिमडेगा जिले के कला प्रेमियों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। झारखंडी भाषा संस्कृति रक्षा मंच के संरक्षक साधु मलुआ के साथ श्याम सुंदर, संजय मिश्रा, रविकांत साहू, सुमन लकड़ा, शालिनी लुगुन और सुमन केरकेट्टा सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी।
झारखंड की विविध भाषाओं के कलाकारों की रही भागीदारी
समारोह में नागपुरी, कुड़ुख, मुंडारी, हो और संथाली भाषाओं से जुड़े सैकड़ों कलाकार शामिल हुए। इनमें तेज मुंडू, मोनिका मुंडू, मजबूल खान, महावीर साहू, मनीष बरवार, पवन राय, पंकज रॉय, ज्योति साहू, अमित तिर्की, राजेश कश्यप, मोनू राज, रमन गुप्ता, कैलाश जैक्सन, शिवानी जैक्सन, रोहित आरके, एंजेल लकड़ा, रवि तिग्गा, कवि किशन, रवि राम, निपेन देमता, टिंकू नायक, पूनम खलखो, पूनम कच्छप, सलोनी तिर्की, कृष्णा नायक, सुमन गाड़ी, मो. तानिश, अनिकेत मिंज और विशाल महली सहित अनेक कलाकार मौजूद रहे। सहिया बैंड ने भी समारोह में सहभागिता की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आपन रेडियो के जनरल मैनेजर रवि गुप्ता, ग्रुप ऑपरेशन हेड एवं स्टेशन हेड राज मौर्य, डायरेक्टर रेणु देवी, डायरेक्टर पूजा सिंह, आरजे वर्षा रितु, आरजे मुनमुन, प्रियंका कुजूर, मीना टोप्पो और अमर पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सत्य संदेश समाचार: क्षेत्रीय कला और संस्कृति को सम्मान से मिलेगी नई पहचान
नागपुरी संगीत झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्षेत्रीय भाषाओं, लोकगीतों और कलाकारों को मंच तथा सम्मान मिलना सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सहायक है। सिमडेगा के सत्यव्रत ठाकुर ‘सत्या’ का सम्मान जिले के कला और साहित्य जगत के लिए उत्साहजनक अवसर है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और नई पीढ़ी को अपनी भाषा-संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा मिल सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
झारखंड की लोककला और क्षेत्रीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं।
स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करें और उनकी रचनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।
अपनी भाषा और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में योगदान दें।
सत्यव्रत ठाकुर ‘सत्या’ को मिले सम्मान पर अपनी शुभकामनाएं कमेंट में दें और इस खबर को साझा कर झारखंड की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






