सुरक्षित स्कूल सुरक्षित बचपन चाइल्ड सेफगार्ड पॉलिसी को लेकर सिमडेगा में परामर्श
विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण बनाने पर दिया गया जोर।

सिमडेगा के जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों को लेकर जिला स्तरीय परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्या वनस्थली शिक्षा समिति और प्रतिज्ञा, रांची के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों ने भाग लिया। विद्यालयों में चाइल्ड सेफगार्ड पॉलिसी लागू करने पर चर्चा हुई।
- जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल, सिमडेगा में जिला स्तरीय परामर्श कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- कार्यक्रम में शिक्षक, अभिभावक और बच्चों ने बाल सुरक्षा पर अपने विचार रखे।
- विद्यालयों में Child Protection Policy/Child Safeguarding Policy लागू करने पर जोर दिया गया।
- प्रभावी बाल संरक्षण समिति के गठन की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
- बच्चों ने अपनी अपेक्षाएं और सुझाव रखते हुए सुरक्षित विद्यालय वातावरण की मांग की।
सिमडेगा के जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल में विद्या वनस्थली शिक्षा समिति, सिमडेगा एवं प्रतिज्ञा, रांची के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए Standard Operating Procedure (SOP) को स्थानीय संदर्भ में प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर चर्चा करना था।
बाल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर चर्चा
परामर्श कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों के साथ बाल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया गया। इस दौरान विद्यालयों में Child Protection Policy/Child Safeguarding Policy लागू करने तथा प्रभावी बाल संरक्षण समिति के गठन की आवश्यकता पर विशेष चर्चा हुई।
वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत एवं प्रभावी बाल संरक्षण व्यवस्था होना जरूरी है। विद्यालय केवल शिक्षा देने का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी उसकी है।
सभी की भागीदारी जरूरी
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। स्पष्ट नियमों और प्रभावी व्यवस्था के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
बच्चों ने भी रखे अपने सुझाव
परामर्श कार्यक्रम में बच्चों ने भी अपनी अपेक्षाएं और सुझाव साझा किए। बच्चों ने विद्यालयों में चाइल्ड सेफगार्ड पॉलिसी लागू करने की मांग रखी। उनकी बातों को गंभीरता से लेते हुए बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि बाल सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शिकायत और सहायता तंत्र मजबूत करने पर जोर
विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम, शिकायत एवं सहायता तंत्र और बाल संरक्षण संबंधी जागरूकता को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को किसी भी तरह की समस्या होने पर अपनी बात सुरक्षित तरीके से रखने के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए।
विद्या वनस्थली शिक्षा समिति, सिमडेगा एवं प्रतिज्ञा, रांची ने विद्यालयों में बाल सुरक्षा एवं संरक्षण की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। संस्थाओं ने बच्चों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया।
सत्य संदेश समाचार: बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था जरूरी
सिमडेगा में आयोजित परामर्श कार्यक्रम ने विद्यालयों में बाल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता को सामने रखा है। बच्चों की सुरक्षा केवल नियम बनाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शिकायत, सहायता और संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था भी विद्यालय स्तर पर सुनिश्चित होना जरूरी है। बच्चों की भागीदारी इस प्रक्रिया को और अधिक सार्थक बना सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों की सुरक्षा में परिवार, विद्यालय और समाज की समान भूमिका है।
हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण मिलना उसका अधिकार है।
बाल सुरक्षा से जुड़ी जानकारी और शिकायत तंत्र के प्रति बच्चों एवं अभिभावकों को जागरूक करें।
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(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






