लचरागढ़ के विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर में अभिभावक गोष्ठी, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोर
अभिभावक गोष्ठी में संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और मोबाइल से दूरी बनाने पर हुई चर्चा।

लचरागढ़ स्थित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में कक्षा दूसरी, तीसरी और चौथी के अभिभावकों की गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें बच्चों की पढ़ाई, नियमित दिनचर्या, अच्छे संस्कार और सुरक्षित भविष्य को लेकर चर्चा हुई। प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने अभिभावकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
- विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर, लचरागढ़ में कक्षा द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ के अभिभावकों की गोष्ठी हुई।
- प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने नियमित उपस्थिति, गृहकार्य और स्वाध्याय पर जोर दिया।
- बच्चों में अच्छे संस्कार और सेवा भाव विकसित करने की अपील की गई।
- वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण और नशापान से दूरी के प्रति जागरूक किया गया।
- मोबाइल का सीमित उपयोग और सड़क सुरक्षा के नियमों के पालन पर चर्चा हुई।
- बैठक की अध्यक्षता बसंती बड़ाईक ने की।
लचरागढ़। वनवासी कल्याण केंद्र की शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति, झारखंड द्वारा संचालित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ में कक्षा द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ के अभिभावकों की गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में बच्चों की शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और बेहतर भविष्य के निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
नियमित पढ़ाई और दिनचर्या पर जोर
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, गृहकार्य पूरा कराने और सुबह समय पर जगने की आदत विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने घर में स्वाध्याय के लिए अनुकूल वातावरण बनाने पर भी जोर दिया, ताकि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और जिम्मेदारी की भावना बढ़े।
संस्कार और सेवा भाव विकसित करने की अपील
गोष्ठी में बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार देने और उनके भीतर सेवा भाव विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार, अनुशासन और दैनिक गतिविधियों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण और मोबाइल से दूरी पर चर्चा
बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम विकसित करने के उद्देश्य से वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की गई। प्रधानाचार्य ने बच्चों को नशापान जैसी बुराइयों से दूर रखने तथा मोबाइल के अनावश्यक उपयोग को सीमित करने पर जोर दिया।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी किया जागरूक
बैठक में सड़क सुरक्षा के नियमों और बच्चों के सुरक्षित आवागमन पर भी चर्चा हुई। अभिभावकों से बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की गई।
अभिभावकों ने जताई सहभागिता
बैठक की अध्यक्षता बसंती बड़ाईक ने की। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
सत्य संदेश समाचार: बच्चों के भविष्य के लिए विद्यालय और परिवार की साझेदारी जरूरी
बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण में विद्यालय के साथ अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। नियमित पढ़ाई, अच्छे संस्कार, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और मोबाइल का संतुलित उपयोग बच्चों के विकास में सहायक हो सकते हैं। विद्यालय और परिवार के समन्वित प्रयासों से बच्चों को सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा मिल सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कार भी दें।
उन्हें प्रकृति से प्रेम करना और उसकी रक्षा करना सिखाएं।
मोबाइल के बजाय खेलकूद, किताबों और रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करें।
सड़क सुरक्षा और अनुशासन की आदत बचपन से विकसित करें।
आपके विचार में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सबसे जरूरी कदम क्या है? अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को अन्य अभिभावकों तक साझा करें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






