लचरागढ़ विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर में अभिभावक बैठक, बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम का लिया संकल्प
अभिभावकों और शिक्षकों ने बेहतर समन्वय बनाकर विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार करने पर जोर दिया।

लचरागढ़ स्थित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में कक्षा आठवीं, नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। इसमें बच्चों की नियमित पढ़ाई, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई। अंत में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने का संकल्प लिया गया।
- विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर, लचरागढ़ में कक्षा आठवीं, नौवीं और दसवीं के अभिभावकों की बैठक हुई।
- बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अभिभावक राजकुमार साहू ने की।
- मुखिया विश्वनाथ बड़ाईक ने बच्चों की शिक्षा और घर में पढ़ाई का अनुकूल माहौल बनाने पर जोर दिया।
- प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे स्वाध्याय करने की सलाह दी।
- अभिभावकों से बच्चों की कॉपियां नियमित देखने और उन्हें मोबाइल से दूर रखने की अपील की गई।
- बैठक का समापन राष्ट्रगान और बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम के संकल्प के साथ हुआ।
लचरागढ़: वनवासी कल्याण केंद्र की शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति, झारखंड द्वारा संचालित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ में अभिभावक बैठक आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों की पढ़ाई और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया।
शिक्षा के महत्व पर मुखिया ने दिया संदेश
बैठक की अध्यक्षता विद्यालय के वरिष्ठ अभिभावक राजकुमार साहू ने की। इस अवसर पर बानो पंचायत के मुखिया विश्वनाथ बड़ाईक उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वनवासी समाज के बच्चों को शिक्षित करना ही सच्ची समाज सेवा है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को घर पर पढ़ाई के लिए शांत और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएं, ताकि वे बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई कर सकें।
प्रतिदिन पांच घंटे स्वाध्याय करने पर जोर
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन घर पर कम से कम पांच घंटे स्वाध्याय करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा बच्चों को नियमित विद्यालय आने, बड़ों का सम्मान करने और अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है। प्रधानाचार्य ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट बच्चों की कॉपियां जरूर देखें, उन्हें मोबाइल से दूर रखें और विद्यालय से लगातार संपर्क बनाए रखें।
विद्यालय और परिवार के संयुक्त प्रयास से मिलेगी सफलता
अध्यक्षीय संबोधन में राजकुमार साहू ने कहा कि यदि माता-पिता जागरूक होंगे, तो बच्चे बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने विद्यालय और परिवार के संयुक्त प्रयास को अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए महत्वपूर्ण बताया।
बैठक में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। इन विषयों के माध्यम से बच्चों में सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
उत्कृष्ट परिणाम के लिए लिया संकल्प
कार्यक्रम में अर्जुन महतो एवं प्रमोद पानीग्रही की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में प्रधानाचार्य ने सभी अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, आगामी बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने के लिए सभी को संकल्प दिलाया गया। बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सत्य संदेश समाचार: बेहतर परिणाम के लिए अभिभावकों की भूमिका अहम
बच्चों की शैक्षणिक सफलता में विद्यालय के साथ परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। नियमित पढ़ाई, अनुशासन, मोबाइल का सीमित उपयोग और अभिभावकों की निगरानी विद्यार्थियों को परीक्षा की बेहतर तैयारी में मदद कर सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों को प्रोत्साहन, सही मार्गदर्शन और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण देना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है। शिक्षक और अभिभावक मिलकर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं।
आपके अनुसार बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए सबसे जरूरी क्या है? अपनी राय कमेंट में बताएं और इस खबर को अन्य अभिभावकों के साथ साझा करें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






