सेवई के जॉनाथन मेमोरियल स्कूल में पेरेंटिंग सेमिनार आयोजित, बच्चों की बेहतर परवरिश और उज्ज्वल भविष्य पर मंथन
पेरेंटिंग सेमिनार में अभिभावकों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने बच्चों की शिक्षा, संस्कार और भावनात्मक विकास पर जोर दिया।

सिमडेगा के सेवई स्थित जॉनाथन मेमोरियल स्कूल में पेरेंटिंग सेमिनार एवं सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “बच्चों को केवल पढ़ाएँ नहीं, उन्हें समझें भी…” रहा। मुख्य अतिथि अंजनी कुमार सिंह को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए अशोक स्तंभ देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए परिवार, विद्यालय और समाज के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।
- जॉनाथन मेमोरियल स्कूल, सेवई में पेरेंटिंग सेमिनार एवं सम्मान समारोह 2026 आयोजित हुआ।
- मुख्य अतिथि अंजनी कुमार सिंह को अशोक स्तंभ प्रदान कर सम्मानित किया गया।
- अभिभावकों से बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार और सकारात्मक संवाद बनाए रखने की अपील की गई।
- बेटा-बेटी को समान अवसर देने और बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
- विद्यालय के पूर्व सफल छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया।
सेवई, सिमडेगा: जॉनाथन मेमोरियल स्कूल में बच्चों की बेहतर परवरिश, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के उद्देश्य से पेरेंटिंग सेमिनार एवं सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। इसमें अभिभावकों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने बच्चों के शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में परिवार तथा विद्यालय की भूमिका पर विचार साझा किए।
अंजनी कुमार सिंह को अशोक स्तंभ देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित शिक्षक अंजनी कुमार सिंह को शिक्षा, बाल मार्गदर्शन और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए अशोक स्तंभ प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है। उनकी भावनाओं, विचारों और समस्याओं को समझना भी जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर के अपनी बात साझा कर सकें।
उन्होंने सकारात्मक संवाद, अनुशासन, भावनात्मक सहयोग और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को प्रभावी परवरिश के महत्वपूर्ण आधार बताया।
बेटा-बेटी को समान अवसर देने पर जोर
विद्यालय की प्राध्यापिका स्वीटी बरला ने बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बेटा-बेटी को समान अवसर देने, नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने और शिक्षा के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अभिभावकों का सहयोग और शिक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और सामाजिक कुरीतियों से बचाने की अपील
कार्यक्रम में सेवई, कोचेडेगा, पिथरा एवं टैंसरा पंचायत के मुखिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुखियाओं ने बच्चों में अनुशासन और संस्कार विकसित करने, बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने बच्चों को सामाजिक कुरीतियों से बचाने और उनके बेहतर भविष्य के लिए परिवार तथा समाज को मिलकर प्रयास करने का संदेश दिया।
पूर्व सफल विद्यार्थियों और अभिभावकों का सम्मान
समारोह में विद्यालय के कई पूर्व सफल छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। इस पहल से विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली और उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहन मिला।
अंत में विद्यालय के निदेशक दीपक बरला ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही दिशा देने के लिए विद्यालय, शिक्षक और माता-पिता के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
सत्य संदेश समाचार: बच्चों को समझना भी है अच्छी परवरिश का हिस्सा
जॉनाथन मेमोरियल स्कूल में आयोजित सेमिनार ने बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी भावनाओं, संस्कारों और जरूरतों को समझने का संदेश दिया। अभिभावकों और शिक्षकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों को सकारात्मक वातावरण और बेहतर मार्गदर्शन मिल सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों की बात सुनें, उनकी समस्याओं को समझें और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर दें। समानता, सकारात्मक संवाद और परिवार का सहयोग उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन सकते हैं।
आपके अनुसार बच्चों की बेहतर परवरिश में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका किसकी है? अपनी राय कमेंट में बताएं और इस खबर को अन्य अभिभावकों के साथ साझा करें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






