सिमडेगा में मधेसिया कानू समाज ने धूमधाम से मनाया बाबा गणिनाथ गोविंद जी का वार्षिक महोत्सव शिक्षा और संस्कार से समाज सुधार का लिया संकल्प
नगर भवन में बाबा गणिनाथ की पूजा-अर्चना के साथ भव्य वार्षिक उत्सव का आयोजन हुआ।

झारखंड के सिमडेगा स्थित नगर भवन में मधेसिया कानू समाज द्वारा कुल गुरु बाबा गणिनाथ जी गोविंद जी का वार्षिक उत्सव श्रद्धापूर्वक आयोजित किया गया। इस समारोह में समाज के लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर झंडोत्तोलन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने समाज को व्यसनमुक्त बनाने और बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने पर विशेष बल दिया।
- सिमडेगा के नगर भवन में मधेसिया कानू समाज द्वारा श्री श्री 1008 श्री गणिनाथ जी गोबिंद जी का वार्षिक उत्सव धूमधाम से संपन्न हुआ।
- कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह नौ बजे कुल गुरु की पूजा-आरती और समाज के अध्यक्ष बजरंग प्रसाद द्वारा झंडोत्तोलन के साथ किया गया।
- मुख्य अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश प्रसाद मधेशीय ने समाज के उत्थान के लिए शिक्षा और अच्छे संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया।
- समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने की अपील की।
- कार्यक्रम को सफल बनाने में निरंजन प्रसाद, दुर्गा प्रसाद, रवींद्र प्रसाद, अनिल प्रसाद और प्रमोद प्रसाद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
झारखंड के सिमडेगा जिला मुख्यालय स्थित नगर भवन में मधेसिया कानू समाज द्वारा आयोजित वार्षिक महोत्सव भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। इस गरिमामयी समारोह में समाज के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लेकर अपने आराध्य देव श्री श्री 1008 श्री गणिनाथ जी गोबिंद जी की सामूहिक पूजा-अर्चना की। सुबह से ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा परिसर भक्ति के रंग में सराबोर हो गया। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देना और समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना था।
विधि-विधान से पूजा-अर्चना और झंडोत्तोलन
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह ठीक नौ बजे कुल गुरु गणिनाथ जी की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। समाज के पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा गणिनाथ जी और गोविंद जी की भव्य आरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात, मधेसिया कानू समाज के अध्यक्ष बजरंग प्रसाद ने समाज के पारंपरिक ध्वज का झंडोत्तोलन किया। झंडोत्तोलन के दौरान समाज के लोगों ने गगनभेदी नारे लगाए, जिससे पूरा नगर भवन परिसर गूंज उठा।
शिक्षा और व्यसनमुक्ति पर मुख्य अतिथि का संबोधन
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मधेसिया कानू समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश प्रसाद मधेशीय ने दीप प्रज्वलित कर वैचारिक गोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में समाज के वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सतीश प्रसाद मधेशीय ने कहा: "समाज के उत्थान और विकास के लिए शिक्षा सबसे सशक्त माध्यम है। हमें अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुदृढ़ संस्कार देने होंगे। इसके साथ ही, समाज को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना अत्यंत आवश्यक है।"
उन्होंने समाज के अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी कमाई का एक हिस्सा बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च करें, क्योंकि शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव रख सकता है।
प्रबुद्ध वक्ताओं ने रखे अपने विचार
मुख्य अतिथि के संबोधन के बाद समाज के अन्य प्रबुद्ध जनों ने भी मंच से अपनी बातें रखीं। अशोक प्रसाद, केदार प्रसाद, बसंत प्रसाद और ओम प्रकाश साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में सामाजिक एकता सबसे बड़ी ताकत है। हमें आपसी मतभेदों को भुलाकर समाज के गरीब और पिछड़े परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने समाज के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाने की वकालत की।
सफल आयोजन में कार्यकर्ताओं की रही सराहनीय भूमिका
इस भव्य वार्षिक उत्सव को सफल और अनुशासित बनाने में मधेसिया कानू समाज की आयोजन समिति के सदस्यों ने दिन-रात मेहनत की। कार्यक्रम के सफल संचालन और व्यवस्था बनाए रखने में निरंजन प्रसाद, दुर्गा प्रसाद, रवींद्र प्रसाद, अनिल प्रसाद और प्रमोद प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन कार्यकर्ताओं ने न केवल आगंतुकों के स्वागत की जिम्मेदारी संभाली, बल्कि महाप्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी सुचारू प्रबंधन किया।
बाबा गणिनाथ जी का इतिहास और सामाजिक महत्व
बाबा गणिनाथ जी को मधेसिया कानू समाज अपना कुल गुरु और आराध्य देव मानता है। वे मध्यकाल के एक महान संत, समाज सुधारक और योद्धा थे, जिन्होंने समाज में समरसता, न्याय और धर्म की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। हर वर्ष भाद्रपद महीने में उनकी जयंती और वार्षिक उत्सव मनाया जाता है। सिमडेगा में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने बाबा के दिखाए गए सत्य, अहिंसा और सेवा के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
सत्य संदेश समाचार: सामाजिक चेतना और एकजुटता का संदेश
मधेसिया कानू समाज का यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय कदम है। मंच से शिक्षा को बढ़ावा देने और नशे के खिलाफ आवाज उठाना यह दर्शाता है कि समाज अपनी कमियों को दूर करने के लिए गंभीर है। ऐसे आयोजनों से न केवल आपसी भाईचारा मजबूत होता है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति और नैतिक संस्कारों से जुड़ने का सीधा अवसर मिलता है। समाज के प्रबुद्ध वर्ग को इन संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
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किसी भी समाज की असली ताकत उसके शिक्षित, संस्कारी और जागरूक नागरिक होते हैं। आइए, हम सब मिलकर अपने बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा दिलाने और उन्हें नैतिक मूल्यों से समृद्ध करने का संकल्प लें। सामाजिक बुराइयों और व्यसनों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होना ही हमारे पूर्वजों और आराध्य देवों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जब हर परिवार जागरूक होगा, तभी एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव हो सकेगा।
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