भादो एकादशी पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में करम पूजा महोत्सव आयोजित
करम राजा की आराधना और पारंपरिक रीति रिवाजों से विद्यालय परिसर भक्तिमय हुआ।

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ करम पूजा महोत्सव आयोजित हुआ। पंडित विद्यबंधु शास्त्री के मंत्रोच्चार और कथा-वाचन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करम राजा की पूजा कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
- पंडित विद्यबंधु शास्त्री के कथा-वाचन और मंत्रोच्चार से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
- बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करम राजा की पूजा-अर्चना की।
- भरत प्रसाद और दीपक कुमार अग्रवाल सहित अतिथियों का स्वागत किया गया।
- करम पर्व के माध्यम से लोकसंस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया।
- विद्यालय परिसर में पूरे आयोजन के दौरान भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल रहा।
सिमडेगा। वनवासी कल्याण केंद्र झारखंड की शैक्षिक इकाई श्री हरि वनवासी विकास समिति झारखंड द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सलडेगा में मंगलवार को करम पूजा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार और उपस्थित लोगों ने श्रद्धा के साथ करम राजा की आराधना की।
मंत्रोच्चार और कथा-वाचन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत पंडित श्री विद्यबंधु शास्त्री के कथा-वाचन और मंत्रोच्चार से हुई। वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच करम महोत्सव से जुड़ी कथा सुनाई गई। इस दौरान करम पर्व की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्ता के बारे में जानकारी दी गई।
मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान से विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण में बदल गया।
करम राजा की विधिवत पूजा
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बहनों द्वारा करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना रहा। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा करते हुए परिवार, समाज और सभी लोगों के सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
पारंपरिक वेशभूषा और पूजा की विधि ने आयोजन में झारखंड की लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
अतिथियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिमडेगा के समाजसेवी श्री भरत प्रसाद तथा नगर परिषद उपाध्यक्ष श्री दीपक कुमार अग्रवाल और श्री सुन्नीलाल अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
लोकसंस्कृति और प्रकृति से जुड़ने का संदेश
करम पर्व झारखंड की लोकपरंपरा में प्रकृति, भाईचारे, समृद्धि और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को पारंपरिक संस्कृति और लोकमूल्यों से जोड़ना भी रहा।
आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण बना रहा। उपस्थित लोगों ने करम राजा की आराधना कर लोकमंगल और सुख-समृद्धि की मंगलकामना की।
सत्य संदेश समाचार: लोकपरंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में आयोजित करम पूजा महोत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ झारखंड की लोकसंस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान को भी सामने रखा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय विरासत से परिचित कराने का अवसर मिलता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
नई पीढ़ी को अपनी लोकपरंपराओं से जोड़ना समाज की साझा जिम्मेदारी है।
प्रकृति के प्रति सम्मान और सामाजिक एकता का संदेश जीवन में अपनाएं।
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