सलडेगा में ‘कबाड़ से जुगाड़’ ने दिखाई विद्यार्थियों की रचनात्मकता, स्वच्छता अभियान से दिया सेवा का संदेश
विद्यार्थियों ने कबाड़ से उपयोगी वस्तुएं बनाकर पर्यावरण संरक्षण और सेवा का संदेश दिया।

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर रचनात्मक और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रदर्शनी में अनुपयोगी वस्तुओं से सुंदर सामग्री तैयार की। छात्रावास के विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान चलाकर ‘स्वच्छता ही सेवा’ का संदेश दिया।
- ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी सामग्री तैयार की।
- कागज, प्लास्टिक, डिब्बे, बोतल, कार्टून, ऊन और धागे का रचनात्मक उपयोग किया गया।
- विद्यालय छात्रावास के विद्यार्थियों ने आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया।
- विद्यार्थियों ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ का संकल्प लेते हुए सेवा-भाव का परिचय दिया।
- कार्यक्रम में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को याद किया गया।
वनवासी कल्याण केंद्र झारखंड की शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखंड द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सलडेगा में गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में स्वच्छता, सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सेवा-भाव का संदेश दिया गया।
‘कबाड़ से जुगाड़’ में दिखी विद्यार्थियों की रचनात्मकता
प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार पाठक के निर्देश पर विद्यालय में ‘कबाड़ से जुगाड़’ विषय पर आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। विद्यार्थियों ने घरों में अनुपयोगी पड़े कागज, प्लास्टिक, डिब्बे, बोतल, कार्टून, ऊन और धागे जैसी सामग्री का उपयोग कर सुंदर एवं उपयोगी वस्तुएं तैयार कीं।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, मेहनत और पर्यावरण के प्रति जागरूकता देखने को मिली। विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि अनुपयोगी समझी जाने वाली वस्तुओं का भी रचनात्मक उपयोग किया जा सकता है और इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।
स्वच्छता अभियान से दिया सेवा का संदेश
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यालय छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा चलाया गया स्वच्छता अभियान रहा। सुबह विद्यार्थियों ने विद्यालय के आसपास के क्षेत्रों में पहुंचकर बिखरे कचरे को एकत्र किया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया।
महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों से प्रेरणा लेते हुए विद्यार्थियों ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ का संकल्प लिया। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज के प्रति जिम्मेदारी, श्रम की गरिमा और सेवा-भाव का संदेश दिया।
गांधी और शास्त्री के आदर्शों को किया याद
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी की स्वच्छता, सत्य और अहिंसा की प्रेरणा तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों को याद किया गया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और संसाधनों के सदुपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
सत्य संदेश समाचार: रचनात्मकता और सेवा से विद्यार्थियों ने दिया सकारात्मक संदेश
सलडेगा के विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रचनात्मकता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी परिचय दिया। ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रदर्शनी ने संसाधनों के सदुपयोग का संदेश दिया, जबकि स्वच्छता अभियान ने सेवा और जिम्मेदारी की भावना को सामने रखा। ऐसे प्रयास विद्यार्थियों में पर्यावरण और समाज के प्रति जागरूकता विकसित करने में सहायक हो सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हर अनुपयोगी वस्तु में किसी नए उपयोग की संभावना हो सकती है।
स्वच्छता को केवल अभियान नहीं, जीवनशैली बनाने की जरूरत है।
विद्यार्थियों की छोटी पहल समाज में बड़ा संदेश दे सकती है।
स्वच्छता, सेवा और पर्यावरण संरक्षण के इस संदेश को आगे बढ़ाएं।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






