रुसू दुर्गा मंडप में आस्था और परंपरा के साथ मनाया गया जितिया पर्व, महिलाओं ने की संतान की दीर्घायु की कामना
रुसू दुर्गा मंडप में व्रती महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर संतान के कल्याण की कामना की।

केरसई प्रखंड के रुसू स्थित दुर्गा मंडप में शनिवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ जितिया यानी जीवित्पुत्रिका पर्व मनाया गया। बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर अपने पुत्रों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की। पंडित नवीन कुमार मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई।
- रुसू दुर्गा मंडप में शनिवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ जितिया पर्व मनाया गया।
- बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं ने संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की।
- पंडित नवीन कुमार मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई।
- महिलाओं को जितिया व्रत की महत्ता, पूजा-विधि और धार्मिक परंपराओं की जानकारी दी गई।
- पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
केरसई प्रखंड के रुसू स्थित दुर्गा मंडप में शनिवार को जितिया पर्व को लेकर सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं दुर्गा मंडप परिसर में पहुंचीं और अपने पुत्रों के सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ पूजा-अनुष्ठान
पूजा-अनुष्ठान पंडित नवीन कुमार मिश्रा के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। इस दौरान उन्होंने व्रती महिलाओं को जितिया व्रत की धार्मिक महत्ता और पूजा-विधि के बारे में जानकारी दी।
पंडित नवीन कुमार मिश्रा ने श्रद्धालुओं को भगवान जीवित्पुत्रिका की कथा का श्रवण भी कराया। महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक कथा सुनी और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की।
संतान के कल्याण के लिए रखा व्रत
जितिया पर्व के अवसर पर व्रती महिलाओं ने अपने पुत्रों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की प्रार्थना की। पूजा के दौरान महिलाओं ने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की भी कामना की।
श्रद्धालुओं ने बताया कि जितिया पर्व मातृत्व की श्रद्धा, त्याग और संकल्प का प्रतीक है। इस अवसर पर माताएं अपनी संतान के कल्याण और दीर्घायु के लिए कठिन व्रत रखकर पूरी आस्था के साथ भगवान जीवित्पुत्रिका की पूजा करती हैं।
पूजा के बाद प्रसाद का हुआ वितरण
पूजा-अनुष्ठान के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन को लेकर दुर्गा मंडप परिसर में आवश्यक व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति से पूरे परिसर में धार्मिक एवं उत्सवी माहौल बना रहा।
सत्य संदेश समाचार: आस्था, परंपरा और मातृत्व के संकल्प का पर्व बना जितिया
रुसू दुर्गा मंडप में आयोजित जितिया पर्व में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता देखने को मिली। धार्मिक अनुष्ठान के साथ महिलाओं ने अपनी पारंपरिक आस्था और संतान के कल्याण की भावना को व्यक्त किया। ऐसे पर्व स्थानीय परंपराओं और सामुदायिक सहभागिता को बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जितिया पर्व मातृत्व की श्रद्धा और संकल्प से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है।
ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं।
नई पीढ़ी को भी अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना जरूरी है।
आपके क्षेत्र में जितिया पर्व किस तरह मनाया गया, हमें जरूर बताएं और खबर को साझा करें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






