गांगुटोली में रात्रिकालीन फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य समापन, पेनाल्टी शूटआउट में पुलिस टीम बनी चैंपियन
हजारों दर्शकों की मौजूदगी में रोमांचक फाइनल, कोनबेगी को हराकर पुलिस टीम ने जीती ट्रॉफी।

जलडेगा प्रखंड के गांगुटोली खेल मैदान में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय रात्रिकालीन फुटबॉल टूर्नामेंट का शुक्रवार रात से शनिवार सुबह करीब चार बजे तक भव्य समापन हुआ। रोमांचक फाइनल में पुलिस टीम सिमडेगा और कोनबेगी निर्धारित समय में गोल नहीं कर सकीं। पेनाल्टी शूटआउट में पुलिस टीम ने 2 गोल कर खिताब अपने नाम किया।
- पुलिस टीम सिमडेगा ने पेनाल्टी शूटआउट में कोनबेगी को हराकर टूर्नामेंट का खिताब जीता।
- विजेता टीम को 21,051 रुपये नकद और विजेता शील्ड, जबकि उपविजेता को 15,051 रुपये और शील्ड दी गई।
- सेमीफाइनल में पुलिस टीम सिमडेगा और कोनबेगी ने जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।
- कोलकाता और चाईबासा की किन्नर फुटबॉल टीमों के बीच फ्रेंडली मुकाबला आकर्षण का केंद्र रहा।
- हजारों दर्शकों की मौजूदगी में देर रात तक फुटबॉल मुकाबले और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे।
- समारोह में बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जलडेगा प्रखंड के गांगुटोली खेल मैदान में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय रात्रिकालीन फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य समापन शुक्रवार रात से शनिवार सुबह करीब चार बजे तक हुआ। रोशनी से जगमगाते मैदान में हजारों दर्शक रोमांचक मुकाबले के गवाह बने। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर की।
सेमीफाइनल में पुलिस टीम और कोनबेगी ने बनाई जगह
पहला सेमीफाइनल मुकाबला पुलिस टीम सिमडेगा और एडेगा के बीच खेला गया। इसमें पुलिस टीम सिमडेगा ने जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया।
दूसरे सेमीफाइनल में कोनबेगी और जेएसडब्ल्यू सीमेंट पतीअम्बा की टीमें आमने-सामने हुईं। रोमांचक मुकाबले में कोनबेगी ने जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई।
किन्नर फुटबॉल टीमों का मुकाबला बना आकर्षण
दर्शकों के मनोरंजन के लिए आयोजन समिति की ओर से विशेष पहल करते हुए सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद कोलकाता और चाईबासा से आमंत्रित किन्नर फुटबॉल टीमों के बीच फ्रेंडली मुकाबला कराया गया।
दोनों टीमों के मैदान में उतरते ही दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। रोमांचक मुकाबले में चाईबासा की टीम ने कोलकाता को 2-1 से हराया। इस मुकाबले में मोतीलाल साहू और नजीम अंसारी ने रेफरी की भूमिका निभाई।
पेनाल्टी शूटआउट में पुलिस टीम ने जीता फाइनल
बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबला कोनबेगी और पुलिस टीम सिमडेगा के बीच खेला गया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें गोल करने में सफल नहीं हो सकीं। इसके बाद मुकाबले का फैसला पेनाल्टी शूटआउट से हुआ।
पेनाल्टी शूटआउट में पुलिस टीम सिमडेगा ने 2 गोल कर जीत दर्ज की और टूर्नामेंट की विजेता बनी। फाइनल मुकाबले में अजय साहू, बजरंग नाग और राजीव कुमार साहू ने रेफरी की भूमिका निभाई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
फुटबॉल मुकाबलों के बीच नागपुरी, भोजपुरी और हिंदी गीतों पर डांसरों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। देर रात तक बड़ी संख्या में लोग मैदान में मौजूद रहे।
दर्शकों की भीड़ बढ़ने के कारण कई बार पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए कार्यक्रम रोकना पड़ा। पूरे आयोजन के दौरान गांगुटोली खेल मैदान में मेले जैसा माहौल बना रहा।
विजेता को 21,051 और उपविजेता को 15,051 रुपये
समापन समारोह में थाना प्रभारी सकलदेव महतो ने विजेता पुलिस टीम सिमडेगा को 21,051 रुपये नकद एवं विजेता शील्ड प्रदान की। वहीं उपविजेता कोनबेगी टीम को 15,051 रुपये नकद एवं शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा बेस्ट गोलकीपर, मैन ऑफ द मैच सहित अन्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
समापन समारोह में बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार, कोलेबिरा थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, कोलेबिरा प्रमुख दुतामी हेमरोम, विधायक प्रतिनिधि अर्जुन होरो, अमर तोपनो, पवन साहू और भोला दास सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
टूर्नामेंट को सफल बनाने में अध्यक्ष मोतीलाल साहू, सचिव जुनूल सुरीन, कोषाध्यक्ष महावीर साहू, उपाध्यक्ष संजू साहू तथा कमिटी सदस्य मोहित उर्फ अरुण नाग, गोविंद द्विवेदी, मन्ना अंसारी, साहिल अंसारी, तस्लीम अंसारी, रमेश साहू और टिकेश्वर सामंत सहित व्यवसायियों, युवा वर्ग एवं समिति के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मंच संचालन मो. इरफान, किशन बड़ाईक सहित अन्य ने किया। धन्यवाद ज्ञापन आयोजन समिति के अध्यक्ष मोतीलाल साहू ने किया।
सत्य संदेश समाचार: खेल, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का संगम बना गांगुटोली टूर्नामेंट
गांगुटोली में आयोजित रात्रिकालीन फुटबॉल टूर्नामेंट ने खेल के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक सहभागिता को भी मंच दिया। हजारों दर्शकों की मौजूदगी और देर रात तक चले मुकाबलों ने आयोजन की व्यापक भागीदारी को सामने रखा। फाइनल में पेनाल्टी शूटआउट के जरिए विजेता का फैसला हुआ और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं।
स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजन खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं।
खेल के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देते हैं।
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