सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, पकवान में मिला कॉकरोच और छोले में प्रतिबंधित रंग
त्योहारों से पहले झूलन सिंह चौक पर जांच में मिलीं अनियमितताएं, दोषी कारोबारियों पर कार्रवाई की तैयारी।

सिमडेगा में आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने झूलन सिंह चौक स्थित स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान एक रसोईघर में पकवान पर कॉकरोच पाया गया, जबकि कुछ ठेला संचालकों के छोले में प्रतिबंधित औद्योगिक रंग मिलने की जानकारी दी गई। निर्धारित सीमा से अधिक खराब गुणवत्ता वाला खाद्य तेल भी मौके पर नष्ट कराया गया। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- झूलन सिंह चौक, सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने औचक जांच अभियान चलाया।
- प्रवीन केसरी के रसोईघर में पकवान पर कॉकरोच पाया गया।
- कुछ ठेला संचालकों के छोले में प्रतिबंधित या औद्योगिक रंग मिलने की जानकारी सामने आई।
- फ्राइंग ऑयल टेस्टिंग मशीन से तेल की गुणवत्ता जांची गई।
- निर्धारित अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत से अधिक TPC वाले तेल को मौके पर नष्ट कराया गया।
- खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
सिमडेगा: आगामी त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिला मुख्यालय के झूलन सिंह चौक पर जांच अभियान चलाया। यह कार्रवाई उपायुक्त कंचन सिंह के निर्देशानुसार की गई। अभियान के दौरान स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
रसोईघर में पकवान पर मिला कॉकरोच
निरीक्षण के दौरान प्रवीन केसरी के रसोईघर में पकवान पर कॉकरोच पाया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने इस पर गंभीरता व्यक्त करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही।
विभाग ने खाद्य कारोबारियों को रसोईघर और खाद्य सामग्री तैयार करने वाले स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने का निर्देश दिया, ताकि उपभोक्ताओं को अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार खाद्य पदार्थ न परोसे जाएं।
निर्धारित सीमा से अधिक TPC वाला तेल कराया नष्ट
जांच के दौरान फ्राइंग ऑयल टेस्टिंग मशीन की मदद से खाद्य प्रतिष्ठानों में पकवान तलने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तेल की गुणवत्ता जांची गई। विभाग के अनुसार, जिन प्रतिष्ठानों के तेल में कुल ध्रुवीय यौगिक यानी टोटल पोलर कंपाउंड्स (TPC) की मात्रा निर्धारित अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत से अधिक पाई गई, उस तेल को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि निर्धारित सीमा से अधिक TPC वाले तेल का उपयोग खाद्य पदार्थ तलने में करना खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है और यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने कारोबारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तेल का उपयोग करने का निर्देश दिया।
छोले में मिला प्रतिबंधित औद्योगिक रंग
निरीक्षण के दौरान कुछ ठेला संचालकों द्वारा चाट बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे छोले में प्रतिबंधित या औद्योगिक रंग पाए जाने की जानकारी सामने आई। विभाग ने खाद्य पदार्थों में ऐसे रंगों के इस्तेमाल को गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघन बताया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के अनुसार, प्रतिबंधित रंगों में मौजूद कुछ रासायनिक पदार्थ स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। इस मामले में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य कारोबारियों को सख्त चेतावनी
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को चेतावनी दी कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट, अस्वच्छता या प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल को लेकर शिकायत मिलने पर उसका सत्यापन किया जाएगा। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में कानून के तहत कारावास सहित दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
उन्होंने सभी कारोबारियों से खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित सामग्री का इस्तेमाल करने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने की अपील की।
खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत कहां करें?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट, प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल या अस्वच्छता की जानकारी मिलती है, तो वे खाद्य सुरक्षा एवं अनुपालन प्रणाली (FoSCoS) के आधिकारिक पोर्टल www.foscos.gov.in पर उपलब्ध शिकायत सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया कि आगामी त्योहारों के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और निगरानी जारी रहेगी, ताकि जिलेवासियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
सत्य संदेश समाचार: त्योहारों में खाद्य सुरक्षा पर विभाग की निगरानी
झूलन सिंह चौक पर हुई जांच में सामने आई अनियमितताएं खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत बताती हैं। कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करना चाहिए और उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति जागरूक रहना चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
त्योहारों की खुशियों के बीच स्वच्छ और सुरक्षित भोजन को प्राथमिकता दें। खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी दिखने पर संबंधित विभाग को जानकारी दें, ताकि समय पर जांच और कार्रवाई हो सके।
क्या आपके इलाके में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच नियमित होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं और इस खबर को साझा कर लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






