सिमडेगा में चर्च ऑफ गॉड का रक्तदान अभियान, जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान को लेकर बढ़ाई जागरूकता
सदर अस्पताल में आयोजित शिविर में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने रक्तदान में लिया हिस्सा।

सिमडेगा सदर अस्पताल में वर्ल्ड मिशन सोसाइटी चर्च ऑफ गॉड की ओर से रक्तदान अभियान आयोजित किया गया। यह आयोजन “फसह के प्रेम के माध्यम से जीवन देने के लिए विश्वव्यापी रक्तदान अभियान” के तहत हुआ। सिमडेगा, रांची, चाईबासा और धनबाद समेत विभिन्न क्षेत्रों से लोग कार्यक्रम में पहुंचे। अतिथियों ने स्वैच्छिक रक्तदान को जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
- सिमडेगा सदर अस्पताल में वर्ल्ड मिशन सोसाइटी चर्च ऑफ गॉड की ओर से रक्तदान अभियान आयोजित किया गया।
- अभियान में सिमडेगा, रांची, चाईबासा और धनबाद समेत विभिन्न क्षेत्रों से लोग शामिल हुए।
- कार्यक्रम को जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बढ़ाने की पहल के रूप में आयोजित किया गया।
- नगरपालिका अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा समेत कई अतिथियों ने रक्तदान अभियान की सराहना की।
- अतिथियों ने लोगों से नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।
- चर्च के अनुसार यह अभियान वर्ष 2005 में दक्षिण कोरिया से शुरू होकर विभिन्न देशों तक पहुंचा है।
सिमडेगा सदर अस्पताल में वर्ल्ड मिशन सोसाइटी चर्च ऑफ गॉड की ओर से “फसह के प्रेम के माध्यम से जीवन देने के लिए विश्वव्यापी रक्तदान अभियान” के तहत रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिमडेगा के अलावा रांची, चाईबासा और धनबाद सहित विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंचे। सुबह से ही अलग-अलग पृष्ठभूमि के प्रतिभागियों ने व्यवस्थित तरीके से रक्तदान अभियान में हिस्सा लिया।
जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान को बताया महत्वपूर्ण
चर्च ऑफ गॉड के पास्टर राकेश रोशन ने कहा कि सर्जरी, प्रसव और कैंसर उपचार जैसी परिस्थितियों में मरीजों के लिए रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि रक्त की उपलब्धता रक्तदान के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है, इसलिए चर्च के सदस्य सेवा भावना के साथ अभियान में शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि परिवार की देखभाल करने वाली मां के प्रेम की भावना के साथ किए गए इस सेवा कार्य का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर लौटने में सहयोग देना है।
अतिथियों ने की रक्तदान अभियान की सराहना
कार्यक्रम में सिमडेगा नगरपालिका के अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा ने रक्तदान अभियान की सराहना की। उन्होंने लोगों को रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान से रक्त का भंडार कम नहीं होता, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए इसकी उपलब्धता बढ़ती है। उन्होंने सिमडेगा को जागरूक, स्वच्छ और सुंदर बनाने से जुड़े सेवा कार्यों में आगे भी सहयोग की बात कही।
मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन समद ने भी अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिमडेगा में जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नियमित रक्तदान की आवश्यकता है।
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोग
कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बसंत कुमार लोंगा ने सफल रक्तदान शिविर के आयोजन पर चर्च ऑफ गॉड को बधाई दी। उन्होंने रक्तदान को महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा बताते हुए सिमडेगा के विकास और उन्नति के लिए संस्था के साथ सहयोग की बात कही।
सिविल कोर्ट कैंपस सिमडेगा के अधिवक्ता श्रीकांत श्रीवास्तव ने बड़े स्तर पर आयोजित रक्तदान कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने लोगों से जागरूक होकर निस्वार्थ भाव से रक्तदान करने की अपील की।
जलडेगा प्रमुख एमलेन कोंगारी ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने चर्च ऑफ गॉड के कार्यों के बारे में पहले सुना था, लेकिन इस कार्यक्रम में उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिला। उन्होंने रक्तदाताओं के प्रति आभार जताया।
मुख्य अतिथियों और चर्च पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा, बसंत कुमार लोंगा, डॉ. सुंदर मोहन समद, अधिवक्ता श्रीकांत श्रीवास्तव और एमलेन कोंगारी सहित चर्च ऑफ गॉड के पास्टर राकेश, अनुपम, इंद्र, हेरोल्ड, अनील एवं पादरी नरेंद्र मौजूद रहे।
स्थानीय समुदाय के लोगों और अन्य अतिथियों ने भी रक्तदान अभियान में पहुंचकर आयोजन की सराहना की।
वर्ष 2005 में दक्षिण कोरिया से शुरू हुआ अभियान
चर्च ऑफ गॉड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार रक्तदान अभियान वर्ष 2005 में दक्षिण कोरिया में शुरू हुआ था। इसके बाद यह अभियान विभिन्न देशों में आयोजित किया जाने लगा। चर्च के अनुसार इसमें अमेरिका, जर्मनी, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे सहित कई देशों में रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
चर्च के अनुसार जून तक यह अभियान 1,859 बार आयोजित किया जा चुका था, जिसमें 3.37 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया और 1,44,430 लोगों ने रक्तदान किया। संस्था के अनुसार एक रक्तदान से तीन लोगों तक सहायता पहुंचने की संभावना होती है।
फसह के संदेश से जोड़कर चलाया जा रहा अभियान
चर्च ऑफ गॉड के अनुसार अभियान के नाम में शामिल फसह (Passover) एक बाइबिलीय पर्व है। चर्च की धार्मिक मान्यता के अनुसार यीशु मसीह ने क्रूस पर चढ़ाए जाने से एक दिन पहले फसह के अवसर पर नई वाचा स्थापित की थी और रोटी तथा दाखमधु को उनके शरीर और रक्त के प्रतीक के रूप में उपयोग किया था।
इसी धार्मिक संदेश को आधार बनाकर चर्च द्वारा रक्तदान और अन्य सामाजिक सेवा गतिविधियों को संचालित करने की जानकारी दी गई।
सत्य संदेश समाचार: रक्तदान के जरिए जरूरतमंदों तक जीवनरक्षक सहायता पहुंचाने की पहल
सिमडेगा में आयोजित रक्तदान अभियान ने स्वैच्छिक रक्तदान की आवश्यकता को सामने रखा। अस्पतालों में सर्जरी, प्रसव और गंभीर बीमारियों के उपचार के दौरान रक्त की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए सुरक्षित और स्वैच्छिक रक्तदान की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों के साथ नियमित रक्तदान को लेकर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय जानकारी भी लोगों तक पहुंचाना उपयोगी रहेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
रक्तदान एक महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा है, लेकिन रक्तदान से पहले स्वास्थ्य संबंधी निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है।
योग्य और स्वस्थ व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आ सकते हैं।
रक्तदान को लेकर सही जानकारी अपने परिवार और समाज तक पहुंचाएं।
जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त की उपलब्धता बढ़ाने में योगदान दें।
सेवा और मानवता की भावना के साथ सामाजिक कार्यों में भागीदारी निभाएं।
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