बोलबा आजीविका महिला संकुल संगठन की वार्षिक आमसभा संपन्न, आय-व्यय और आगामी कार्ययोजना पर हुई चर्चा
वार्षिक आमसभा में संगठन की प्रगति, वित्तीय पारदर्शिता और महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।

बोलबा आजीविका महिला संकुल संगठन स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सुषमा आनंद और समसेरा पंचायत के मुखिया सुरजन बड़ाइक शामिल हुए। आमसभा में वार्षिक लेखा-जोखा, आय-व्यय, कार्य प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी साझा की गई।
- बीडीओ डॉ. सुषमा आनंद और समसेरा पंचायत के मुखिया सुरजन बड़ाइक ने कार्यक्रम में बतौर अतिथि शिरकत की।
- आमसभा में वार्षिक कार्य प्रगति, लेखा-जोखा, आय-व्यय और खर्च विवरणी प्रस्तुत की गई।
- विभिन्न ग्राम संगठनों ने झुमर, डमकच और आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया।
- कुंदुरमुंडा ग्राम संगठन ने नशापान के खिलाफ नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
- बेहतर बैठक, रिकॉर्ड संधारण और वित्तीय लेन-देन करने वाले पांच सखी मंडल और दो ग्राम संगठनों को पुरस्कृत किया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
बोलबा: प्रखंड के बोलबा आजीविका महिला संकुल संगठन स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड में वार्षिक आमसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सुषमा आनंद और विशिष्ट अतिथि समसेरा पंचायत के मुखिया सुरजन बड़ाइक ने दीप प्रज्वलित कर की।
सखी मंडल की सदस्यों ने प्राकृतिक फूलमाला, पुष्पगुच्छ और बैच पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया। स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया गया। आलींगुड़ ग्राम की बच्चियों ने मनमोहक वंदना नृत्य प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण प्रतिमा कल्लू ने दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
आमसभा के दौरान विभिन्न ग्राम संगठनों की ओर से झुमर, डमकच और आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया गया। वहीं कुंदुरमुंडा ग्राम संगठन की ओर से नशापान विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय कला और सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश भी प्रस्तुत किए गए।
आय-व्यय और आगामी कार्ययोजना की जानकारी
सभा में वर्षभर की कार्य प्रगति, लेखा-जोखा, आय-व्यय और खर्च विवरणी की जानकारी साझा की गई। संकुल की अकाउंटेंट रजनी टेटे ने बोर्ड के माध्यम से वित्तीय विवरण और संगठन की प्रगति की प्रस्तुति दी।
इसके साथ ही आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी सदस्यों के साथ साझा की गई।
पारदर्शिता पर बीडीओ ने दिया जोर
बीडीओ डॉ. सुषमा आनंद ने कहा कि संकुल स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम वर्ष में एक बार आयोजित होते रहने चाहिए। इससे सदस्यों के बीच पारदर्शिता बढ़ती है और संकुल की गतिविधियों की जानकारी सभी सदस्यों तक पहुंचती है।
उन्होंने सभी सदस्यों को ईमानदारी से अपने कार्यों का निर्वहन करने और निरंतर आगे बढ़ने की सलाह दी।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर मुखिया ने रखे विचार
समसेरा पंचायत के मुखिया सुरजन बड़ाइक ने कहा कि जेएसएलपीएस के आने के बाद महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर हुई हैं। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं प्रखंड कार्यालय, बैंक और अन्य सरकारी कार्यालयों में जाने से नहीं झिझकती हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही हैं और अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की आमसभा से पारदर्शिता बढ़ती है और महिलाओं में संगठनात्मक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ती है।
मुखिया ने नशा मुक्ति अभियान को प्रत्येक गांव में मजबूती से चलाने की बात कही और इसमें जनप्रतिनिधियों की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने आगे भी एकजुट होकर कार्य करने पर जोर दिया।
विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी
जेएसएलपीएस कर्मी चंदन कुमार ने सब सेक्टर, वीडीवीके, ई-केवाईसी, आरसेटी प्रशिक्षण, डीडीयू-जीकेवाई और लखपति किसान सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान महिलाओं को आजीविका गतिविधियों, प्रशिक्षण और संगठन से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराई गई।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित
आमसभा में नियमित बैठक, बुक्स ऑफ रिकॉर्ड्स अपडेट रखने और सही वित्तीय लेन-देन सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पांच सखी मंडल और दो ग्राम संगठनों को पुरस्कृत किया गया।
इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कैडरों को भी सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
बड़ी संख्या में महिलाएं रहीं मौजूद
कार्यक्रम का माइक संचालन रंजीता लकड़ा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संकुल की अध्यक्ष कौशल्या देवी ने किया।
आमसभा में 285 सखी मंडलों से सैकड़ों की संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सामुदायिक समन्वयक अमित बागे, आईपीआरपी उषा रानी टोप्पो, ग्रेस लकड़ा, सरीता मिंज, महेश्वरी देवी, मरीयम एक्का, मनोज विलुंग, ममता केरकेट्टा और रामेश्वर बड़ाइक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सत्य संदेश समाचार: पारदर्शिता और महिला आत्मनिर्भरता पर रहा जोर
बोलबा आजीविका महिला संकुल संगठन की वार्षिक आमसभा में वित्तीय विवरण, कार्य प्रगति और आगामी योजनाओं को सदस्यों के सामने रखा गया। कार्यक्रम में महिलाओं की आजीविका, संगठनात्मक पारदर्शिता और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बेहतर कार्य करने वाले सखी मंडलों, ग्राम संगठनों और कैडरों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
महिलाओं की भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
समूह आधारित गतिविधियां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देती हैं।
पारदर्शिता और सही वित्तीय प्रबंधन संगठन की मजबूती के लिए जरूरी है।
प्रशिक्षण और आजीविका योजनाओं की जानकारी से नए अवसर खुल सकते हैं।
महिलाओं की ऐसी उपलब्धियों और सकारात्मक पहलों को आगे बढ़ाना जरूरी है।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






