सिमडेगा के मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में एएनएम नामांकन शुरू मीरा मेमोरियल ट्रस्ट देगा छात्राओं को स्कॉलरशिप का सुनहरा मौका
मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग बानो में सत्र 2026-28 के लिए एएनएम नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई।

झारखंड के सिमडेगा जिला अंतर्गत बानो स्थित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में सत्र 2026-28 के लिए एएनएम पाठ्यक्रम में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मीरा मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा संचालित छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत 12वीं उत्तीर्ण छात्राओं को इस नर्सिंग कोर्स में विशेष छूट दी जाएगी। इसके लिए संस्थान द्वारा एक प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जिसके आधार पर मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलेगी।
- मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग बानो में सत्र 2026-28 के लिए एएनएम (ANM) पाठ्यक्रम में नामांकन की प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ।
- मीरा मेमोरियल ट्रस्ट, सिमडेगा की ओर से छात्राओं को नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना लाई गई है।
- नामांकन के समय छात्राओं के लिए एक विशेष योग्यता परीक्षा (टेस्ट) का आयोजन किया जाएगा, जिसके अंकों के आधार पर फीस में छूट मिलेगी।
- संस्थान का जीएनएम (GNM) पाठ्यक्रम में 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है, जो इसकी उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रमाणित करता है।
- कॉलेज की होनहार छात्रा आकांक्षा तिर्की ने वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय जीएनएम परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त कर संस्थान का मान बढ़ाया है।
- इच्छुक एवं योग्य छात्राएं विस्तृत जानकारी और प्रवेश के लिए कॉलेज प्रबंधन के हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सकती हैं।
सिमडेगा जिले के बानो स्थित प्रतिष्ठित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में नए शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए एएनएम (ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ) पाठ्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। इस वर्ष मीरा मेमोरियल ट्रस्ट, सिमडेगा की ओर से योग्य और जरूरतमंद छात्राओं को नर्सिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए एक विशेष छात्रवृत्ति कार्यक्रम की सौगात दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाली 12वीं उत्तीर्ण छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इस छात्रवृत्ति योजना के तहत मेधावी छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
मीरा मेमोरियल छात्रवृत्ति कार्यक्रम: उद्देश्य और पात्रता
मीरा मेमोरियल ट्रस्ट, सिमडेगा हमेशा से ही क्षेत्र में शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के कार्यों में अग्रणी रहा है। इस वर्ष ट्रस्ट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छुक छात्राओं के लिए विशेष पहल की है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बानो और सिमडेगा सहित पूरे झारखंड की वैसी छात्राएं जो 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुकी हैं, वे आवेदन करने के लिए पात्र हैं।
ट्रस्ट का मानना है कि नर्सिंग एक ऐसा पेशा है जो न केवल रोजगार की गारंटी देता है, बल्कि समाज सेवा का भी सबसे बड़ा माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, लेकिन उचित मार्गदर्शन और आर्थिक तंगी के कारण वे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। इसी खाई को पाटने के लिए मीरा मेमोरियल छात्रवृत्ति कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।
शैक्षणिक उत्कृष्टता और कॉलेज का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड
मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बानो ने बहुत ही कम समय में क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, संस्थान में केवल थ्योरी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय और अनुभवी शिक्षकों की टीम इस कॉलेज की मुख्य ताकत हैं।
कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संस्थान का जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) पाठ्यक्रम में हमेशा 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है। इसके अतिरिक्त, संस्थान की छात्रा आकांक्षा तिर्की ने वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय जीएनएम परीक्षा में पूरे झारखंड में दूसरा स्थान प्राप्त कर इतिहास रचा है। आकांक्षा की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को सही संसाधन और मार्गदर्शन मिले, तो वे राज्य और देश स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
प्रवेश परीक्षा के आधार पर मिलेगी फीस में छूट
इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाने के लिए छात्राओं को एक पारदर्शी प्रक्रिया से गुजरना होगा। कॉलेज प्रबंधन द्वारा नामांकन के समय एक विशेष योग्यता परीक्षा (एप्टीट्यूड टेस्ट) का आयोजन किया जाएगा। इस परीक्षा में छात्राओं के बुनियादी ज्ञान, सामान्य विज्ञान और तार्किक क्षमता का आकलन किया जाएगा।
परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाली और उच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को फीस में विशेष छूट के रूप में छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। यह छात्रवृत्ति सीधे तौर पर उनकी ट्यूशन फीस में समायोजित की जाएगी, जिससे गरीब परिवारों पर पढ़ाई का आर्थिक बोझ काफी कम हो जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर के बढ़ते अवसर और एएनएम का महत्व
वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल चिकित्सा कर्मियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में एएनएम और जीएनएम नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। एएनएम का कोर्स पूरा करने के बाद छात्राओं के पास सरकारी और निजी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं में रोजगार के अपार अवसर उपलब्ध होते हैं।
कॉलेज प्रबंधन ने कहा: "हमारा लक्ष्य सिमडेगा और आसपास के जिलों की बेटियों को न केवल शिक्षित करना है, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक कुशल पेशेवर के रूप में तैयार करना है। हमारी छात्रा आकांक्षा तिर्की की सफलता ने अन्य छात्राओं के भीतर भी एक नया विश्वास जगाया है।"
आवेदन की प्रक्रिया और संपर्क विवरण
एएनएम सत्र 2026-28 में नामांकन और छात्रवृत्ति परीक्षा में शामिल होने के लिए इच्छुक छात्राएं सीधे मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बानो के परिसर में जाकर संपर्क कर सकती हैं। इसके अलावा, दूर-दराज की छात्राओं की सुविधा के लिए कॉलेज प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
प्रवेश से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, योग्यता परीक्षा के पाठ्यक्रम और हॉस्टल की सुविधाओं के बारे में जानने के लिए निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
- 9308070796
- 9006146789
छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज जैसे 10वीं और 12वीं के अंकपत्र, प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, क्योंकि सीटें सीमित हैं।
सत्य संदेश समाचार: ग्रामीण प्रतिभाओं को उड़ान देने वाली सराहनीय पहल
ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग और मीरा मेमोरियल ट्रस्ट की यह संयुक्त पहल सिमडेगा जैसे जिलों में महिला साक्षरता और रोजगार दर को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत इस तरह के छात्रवृत्ति कार्यक्रमों का आयोजन न केवल सराहनीय है, बल्कि यह सरकारी तंत्र को भी यह संदेश देता है कि इच्छाशक्ति हो तो बदलाव संभव है। ऐसी योजनाओं से न केवल छात्राओं का भविष्य संवरता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी कुशल और स्थानीय जनशक्ति मिलती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
देश और समाज की प्रगति तभी संभव है जब हमारी बेटियां शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी। नर्सिंग का क्षेत्र सेवा और सम्मान का प्रतीक है, जहां आप दूसरों की जान बचाने के साथ-साथ अपने परिवार का संबल भी बन सकती हैं। बानो के इस प्रतिष्ठित संस्थान में मिल रहा स्कॉलरशिप का यह अवसर सिमडेगा की हर उस मेधावी बेटी के लिए एक वरदान है जो तंगी के कारण अपने सपनों को दबा देती है। देर न करें, इस अवसर को पहचानें और अपने सपनों को नई उड़ान दें।
क्या आपको लगता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी छात्रवृत्ति योजनाएं बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर को सुधारने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ साझा करें। इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने मित्रों, सगे-संबंधियों और विशेषकर 12वीं पास छात्राओं के साथ जरूर शेयर करें ताकि कोई भी योग्य बेटी इस अवसर से वंचित न रह जाए। सजग रहें, सक्रिय बनें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






