सेंट जेवियर्स कॉलेज सिमडेगा के 70 विद्यार्थी शैक्षिक भ्रमण पर दार्जिलिंग और सिक्किम रवाना
हिंदी एवं वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों को मिलेगी संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय व्यापार की व्यावहारिक जानकारी।

सिमडेगा के सेंट जेवियर्स कॉलेज, धवईपानी के हिंदी एवं वाणिज्य विभाग की ओर से 15 से 22 अक्टूबर 2026 तक दार्जिलिंग और सिक्किम के लिए संयुक्त शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया है। इस यात्रा में दोनों विभागों के कुल 70 विद्यार्थी शामिल हैं। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ भौगोलिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और व्यावसायिक गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।
- सेंट जेवियर्स कॉलेज, धवईपानी के हिंदी एवं वाणिज्य विभाग ने संयुक्त शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया।
- 70 विद्यार्थी यात्रा में शामिल हैं, जिनमें हिंदी विभाग के 38 और वाणिज्य विभाग के 32 विद्यार्थी हैं।
- भ्रमण 15 से 22 अक्टूबर 2026 तक दार्जिलिंग और सिक्किम में निर्धारित है।
- हिंदी विभाग से सुनील केरकेट्टा और प्रतिमा परधिया विद्यार्थियों के साथ शामिल हैं।
- वाणिज्य विभाग से लिपिका सुबीर और सोनू सोबन मुर्मू विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
- यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को स्थानीय संस्कृति, साहित्य, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को समझने का अवसर मिलेगा।
सिमडेगा। सेंट जेवियर्स कॉलेज, धवईपानी के हिंदी एवं वाणिज्य विभाग की ओर से विद्यार्थियों को अनुभव आधारित शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से दार्जिलिंग और सिक्किम के लिए संयुक्त शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया है। 15 अक्टूबर से शुरू होकर 22 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में दोनों विभागों के 70 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
70 विद्यार्थी और चार शिक्षक भ्रमण में शामिल
इस शैक्षिक यात्रा में हिंदी विभाग के 38 तथा वाणिज्य विभाग के 32 विद्यार्थी शामिल हैं। विद्यार्थियों के साथ हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक सुनील केरकेट्टा एवं प्रतिमा परधिया तथा वाणिज्य विभाग की लिपिका सुबीर एवं सोनू सोबन मुर्मू भी शामिल हैं। शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों की विशेषताओं को समझने और अपने ज्ञान का विस्तार करने का अवसर मिलेगा।
किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव पर जोर
शैक्षिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर वास्तविक परिस्थितियों से सीखने का अवसर देना है। दार्जिलिंग और सिक्किम की भौगोलिक विशेषताओं, ऐतिहासिक महत्व, प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानना इस यात्रा का प्रमुख हिस्सा है।
इस तरह के भ्रमण से विद्यार्थियों को पुस्तकों में पढ़ी गई जानकारियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने में मदद मिलती है। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक परिवेश और जीवनशैली को समझने का अवसर भी मिलता है।
हिंदी और वाणिज्य के विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष लाभ
हिंदी विभाग के विद्यार्थियों के लिए यह यात्रा क्षेत्रीय भाषा, साहित्य, लोक-संस्कृति और सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर प्रदान करेगी। विभिन्न क्षेत्रों की भाषाई परंपराओं और सांस्कृतिक विशेषताओं का प्रत्यक्ष अनुभव उनके अध्ययन को अधिक व्यापक बना सकता है।
वहीं, वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों को पर्यटन उद्योग, स्थानीय व्यापार, व्यावसायिक गतिविधियों और आर्थिक संभावनाओं को व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझने में मदद मिलेगी। इससे उन्हें पाठ्यक्रम में पढ़े गए विषयों को वास्तविक आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
व्यक्तित्व विकास में सहायक होगा शैक्षिक भ्रमण
इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों में अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व क्षमता, सामूहिक सहभागिता और सामाजिक समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभिन्न स्थानों पर लोगों की जीवनशैली, संस्कृति और सामाजिक परिस्थितियों को जानने से विद्यार्थियों का दृष्टिकोण व्यापक होता है।
महाविद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को अनुभव आधारित सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है। हिंदी एवं वाणिज्य विभाग का यह संयुक्त शैक्षिक भ्रमण इसी दिशा में एक सार्थक पहल है। उम्मीद है कि यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और यादगार साबित होगी।
सत्य संदेश समाचार: अनुभव आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों का होगा सर्वांगीण विकास
शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया को समझने का अवसर देता है। इससे उनके विषयगत ज्ञान के साथ सामाजिक समझ, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है। दार्जिलिंग और सिक्किम की यात्रा हिंदी एवं वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए अध्ययन को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने का उपयोगी माध्यम बनेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किताबों से मिले ज्ञान को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ें।
नई जगहों की संस्कृति, परंपराओं और आर्थिक गतिविधियों को समझने का प्रयास करें।
अनुशासन, सहयोग और जिज्ञासा को अपनी सीखने की यात्रा का हिस्सा बनाएं।
इस शैक्षिक पहल पर अपनी राय कमेंट में बताएं और खबर साझा कर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दें।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन






