खड़िया यूथ सम्मेलन की तैयारी तेज, 6 से 9 नवंबर तक जुटेंगे समाज के युवा
सिमडेगा, गुमला और रांची के प्रतिनिधियों ने बैठक कर आयोजन की रूपरेखा पर की चर्चा।

खड़िया समुदाय के अखिल भारतीय यूथ सम्मेलन की तैयारियों को लेकर सिमडेगा, गुमला और रांची के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में सम्मेलन की रूपरेखा, युवाओं के मार्गदर्शन, सामाजिक कमियों और तकनीकी जागरूकता पर चर्चा की गई। सम्मेलन 6 से 9 नवंबर 2026 तक आयोजित होगा। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए पंजीकरण शुल्क 200 रुपये निर्धारित किया गया है।
- 6 से 9 नवंबर 2026 तक अखिल भारतीय खड़िया यूथ सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी।
- सिमडेगा, गुमला और रांची के प्रतिनिधियों ने संयुक्त बैठक में लिया हिस्सा।
- सम्मेलन के लिए पंजीकरण शुल्क 200 रुपये निर्धारित किया गया।
- युवाओं के मार्गदर्शन, तकनीकी जागरूकता और सामाजिक कमियों को दूर करने पर चर्चा।
- सम्मेलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न कमिटियों का गठन किया गया।
- दूसरे प्रदेशों में रहने वाले खड़िया समुदाय के लोगों को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा।
सिमडेगा, गुमला और रांची से आए खड़िया समुदाय के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में आगामी अखिल भारतीय खड़िया यूथ सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का संचालन खड़िया समन्वय समिति के अध्यक्ष सह कार्तिक उरांव कॉलेज, गुमला के प्रोफेसर डॉ. चंद्र किशोर केरकेट्टा ने किया। इस दौरान सम्मेलन के सफल आयोजन के साथ समाज के युवाओं को एकजुट करने और समुदाय के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान तलाशने पर जोर दिया गया।
6 से 9 नवंबर तक होगा सम्मेलन
बैठक में निर्णय लिया गया कि अखिल भारतीय खड़िया यूथ सम्मेलन का आयोजन 6 से 9 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। महंगाई को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण शुल्क केवल 200 रुपये रखने की बात कही गई, ताकि समाज के अधिक से अधिक युवा सम्मेलन में शामिल होकर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकें।
बैठक में कहा गया कि सम्मेलन को सफल बनाने के लिए केवल आयोजन समिति ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक परिवार और सदस्य की सहभागिता जरूरी है। इसके लिए सभी जिलों में लोगों को सम्मेलन की जानकारी देने और युवाओं को जोड़ने पर चर्चा हुई।
समाज की कमियों और युवाओं की चुनौतियों पर चर्चा
बैठक में खड़िया समुदाय में व्याप्त कमियों को दूर करने और युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। समाज के लोगों को अपनी परंपरा, संस्कृति और सामूहिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अखिल भारतीय खड़िया महाडोकलो के महासोहोर ने कहा कि जिले के सभी सदस्यों को सम्मेलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने समाज के प्रत्येक परिवार से भी आयोजन में योगदान देने की अपील की।
अखिल भारतीय खड़िया महाडोकलो के पूर्व महासोहोर पैट्रिक कुलकांत केरकेट्टा ने बैठक में विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। वहीं, रांची से आए संत जेवियर कॉलेज सिमडेगा के पूर्व प्राचार्य फादर एफ्रेम बा' ने युवाओं की बुनियादी मजबूती और उनके उचित मार्गदर्शन के महत्व पर प्रकाश डाला।
तकनीक और मीडिया के क्षेत्र में जागरूकता पर जोर
बैठक में समाज के भीतर तकनीक और मीडिया के क्षेत्र में मौजूद कमियों को दूर करने पर भी विचार किया गया। प्रतिनिधियों ने युवाओं को आधुनिक तकनीक, सूचना और मीडिया से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
साथ ही समाज के हर वर्ग के लोगों को अपने समुदाय के विकास और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया गया। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि युवाओं को सही मार्गदर्शन और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें समाज के विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाए।
सम्मेलन के लिए बनाई गईं विभिन्न कमिटियां
सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बैठक में कई कमिटियों का गठन किया गया। संबंधित कमिटियों को उनके कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों की जानकारी देने पर भी चर्चा हुई, ताकि आयोजन की तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
इसके साथ ही सिमडेगा के कॉलेजों और प्लस टू विद्यालयों को ध्यान में रखते हुए युवाओं तक सम्मेलन की जानकारी पहुंचाने की बात रखी गई। सिमडेगा, गुमला और रांची के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन की रूपरेखा तैयार कर अगले निर्देश तक जारी करने का निर्णय लिया।
सम्मेलन में दूसरे प्रदेशों में रहने वाले खड़िया समुदाय के सगे-संबंधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे व्यापक स्तर पर समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इनसे प्राप्त कर सकते हैं सम्मेलन की जानकारी
अखिल भारतीय खड़िया यूथ सम्मेलन से संबंधित जानकारी के लिए श्री रजत कुमार टेटे, श्री चंद्र किशोर केरकेट्टा, श्री कुलभूषण डुंगडुंग, श्री सुमन कुल्लू, श्रीमती इंदु रानी, सुश्री उंजियाला सोरेंग, हेलेना, असीमा डुंगडुंग, रोशन डुंगडुंग, ब्रीसियुस सोरेंग और एरेनसियुस केरकेट्टा से संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में सिमडेगा, रांची और गुमला के प्रतिनिधियों के साथ खड़िया समुदाय के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सामूहिक सहभागिता के माध्यम से उपस्थित लोगों ने समाज की एकता और सम्मेलन को सफल बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
सत्य संदेश समाचार: युवाओं की भागीदारी से मजबूत हो सकता है समाज का भविष्य
अखिल भारतीय खड़िया यूथ सम्मेलन को लेकर हुई संयुक्त बैठक में युवाओं के मार्गदर्शन, तकनीकी जागरूकता और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की गई। सम्मेलन की सफलता समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता, तय जिम्मेदारियों के निर्वहन और तैयारियों के प्रभावी समन्वय पर निर्भर करेगी। युवाओं को शिक्षा, तकनीक और सामाजिक विकास से जोड़ने के प्रयास समुदाय के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
युवा किसी भी समाज के भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत होते हैं।
अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ आधुनिक शिक्षा और तकनीक को भी अपनाएं।
समाज की चुनौतियों पर संवाद करें और उनके समाधान में योगदान दें।
सम्मेलन में भाग लेकर विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान करें।
एकता, सहयोग और जागरूकता के माध्यम से समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
सत्य संदेश समाचार के साथ जुड़े रहें और इस खबर को खड़िया समुदाय के युवाओं तक पहुंचाएं।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार पोर्टल पर प्रसारित ख़बरें केवल जन-सूचना और शैक्षणिक दृष्टिकोण के लिए प्रकाशित की जा रही हैं। यह वर्तमान में एक प्रदर्शन









